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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की अनिमितता की जांच हुई

Sun, 17 Oct 2021 11:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Oct 2021 11:18 PM IST
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Investigation of disturbances in Chief Minister's mass marriage scheme started
गोंडा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई गड़बड़ी की जांच सीडीओ शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर रविवार को विभिन्न गांवों में शुरू हुई। टीम के गांव में पहुंचने पर हुए खुलासे से गांव के लोग दंग रह गए।
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रविवार को ब्लाक मनकापुर में नामित अधिकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, नायब तहसीलदार मनकापुर, खंड विकास अधिकारी परसपुर ने बल्लीपुर, दिनकरपुर, सिसवा, तामापार, भिटौरा, बैरीपुर रामनाथ, कटहर बुटहनी आदि गांवों का स्थलीय जांच किया।
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दिनकरपुर में नायब तहसीलदार ने जांच किया तो ग्रामीणों के सामने चौकाने वाले खुलासे हुए। लाभार्थी नीतू मिश्रा पुत्री राजेन्द्र प्रसाद की शादी कई वर्ष पहले हुई बतायी गयी। यही नहीं इस लाभार्थी के वर्तमान में दो माह की बेटी भी है। रोशनी पुत्र जमशेर की शादी गांव के ही एक लड़के के साथ कई माह पहले हो चुकी है। शबनम पुत्री रहमत अली की शादी एक वर्ष पहले हो चुकी है।
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रूबी पुत्री सुरेंद्र की शादी भी पहले हो चुकी है। इस प्रकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जमकर गड़बड़ी प्रतीत हो रही है। टीम को अन्य गांवों में गड़बड़ी मिली है। लेकिन लोग उसे दबाने में लग गये। नाम न छापने की शर्त पर एक जांच अधिकारी ने बताया कि अपात्र को पात्र बनाने के लिए ग्राम प्रधान व अन्य कुछ लोग मनुहार करने में जुटे हैं।
इस प्रकार पूर्व में हुए शादी-शुदा जोड़े को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में चयनित कराकर अपात्र को लाभ दिलाने का कार्य किया गया। मनकापुर ब्लाक के विभिन्न ग्राम पंचायतों के 55 लाभार्थियों, छपिया में 41, बभनजोत में 63 लाभार्थियों का चयन किया गया था।
बताते चले कि मनकापुर में चयन बहुत ही गलत तरीके से किये जाने की पुष्टि हो रही है। अभिलेखों के अनुसार ग्राम विकास अधिकारी (समाज कल्याण) व खंड विकास अधिकारी के हस्ताक्षर से आनन फानन में सूची तैयार कराकर शासन स्तर के कार्यक्रम मुख्य मंत्री सामूहिक विवाह में चयनित कर दिया गया।

अभी तो ये कहिये की लाभार्थियों के खाते में प्रति लाभार्थी 35 हजार रुपये की धनराशि नहीं भेजी गयी थी नहीं तो एक बड़ा वित्तीय घोटाला भी सामने आ जाता। अभी तो केवल विवाह में दिये जाने वाले सामान व खानपान पर ही धनराशि खर्च हुई है। लेकिन यदि इसके पहले हुए सामूहिक विवाह पर खर्च एवं लाभार्थियों की जांच हुई तो कईयों की गर्दन नप सकती है। सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने बताया जांच में दोषी पाये गये लोगों पर कड़ी कार्यवाई होगी।
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