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2715 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2015 11:27 PM IST
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दोपहर दो बजे तक करीब आधे वोटरों ने मतदान कर लिया। उतरौला, गैड़ास बुजुर्ग व रेहरा बाजार ब्लॉक के 543 बूथों पर चुनाव लड़ रहे कुल 2715 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में कैद हो गई। युवा, बुजुर्ग, निशक्त व नई-नवेली दुल्हनों में भी मतदान के प्रति खासा उत्साह दिखाई दिया।
मतदान के दौरान हिंसा की कोई वारदात न होने के चलते प्रशासन ने राहत की सांस ली। उतरौला ग्रामीण ग्राम पंचायत के बूथ संख्या तीन पर वोटरों ने सीडीओ तथा तुलसीपुर सीओ पर पीटने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। वोटरों का आरोप है कि अधिकारियों ने निर्दोष लोगों को प्रताड़ित किया है।
युवा वोटरों में दिखा उत्साह
ग्राम पंचायत चुनाव में पहली बार वोटर बने लोगों में मतदान के प्रति खासा उत्साह दिखाई दिया। युवा वोटर सवेरे से ही बूथों पर कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। मतदान के बाद बताया कि उन्होंने गांव की सरकार चुनने के लिए पहली बार मतदान किया है। युवा अपने जन प्रतिनिधि से गांव तथा समाज के विकास की अच्छी उम्मीद भी कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि गांव के विकास से ही देश का विकास संभव है।
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आधी आबादी भी दिखी जागरूक
गांव की सरकार चुनने में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की दिलचस्पी भी कम नहीं दिखी। बूथों पर महिलाओं की लगी लंबी कतारें यह साबित कर रही थी कि गांव की सरकार के प्रति अब आधी आबादी भी पूरी तरह से जागरूक है। नई-नवेली दुल्हनों ने भी दहलीज पार कर मतदान किया। बूथों पर घूंघट की आड़ से भी वोटों की जमकर बरसात हुई। चूल्हा-चौका छोड़ आधी आबादी बूथों पर नजर आई।
बुजुर्ग व निशुक्त भी पहुंचे पोलिंग बूथ
गांव की सरकार के प्रति जागरूकता का आलम यह रहा है कि बुजुर्ग, बीमार व निशक्तजनों ने भी मतदान किया। बुजुर्गों का कहना था कि मतदान लोकतंत्र की मजबूती का परिचायक है। हर जिम्मेदार नागरिक को मतदान जरूर करना चाहिए। इसके जरिए ही हम अपने लिए सुयोग्य एवं ईमानदार जनप्रतिनिधि चुनते हैं। गांव ही देश की सबसे छोटी ईकाई है। इसके विकास लिए होने वाले चुनाव में हमें मतदान अवश्य करना चाहिए।
वोटरों की चौखट पर जुटे प्रत्याशी
प्रधानी व ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी मतदान के दिन भी वोटरों की चौखट पर मंडराते दिखे। वोटरों को घर से निकालकर बूथ तक पहुंचाने के लिए मान-मनौवल का क्रम दिन भर जारी रहा। चलने-फिरने में असहाय मतदाताओं को निजी वाहनों से चोरी-छिपे बूथ तक पहुंचाने का काम प्रत्याशी व उनके समर्थक कर रहे थे। इस काम में प्रत्याशियों ने महिला समर्थकों को भी लगा रखा था। घरों की महिलाओं को भी बूथ तक ले जाने के हर संभव उपाय किये गए।
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मतदान के दौरान हिंसा की कोई वारदात न होने के चलते प्रशासन ने राहत की सांस ली। उतरौला ग्रामीण ग्राम पंचायत के बूथ संख्या तीन पर वोटरों ने सीडीओ तथा तुलसीपुर सीओ पर पीटने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। वोटरों का आरोप है कि अधिकारियों ने निर्दोष लोगों को प्रताड़ित किया है।
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युवा वोटरों में दिखा उत्साह
ग्राम पंचायत चुनाव में पहली बार वोटर बने लोगों में मतदान के प्रति खासा उत्साह दिखाई दिया। युवा वोटर सवेरे से ही बूथों पर कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। मतदान के बाद बताया कि उन्होंने गांव की सरकार चुनने के लिए पहली बार मतदान किया है। युवा अपने जन प्रतिनिधि से गांव तथा समाज के विकास की अच्छी उम्मीद भी कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि गांव के विकास से ही देश का विकास संभव है।
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आधी आबादी भी दिखी जागरूक
गांव की सरकार चुनने में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की दिलचस्पी भी कम नहीं दिखी। बूथों पर महिलाओं की लगी लंबी कतारें यह साबित कर रही थी कि गांव की सरकार के प्रति अब आधी आबादी भी पूरी तरह से जागरूक है। नई-नवेली दुल्हनों ने भी दहलीज पार कर मतदान किया। बूथों पर घूंघट की आड़ से भी वोटों की जमकर बरसात हुई। चूल्हा-चौका छोड़ आधी आबादी बूथों पर नजर आई।
बुजुर्ग व निशुक्त भी पहुंचे पोलिंग बूथ
गांव की सरकार के प्रति जागरूकता का आलम यह रहा है कि बुजुर्ग, बीमार व निशक्तजनों ने भी मतदान किया। बुजुर्गों का कहना था कि मतदान लोकतंत्र की मजबूती का परिचायक है। हर जिम्मेदार नागरिक को मतदान जरूर करना चाहिए। इसके जरिए ही हम अपने लिए सुयोग्य एवं ईमानदार जनप्रतिनिधि चुनते हैं। गांव ही देश की सबसे छोटी ईकाई है। इसके विकास लिए होने वाले चुनाव में हमें मतदान अवश्य करना चाहिए।
वोटरों की चौखट पर जुटे प्रत्याशी
प्रधानी व ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी मतदान के दिन भी वोटरों की चौखट पर मंडराते दिखे। वोटरों को घर से निकालकर बूथ तक पहुंचाने के लिए मान-मनौवल का क्रम दिन भर जारी रहा। चलने-फिरने में असहाय मतदाताओं को निजी वाहनों से चोरी-छिपे बूथ तक पहुंचाने का काम प्रत्याशी व उनके समर्थक कर रहे थे। इस काम में प्रत्याशियों ने महिला समर्थकों को भी लगा रखा था। घरों की महिलाओं को भी बूथ तक ले जाने के हर संभव उपाय किये गए।