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पानी की तलाश में भटकते हिरन को कुत्तों ने मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Wed, 27 Apr 2016 11:01 PM IST
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मरा पड़ा हिरन
- फोटो : अमर उजाला
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पानी की तलाश में टिकरी जंगल से भागकर आए एक हिरन की बुधवार की सुबह नवाबगंज में आवारा कुत्तों ने जान ले ली। बताते हैं कि हिरन पानी की तलाश में जंगल से भागकर जैसे ही सड़क पर पहुंचा कि उसे कुत्तों ने दौड़ा लिया।
जिनसे बचते-बचाते वह जैसे ही नवाबगंज कस्बे में दाखिल हुआ कि यहां भी सड़क पर घूमने वाले आवारा कुत्तों ने उसे दौड़ा लिया और कई जगहों से नोचकर जख्मी कर दिया। कस्बे के लोगों ने जब हिरन को कुत्तों से घिरा देखा तो जैसे-तैसे उसे बचाया। लेकिन कुत्तों के हमले में घायल हिरन ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह सका और उसकी मौत हो गई।
उप प्रभागीय वनाधिकारी गोपाल ओझा ने बताया कि टिकरी जंगल में पानी को लेकर किसी तरह की कोई कमी नहीं है। चूंकि मौसम प्रतिकूल होने के कारण उनमें व्याकुलता कुछ बढ़ी है। जिससे वह जंगल से भाग रहे हैं। आबादी वाले इलाकों में पहुंचते ही उन्हें आवारा कुत्ते घेर लेते हैं। हिरन का दिल काफी कमजोर होता है, इसलिए उसकी जान चली जाती है।
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बता दें कि अब तक जिले में 8 हिरनों की मौत अलग-अलग इलाकों में कुत्तों के काटने व दौड़ाने से हो चुकी है। लेकिन इन हिरनों को संरक्षण देने वाला वन विभाग एक के बाद एक हो रही इन हिरनों की मौतों के बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे इनके साथ होने वाले हादसे लगातार जारी है।
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जिनसे बचते-बचाते वह जैसे ही नवाबगंज कस्बे में दाखिल हुआ कि यहां भी सड़क पर घूमने वाले आवारा कुत्तों ने उसे दौड़ा लिया और कई जगहों से नोचकर जख्मी कर दिया। कस्बे के लोगों ने जब हिरन को कुत्तों से घिरा देखा तो जैसे-तैसे उसे बचाया। लेकिन कुत्तों के हमले में घायल हिरन ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह सका और उसकी मौत हो गई।
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उप प्रभागीय वनाधिकारी गोपाल ओझा ने बताया कि टिकरी जंगल में पानी को लेकर किसी तरह की कोई कमी नहीं है। चूंकि मौसम प्रतिकूल होने के कारण उनमें व्याकुलता कुछ बढ़ी है। जिससे वह जंगल से भाग रहे हैं। आबादी वाले इलाकों में पहुंचते ही उन्हें आवारा कुत्ते घेर लेते हैं। हिरन का दिल काफी कमजोर होता है, इसलिए उसकी जान चली जाती है।
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बता दें कि अब तक जिले में 8 हिरनों की मौत अलग-अलग इलाकों में कुत्तों के काटने व दौड़ाने से हो चुकी है। लेकिन इन हिरनों को संरक्षण देने वाला वन विभाग एक के बाद एक हो रही इन हिरनों की मौतों के बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे इनके साथ होने वाले हादसे लगातार जारी है।