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Gonda News: पांच माह में न हत्यारे पकड़े गए और न पता चला कत्ल का कारण
Sun, 24 Nov 2024 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 24 Nov 2024 12:07 AM IST
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प्रमिला तिवारी की फाइल फोटो
इटियाथोक (गोंडा)। विशुनपुर तिवारी के रमगढि़या गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या के पांच माह बीतने पर भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। इटियाथोक पुलिस मामले में महज जांच व साक्ष्यों को जुटाने के दावे कर रही है। आलम यह है कि न तो हत्यारे पकड़े गए और न ही सनसनीखेज वारदात के कारणों का पता चल सका।
गत 25 जुलाई को दोपहर दो बजे संदिग्ध परिस्थितियों में बिशुनपुर तिवारी के रमगढ़िया गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रमिला तिवारी (40) का शव घर से 400 मीटर दूर गन्ने के खेत में मिला था। प्रमिला के पति देव प्रकाश तिवारी ने गांव के ही तीन लोगों को नामजद करते हुए रंजिशन हत्या का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पुलिस पांच महीने से जांच के दावे ही कर रही है। हत्यारों को पकड़ना तो दूर कारणों तक का पता नहीं चल सका है।
जबकि तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दुर्गविजय सिंह का स्थानांतरण कौड़िया थाने में हो गया। आरोप है कि पुलिस जांच के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है। जबकि खुद स्थानीय विधायक ने भी परिजनों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। प्रभारी निरीक्षक शेषमणि पांडेय ने बताया कि जांच की जा रही है, जल्द खुलासा किया जाएगा।
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गत 25 जुलाई को दोपहर दो बजे संदिग्ध परिस्थितियों में बिशुनपुर तिवारी के रमगढ़िया गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रमिला तिवारी (40) का शव घर से 400 मीटर दूर गन्ने के खेत में मिला था। प्रमिला के पति देव प्रकाश तिवारी ने गांव के ही तीन लोगों को नामजद करते हुए रंजिशन हत्या का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पुलिस पांच महीने से जांच के दावे ही कर रही है। हत्यारों को पकड़ना तो दूर कारणों तक का पता नहीं चल सका है।
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जबकि तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दुर्गविजय सिंह का स्थानांतरण कौड़िया थाने में हो गया। आरोप है कि पुलिस जांच के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है। जबकि खुद स्थानीय विधायक ने भी परिजनों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। प्रभारी निरीक्षक शेषमणि पांडेय ने बताया कि जांच की जा रही है, जल्द खुलासा किया जाएगा।
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