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1000 गावों में आजादी के 70 साल बाद भी नही पहुंची रोशनी

Sun, 23 Feb 2020 09:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Feb 2020 09:51 PM IST
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Light not reached in 1000 villages even after 70 years of independence
गोंडा। जिले के एक हजार से अधिक गांवों के करीब 3 लाख लोग आजादी के 70 साल बाद भी अंधेरे में हैं। उनके गांव में अंधेरा कायम है और अभी भी वह लोग ढिबरी और लालटेन युग में रह रहे हैं। ऐसा तब है जब केन्द्र और राज्य सरकार ने सौभाग्या योजना से हर गांव में बिजली पहुंचाने के लिए कवायद कर रही है।
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100 से अधिक गांव तो ऐसे हैं जहां पर खंभे खड़े किए और ग्रामीणों के हाथ में मीटर दे दिए लेकिन आपूर्ति के लिए एक साल से लोग दौड़ रहे हैं। ऐसे ही एक गांव के लोगों का दर्द बाहर आया। तरबगंज तहसील के दुर्जनपुर घाट गांव के मजरे घनटहन पुरवा में देश की आजादी के बाद से बिजली नहीं पहुंची है।
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यहां एक साल पहले सौभाग्य योजना से गांव के जगमग करने के इरादे से गांव में खंभे तो लगा दिए गए। मगर न तो तार दौड़ाया गया और न ही ट्रांसफार्मर ही लगाया गया।
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सौभाग्य योजना से लोगों के घरों में विद्युत कनेक्शन की लाइन खींच दी गई मीटर भी लगा दिए गए। मगर बिजली नहीं जली। अब ग्रामीणों को कोटे से मिलने वाला केरोसिन भी बंद कर दिया गया। जिससे गांव के 500 लोग अंधेरे में रात गुजारते हैं।
नवाबगंज विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत दुर्जनपुर घाट गांव के मजरे घटहन पुरवा में विद्युतीकरण योजना का सच सामने उजागर होता दिख रहा है। ऐसा यह अकेला गांव नही हैं, जिले के एक हजार से अधिक गांवों में अभी विद्युतीकरण का कार्य ही हो रहा है और 100 से अधिक गांवों में का हाल तो घटहन पुरवा जैसा ही है।
यहां के बाशिंदों को विद्युतीकरण के नाम पर गड़े पोल और घर पर रखे मीटर ही नसीब हो रहे हैं, कनेक्शन किए एक वर्ष से अधिक समय बीत गया लेकिन अब तक ना तो विद्युत पोलों पर तार खींचे गए हैं ना ही ट्रांसफार्मर लगाया गया। किसी उपभोक्ता के घर तक विद्युत कनेक्शन दौड़ाया गया है। उधर गांव का कोटेदार ग्रामीणों को मिट्टी का तेल भी नहीं वितरित कर रहा है जिससे लगभग 25 परिवार अंधेरे में रहने को विवश हैं।
घटहन पुरवा गांव की बकरीदन बताती है कि बजाज कम्पनी के लोग खम्भा लगाए और हाथ में मीटर थमा कर गायब हो गए। कुछ लोग 25 फरवरी 2019 को गांव में आए और लोगों से आधार कार्ड मांग कर नए कनेक्शन की रसीद पकड़ा कर चले गए।
मोहर्रम अली ने बताया कि उनके पास पुराना कनेक्शन था फिर भी नया कनेक्शन कर दिया। जरीबउन्नीसा, शबनम, सपनेम, इस्लाम अली, कुसुमा, गुड्डा, रामराज, हरिश्चंद्र, शांति देवी, रामदुलारी तथा कलावती के यहां भी न बिजली है ना तार लगा है।

ना ही गांव में ट्रांसफार्मर है फिर भी विद्युतीकरण कर कनेक्शन कर दिया गया है। उधर गांव के कोटेदार ने अब ग्रामीणों को मिट्टी तेल देना भी बंद कर दिया है जिससे लगभग 500 लोगों की आबादी अंधेरे में रहने को विवश है। अब ग्रामीणों ने जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर विद्युतीकरण ना करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है वहीं ग्रामीणों ने बगैर विद्युतीकरण के कनेक्शन करने वाले लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।
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