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Gonda News: किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाए आम के बाैर
Tue, 10 Mar 2026 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 10 Mar 2026 12:16 AM IST
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इटियाथोक में आम के पेड़ में आए बौर। - संवाद
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जयप्रभाग्राम। इटियाथोक क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में आम के पेड़ों पर बौर देखकर किसान और बागवान प्रफुल्लित हैं। बाग-बगीचों में फैली बौर की खुशबू माहौल को सकारात्मक बना रही है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में तेज आंधी, ओलावृष्टि या असमय वर्षा नहीं हुई तो इस बार आम की पैदावार बेहतर होने की संभावना है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम की मार से आम की फसल प्रभावित हुई थी। इस बार अच्छी पैदावार और आमदनी की उम्मीद जगी है।
देवतहा, पारासराय, मऊ शमसाबाद, गांधी चबूतरा तथा दीनदयाल शोध संस्थान के बागों में आम की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। आम की फसल क्षेत्र के किसानों की आय का प्रमुख स्रोत मानी जाती है। ऐसे में बौर लगना किसानों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। फिलहाल बागों में छाई हरियाली और पेड़ों पर आए बौर किसानों में नई उम्मीद जगा रहे हैं।
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डीएचओ रश्मि शर्मा ने बताया कि मौसम अनुकूल रहा तो इस वर्ष आम की अच्छी पैदावार हो सकती है। उन्होंने किसानों को बागों की निगरानी, कीट नियंत्रण के लिए छिड़काव और समय पर हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।
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कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में तेज आंधी, ओलावृष्टि या असमय वर्षा नहीं हुई तो इस बार आम की पैदावार बेहतर होने की संभावना है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम की मार से आम की फसल प्रभावित हुई थी। इस बार अच्छी पैदावार और आमदनी की उम्मीद जगी है।
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देवतहा, पारासराय, मऊ शमसाबाद, गांधी चबूतरा तथा दीनदयाल शोध संस्थान के बागों में आम की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। आम की फसल क्षेत्र के किसानों की आय का प्रमुख स्रोत मानी जाती है। ऐसे में बौर लगना किसानों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। फिलहाल बागों में छाई हरियाली और पेड़ों पर आए बौर किसानों में नई उम्मीद जगा रहे हैं।
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डीएचओ रश्मि शर्मा ने बताया कि मौसम अनुकूल रहा तो इस वर्ष आम की अच्छी पैदावार हो सकती है। उन्होंने किसानों को बागों की निगरानी, कीट नियंत्रण के लिए छिड़काव और समय पर हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।