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Gonda News: वकीलों ने समाधान दिवस का किया बहिष्कार
Sat, 15 Nov 2025 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 15 Nov 2025 11:34 PM IST
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तरबगंज तहसील में एकत्र अधिवक्ता। - संवाद
तरबगंज। तहसील के विभिन्न न्यायालयों में कार्यों में शिथिलता, लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शनिवार को अधिवक्ताओं ने तीखा विरोध दर्ज कराया। नाराज वकीलों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए तहसील का चैनल गेट बंद कर दिया।
करीब 11 बजे एडिशनल एसपी राधेश्याम राय पहुंचे तो एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने गेट खुलवाया, तब अधिकारियों को तहसील परिसर में प्रवेश मिला। दोपहर 12:15 बजे डीएम प्रियंका निरंजन के पहुंचते ही अधिवक्ता एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विरोध तेज होने पर डीएम ने अधिवक्ताओं से संवाद किया और न्यायिक कार्यों में अवरोध पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वादकारियों की समस्या का समाधान प्राथमिकता है, जरूरत पड़ी तो खेत में न्यायालय लगाकर भी सुनवाई करेंगे।
इसके बाद डीएम फरियादियों की समस्याएं सुनने सभागार पहुंचीं। बार एसोसिएशन के मंत्री रविंद्रनाथ पांडेय ने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकारी अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जनसुनवाई नहीं करते और कई तहसील कोर्ट नियमित रूप से बंद रहती हैं। दाखिल-खारिज के पुराने मामलों को लेने से मना किया जा रहा है, जिससे वादकारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समाधान दिवस के बाद डीएम ने अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर कार्यों में सुधार का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोपों पर एसडीएम से आख्या मांगी गई है, और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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करीब 11 बजे एडिशनल एसपी राधेश्याम राय पहुंचे तो एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने गेट खुलवाया, तब अधिकारियों को तहसील परिसर में प्रवेश मिला। दोपहर 12:15 बजे डीएम प्रियंका निरंजन के पहुंचते ही अधिवक्ता एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विरोध तेज होने पर डीएम ने अधिवक्ताओं से संवाद किया और न्यायिक कार्यों में अवरोध पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वादकारियों की समस्या का समाधान प्राथमिकता है, जरूरत पड़ी तो खेत में न्यायालय लगाकर भी सुनवाई करेंगे।
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इसके बाद डीएम फरियादियों की समस्याएं सुनने सभागार पहुंचीं। बार एसोसिएशन के मंत्री रविंद्रनाथ पांडेय ने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकारी अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जनसुनवाई नहीं करते और कई तहसील कोर्ट नियमित रूप से बंद रहती हैं। दाखिल-खारिज के पुराने मामलों को लेने से मना किया जा रहा है, जिससे वादकारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समाधान दिवस के बाद डीएम ने अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर कार्यों में सुधार का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोपों पर एसडीएम से आख्या मांगी गई है, और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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