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मरीजों की जान के लिए खतरा बने अपंजीकृत नर्सिंग होम
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गोंडा। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से इलाके में बिना पंजीकरण के संचालित अवैध नर्सिंग होम मरीजों की दांव जान पर लगा रहे हैं। झोलाछाप के निर्देशन में चल रहे इन अस्पतालों में लाल पीली गोली बांट कर इलाज के नाम पर मरीजों से मोटी फीस भी वसूली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की साठगांठ से चल रहे इस धंधे के खिलाफ शिकायत के बाद भी रोकथाम को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
विकासखंड कटरा क्षेत्र के गांव व बाजार में बिना रजिस्ट्रेशन के छोलाछाप अपना निजी अस्पताल व डाक्टरी की दुकान चला रहे हैं। बीते दिनों कटरा बाजार में ऐसे ही दो अवैध अस्पतालों मरीज का इलाज अपने यहां कराने को लेकर जमकर मारपीट की घटना तक हुई।
इसकी जानकारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई को लेकर उदासीन बना हुआ है। क्षेत्रीय नागरिक गुड्डू दूबे, मनीष तिवारी, श्यामू तिवारी, देवकीनंदन इत्यादि ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के लोग बिना पंजीकरण के चल रहे ऐसे प्राइवेट अस्पताल व झोलाछाप से पैसा लेकर उन्हें बढ़ावा देते हैं।
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इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डा. सुजीत कुमार मौर्या ने बताया कि हमारी टीम ऐसे झोलाछाप व बिना पंजीकरण के चल रहे अवैध अस्पतालों को चिंहित कर रही है। जल्दी ही अभियान चलाकर इलाज के नाम पर धंधा कर रहे लोगों पर कार्रवाई कर इनका संचालन बंद कराया जाएगा।
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विकासखंड कटरा क्षेत्र के गांव व बाजार में बिना रजिस्ट्रेशन के छोलाछाप अपना निजी अस्पताल व डाक्टरी की दुकान चला रहे हैं। बीते दिनों कटरा बाजार में ऐसे ही दो अवैध अस्पतालों मरीज का इलाज अपने यहां कराने को लेकर जमकर मारपीट की घटना तक हुई।
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इसकी जानकारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई को लेकर उदासीन बना हुआ है। क्षेत्रीय नागरिक गुड्डू दूबे, मनीष तिवारी, श्यामू तिवारी, देवकीनंदन इत्यादि ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के लोग बिना पंजीकरण के चल रहे ऐसे प्राइवेट अस्पताल व झोलाछाप से पैसा लेकर उन्हें बढ़ावा देते हैं।
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इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डा. सुजीत कुमार मौर्या ने बताया कि हमारी टीम ऐसे झोलाछाप व बिना पंजीकरण के चल रहे अवैध अस्पतालों को चिंहित कर रही है। जल्दी ही अभियान चलाकर इलाज के नाम पर धंधा कर रहे लोगों पर कार्रवाई कर इनका संचालन बंद कराया जाएगा।