फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   lekhapaals,salary return

भूमि घोटाला: लेखपाल हुआ रिवर्ट, हर महीने 55 हजार रुपये वेतन घटा

Sat, 23 Apr 2022 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
lekhapaals,salary return
गोंडा। भूमि घोटाले में आरोपी लेखपाल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सदर तहसील में तैनात लेखपाल प्रेम चंद्र वर्मा को अब मूल वेतन पर एसडीएम ने पदावनत कर दिया है। ऐसे में अब लेखपाल का वेतन हर महीने 55 हजार रुपये कम हो गया है। एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि प्रकरण गंभीर था, पीआईएल में आदेश होने पर जांच हुई थी। जिसमें लेखपाल पर दोष की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि नॉन जेड ए भूमि का खाता नहीं बन सकता है। फिर भी लेखपाल ने खतौनी तैयार करते समय उसका भी खाता बना दिया और अपने पद का दुरुपयोग किया। इससे लेखपाल को मूल वेतन पर किए जाने का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन

सदर तहसील में तैनात लेखपाल प्रेमचंद्र वर्मा ने तरबगंज तहसील में तैनाती के समय हेराफेरी की थी। नवाबगंज स्थित एक भूमि का खाता बनाया था। जिससे उस भूमि को दूसरों के नाम दर्ज कर दिया गया, जिसमें कोई परिवर्तन किसी भी दशा में संभव नहीं था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल होने पर डीएम ने सीआरओ की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित की। जांच में आरोपों की पुष्टि हुई और यह माना गया कि राजस्व नियमों के आधार पर यह गंभीर अपराध है। ऐसे मेें पहले लेखपाल को निलंबित किया गया। रिपोर्ट आने पर डीएम ने एसडीएम सदर विनोद कुमार सिंह को कार्रवाई के निर्देश दिए।
विज्ञापन

एसडीएम ने लेखपाल के कृत्य को काफी गंभीर माना और उसे मूल वेतन पर रिवर्ट करने का आदेश जारी कर दिया है। अभी तक लेखपाल प्रेम चंद्र वर्मा को 83 हजार 971 रुपये वेतन का भुगतान होता था। निलंबन की दशा में भी आधा वेतन दिया जाना है। मगर मूल वेतन पर रिवर्ट करने के बाद अब उन्हें 28 हजार 427 रुपये ही वेतन मिलेगा। निलंबन की दशा में इसी वेतन का आधा मिलेगा। ऐसे में 55 हजार रुपये से अधिक की कमी हर महीने वेतन में होगी। यही नहीं सेवानिवृत्ति की दशा में इनकी पेंशन आदि भी इसी वेतन के आधार पर तय होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

अपील पर भी लाभ मिलने की उम्मीद कम
भूमि घोटाले के आरोपी लेखपाल प्रेमचंद्र वर्मा का वेतन आधे से भी कम हो गया है। मूल वेतन पर रिवर्ट करने से उसे अब वही वेतन मिल सकेगा, जो नए लेखपाल को मिलता है। इस कार्रवाई के खिलाफ लेखपाल जिलाधिकारी के यहां अपील कर सकता है, लेकिन इस मामले में अपील पर भी कोई लाभ मिलने की उम्मीद कम है। राजस्व के जानकार बताते हैं कि मामले में पीआईएल दाखिल है और हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हुई है। इसके अलावा पांच अफसरों की टीम ने पूरे मामले की छानबीन की है। संबंधित लेखपाल को सुनवाई का पूरा अवसर मिला है। ऐसे में अब अपील से कोई राहत मिलने की उम्मीद न के बराबर है।
दो साल में ही होगी सेवानिवृत्ति, पेंशन पर भी संकट
भूमि घोटाले का आरोपी लेखपाल दो साल बाद ही सेवानिवृत्त हो रहा है। ऐसे में उसकी पेंशन पर भी संकट रहेगा। मौजूदा समय में मिलने वाले वेतन के आधार पर यदि पेंशन तय होती तो 40 हजार से 50 हजार के बीच पेंशन तय होती। मूल वेतन पर रिवर्ट किए जाने के बाद सेवानिवृत्ति पर उसे काफी कम पेंशन मिलेगी। विभाग के जानकार कहते हैं ऐसे में ज्यादा से ज्यादा 15 से 20 हजार रुपये के बीच ही पेंशन तय होगी।

भूमि से जुड़े मामलों में लेखपालों को हर हफ्ते निर्देश दिए जाते हैं। गड़बड़ी न करने की हिदायत दी जाती है। इसके बाद लोग हेराफेरी करेंगे तो गंभीर कार्रवाई ही होगी। विनोद कुमार सिंह, एसडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed