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खरीद की रफ्तार सुस्त, बिचौलियों को बेच रहे धान
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गोंडा के बेलसर में धान क्रय केंद्र का निरीक्षण करती डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। जिले में धान खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है, सरकारी खरीद की जटिलता के चलते किसान बिचौलियों के हाथों धान बेच दे रहे। खरीद शुरू हुए करीब तीन सप्ताह होने को हैं, बावजूद लक्ष्य का दो फीसदी भी खरीद नहीं हो सकी। खरीद बढ़ाने के लिए अधिकारी किसानों से संपर्क कर धान बेचने की अपील कर रहे हैं।
जिले में पहली नवंबर से पांच एजेंसियों की ओर से 107 क्रय केंद्रों पर खरीद की जानी थी। 18 नवंबर तक 85 केंद्रों पर खरीद शुरू हो सकी। वर्ष 2022-23 में शासन की ओर से 98000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके सापेक्ष अभी तक 275 किसानों से 1244 मीट्रिक टन धान की खरीद हो सकी। जबकि खुले बाजार में लगभग पचास फीसदी से अधिक किसानों का धान बिक चुका।
रामनगर के किसान मंजीत ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेंचना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। केंद्र पर नमी या अन्य बहाना बताकर वापस कर दिया जाता है। किसान गोविंद शर्मा ने बताया केंद्र पर हाईब्रिड धान खरीदने के लिए बीज का जीएसटी सहित बिल मांगा गया। अब छह महीने बाद बिल कहां से लाऊं, जिससे बाजार में 1800 रुपये प्रति क्विंटल में धान बेच दिया।
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किसानों से संवाद करने का निर्देश
धान खरीद की धीमी गति को देखते हुए अधिकारी क्षेत्र में जाकर किसानों से वार्ता कर रहे हैं। डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने शनिवार को बेलसर के एफसीआई व खाद्य विभाग के क्रय केंद्र तथा माधवपुर स्थित यूपीएसएस का व बनवरिया स्थित पीसीयू के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। डिप्टी आरएमओ ने क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों से संवाद कर सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।
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जिले में पहली नवंबर से पांच एजेंसियों की ओर से 107 क्रय केंद्रों पर खरीद की जानी थी। 18 नवंबर तक 85 केंद्रों पर खरीद शुरू हो सकी। वर्ष 2022-23 में शासन की ओर से 98000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके सापेक्ष अभी तक 275 किसानों से 1244 मीट्रिक टन धान की खरीद हो सकी। जबकि खुले बाजार में लगभग पचास फीसदी से अधिक किसानों का धान बिक चुका।
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रामनगर के किसान मंजीत ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेंचना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। केंद्र पर नमी या अन्य बहाना बताकर वापस कर दिया जाता है। किसान गोविंद शर्मा ने बताया केंद्र पर हाईब्रिड धान खरीदने के लिए बीज का जीएसटी सहित बिल मांगा गया। अब छह महीने बाद बिल कहां से लाऊं, जिससे बाजार में 1800 रुपये प्रति क्विंटल में धान बेच दिया।
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किसानों से संवाद करने का निर्देश
धान खरीद की धीमी गति को देखते हुए अधिकारी क्षेत्र में जाकर किसानों से वार्ता कर रहे हैं। डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने शनिवार को बेलसर के एफसीआई व खाद्य विभाग के क्रय केंद्र तथा माधवपुर स्थित यूपीएसएस का व बनवरिया स्थित पीसीयू के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। डिप्टी आरएमओ ने क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों से संवाद कर सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।