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लगातार बारिश से नया रिंगबांध भी खतरे में
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गोंडा में ऐली परसौली गांव के समीप बनाया गया रिंग बांध।
- फोटो : GONDA
उमरीबेगमगंज (गोंडा)। ऐलीपरसौली में बाढ़ का पानी कहर बरपा रहा है। बिशुनपुरवा के सामने भिखारीपुर-सकरौरा तटबंध टूटने के बाद गांव को बाढ़ की तबाही से बचाने के लिए बनाए गए रिंग बांध पर बाढ़ के पानी का दबाव बनता जा रहा है। रास्ते पर बनाए गए रिंग बांध की स्थिति बहुत ही कमजोर है और तेज बारिश होने पर यहां स्थिति बिगड़ सकती है।
रास्ते पर बनाया गया रिंग बांध पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है और आवागमन में भी समस्या हो रही है। बांध को बचाने के लिए लाई जाने वाली राहत सामग्री भी पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, जिससे रिंग बांध खतरे में है। दूसरी तरफ खेत में बनाया गया रिंग बांध भी दरकने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह बांध कभी भी ढह सकता है।
फिलहाल जल स्तर बढ़ने और बारिश के चलते रिंग बांध का वजूद कब तक कायम रहता है, इस बांध का वजूद भगवान भरोसे दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों की माने तो जल स्तर बढ़ने पर पानी बांध के ऊपर से बहने लगेगा। वहीं विभागीय अधिकारी सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं और बचाव कार्य जारी है। उधर जलस्तर बढ़ने से ऐलीपरसौली के करीब 33 मजरे बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। यहां प्रशासन की तरफ से 18 नावें आवागमन के लिए लगाई गई हैं। एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ पर सक्रिय नजर रखी जा रही है। विस्थापित परिवारों को सहायता दी जा रही है।
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रास्ते पर बनाया गया रिंग बांध पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है और आवागमन में भी समस्या हो रही है। बांध को बचाने के लिए लाई जाने वाली राहत सामग्री भी पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, जिससे रिंग बांध खतरे में है। दूसरी तरफ खेत में बनाया गया रिंग बांध भी दरकने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह बांध कभी भी ढह सकता है।
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फिलहाल जल स्तर बढ़ने और बारिश के चलते रिंग बांध का वजूद कब तक कायम रहता है, इस बांध का वजूद भगवान भरोसे दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों की माने तो जल स्तर बढ़ने पर पानी बांध के ऊपर से बहने लगेगा। वहीं विभागीय अधिकारी सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं और बचाव कार्य जारी है। उधर जलस्तर बढ़ने से ऐलीपरसौली के करीब 33 मजरे बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। यहां प्रशासन की तरफ से 18 नावें आवागमन के लिए लगाई गई हैं। एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ पर सक्रिय नजर रखी जा रही है। विस्थापित परिवारों को सहायता दी जा रही है।
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