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वरासत के लिए एक साल से दौड़ाने वाला लेखपाल निलंबित

Wed, 17 Nov 2021 11:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 11:21 PM IST
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Lekhpal, who ran for one year for inheritance, suspended
गोंडा। सदर तहसील के खम्हरिया हरिवंश में पति-पत्नी की मौत के बाद भी बेटे की वरासत दर्ज नहीं हो पाई। मामले की शिकायत पीड़ित ने एसडीएम विनोद कुमार सिंह से की। उन्होंने जांच की तो पाया कि शासन से तय समय में वरासत नहीं किया गया है।
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यही नहीं फरवरी 2021 तक वरासत के लिए विशेष अभियान भी चला, फिर भी लेखपाल ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने लेखपाल रमेश सिंह को निलंबित कर दिया है और जांच तहसीलदार को सौंपी है।
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गांव के चेतराम प्रजापति की पिता की मौत 27 अगस्त 2020 को हुई और फिर मां कृष्णा देवी की भी मौत 6 अक्टूबर 2021 को हो गई। इसके बाद भी पीड़ित चेतराम वरासत के लिए दौड़ता रहा और लेखपाल ने एक न सुनी।
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एसडीएम ने बताया कि लेखपाल ने अपने पद दायित्वों का पालन नहीं किया। जांच में यह बात सामने आई कि 27 अगस्त 2020 को पीडित के पिता की मौत पर वरासत नहीं की गई। इसके बाद महिला की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। फिर भी वरासत नहीं किया गया।
यही नहीं लेखपाल ने मुख्यमंत्री कल्याण दुर्घटना योजना के लिए भी कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसा तब है, जब पीड़ित चेतराम लगातार लेखपाल से मिलता रहा है और पैरवी करता रहा।
जांच में यह बात भी सामने आई कि जानबूझकर लेखपाल ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसडीएम ने पूरे मामले में लेखपाल की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए उसे निलंबित कर दिया। साथ ही तहसील के राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया है कि ऐसे में मामलों में कतई लापरवाही न हो।
तरबगंज तहसील के सिंगहा चंदा पूरे ऊंचे दुबरा में भी वरासत का एक मामला सामने आया है। यहां के रामनेवाज की मौत 21 मई 2021 को हो गई थी। उनकी पत्नी रामलली वरासत के लिए दौड़ती रही, लेकिन वरासत नहीं हो सका। आनलाइन शिकायत की तो राजस्व कर्मियों और अधिकारियों ने रिपोर्ट लगा दी कि मृतक के नाम कोई भूमि ही नही है।

इससे महिला रामलली की तबीयत खराब हो गई और सदमे में उसकी मौत हो गई। तरबगंज के धनश्याम जायसवाल ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है। उनका कहना है कि 10 बीघे भूमि मृतक के नाम थी और एक बीघा उसने बेचा था। नौ बीघा भूमि के आधार पर केसीसी बनवाया था और दो लाख ऋण भी लिया था। इसके बाद भी भूमि न होने की रिपोर्ट से महिला सदमे में आ गई थी। उन्होंने जांच की मांग की है।
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