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कहीं पर्चा लिखते तो कहीं बीपी नापते मिले बाहरी
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फोटो-8 गोंडा के जिला अस्पताल में बाहरी व्यक्ति को ओपीडी से बाहर निकलने का निर्देश देते डॉ. दीपक कुम
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के ओपीडी में बाहरियों की दखल कम होने का नाम नहीं ले रही है। डीएम के सख्त निर्देश के बावजूद बाहरी दवाएं लिखी जा रही हैं। इतना ही नहीं बाहरी दवाएं या जांच डॉक्टर खुद न लिखकर ओपीडी में बैैठे बाहरियों से लिखवाते हैं। जिससे उनका दामन बचा रहे। मंगलवार को प्रमुख अधीक्षक डॉ. एसके रावत के निर्देश में बनी निरीक्षण टीम ने कई ओपीडी का पड़ताल की। कई बाहरी लोग मरीजों का पर्चा लिखते तथा बीपी जांच करते मिले। एक बाद फिर इन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
जिला अस्पताल में बाहर से दवा लिखने पर सख्ती बढ़ी तो डॉक्टरों ने नया तरीका निकाल लिया। डॉक्टर अब न तो खुद बाहर की दवा लिखते, न ही किसी मरीज को अपने निजी प्रैक्टिस सेंटर पर आने को कहते हैं। इसके लिए उन्होंने ओपीडी में बाहरी लोगों को लगा रखा है। ये लोग न केवल ओपीडी में बैठकर मरीजों को बाहर का पर्चा लिखते हैं, बल्कि खुलेआम मरीजों को संबधित डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस सेंटर आने को कहते हैं। नई व्यवस्था में यदि डॉक्टर से बाहर की दवा लिखने के बारे में पूछताछ होती या छोटी पर्ची पर राइटिंग मिलाई जाती तो डॉक्टर बेदाग बच जाएंगे। पिछले दिनों ऐसे ही कई मामले सामने आने पर जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके रावत ने ओपीडी के निरीक्षण के लिए टीम गठित की जो ओपीडी की बाहरी लोगों के दखल, बाहर की दवा लिखनेे तथा बाहरी जांच लिखे जाने की निगरानी कर रही है। मंगलवार की सुबह दस बजे डॉक्टरों के ओपीडी का औचक निरीक्षण किया गया जिसमें कई बाहरी लोग ओपीडी में बैठकर पर्चा लिखते पाए गए।
पर्चा लिखते मिला बाहरी, चेतावनी देकर भगाया
सुबह दस बजे डॉ. पीएन सिंह, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. पवन कुमार व डॉ. अनिल वर्मा की टीम फिजीशियन डॉ. जितेंद्र कुमार की ओपीडी का निरीक्षण किया। डॉक्टर के अलावा पांच अन्य लोग सहयोग करते मिले। डॉ. दीपक कुमार ने पांचों लोगों से आईडी कार्ड मांगा तो तीन के पास नहीं था, तथा दो ने पुराना आईडी कार्ड दिखाया। ओपीडी में बैठने का उचित कारण न बता पाने के कारण उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। डॉ. जितेंद्र को सुधार करने की चेतावनी दी गई। चेस्ट फिजीशियन मोहम्मद जमा व फिजीशियन डॉ. एजाज हुसेन की ओपीडी में भी दो बाहरी लड़के मरीजों को समझाते मिले जिन्हें बिना कारण दुबारा अस्पताल में न दिखाई देने की चेतावनी देते हुए बाहर कर दिया गया। वहीं डॉक्टरों को डीएम के संभावित निरीक्षण की चेतावनी देते हुए ओपीडी में बाहरी लोगों का दखल खत्म करने का निर्देश दिया।
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बिना कारण अस्पताल में घूमने वालों पर होगी कार्रवाई
बिना किसी कारण के जिला अस्पताल में घूमने या ओपीडी में बैठने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवार कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को निरीक्षण में कई बाहरी लोग ओपीडी में बैठे मिले जिन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है तथा डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिया गया है कि जिसके भी ओपीडी में कोई बाहरी मिला, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभिन्न वार्डों में भी निरीक्षण कर मरीजों से जानकारी ली गई। दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी कर्मियों से संवाद किया गया। डॉ. एसके रावत, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में बाहर से दवा लिखने पर सख्ती बढ़ी तो डॉक्टरों ने नया तरीका निकाल लिया। डॉक्टर अब न तो खुद बाहर की दवा लिखते, न ही किसी मरीज को अपने निजी प्रैक्टिस सेंटर पर आने को कहते हैं। इसके लिए उन्होंने ओपीडी में बाहरी लोगों को लगा रखा है। ये लोग न केवल ओपीडी में बैठकर मरीजों को बाहर का पर्चा लिखते हैं, बल्कि खुलेआम मरीजों को संबधित डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस सेंटर आने को कहते हैं। नई व्यवस्था में यदि डॉक्टर से बाहर की दवा लिखने के बारे में पूछताछ होती या छोटी पर्ची पर राइटिंग मिलाई जाती तो डॉक्टर बेदाग बच जाएंगे। पिछले दिनों ऐसे ही कई मामले सामने आने पर जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके रावत ने ओपीडी के निरीक्षण के लिए टीम गठित की जो ओपीडी की बाहरी लोगों के दखल, बाहर की दवा लिखनेे तथा बाहरी जांच लिखे जाने की निगरानी कर रही है। मंगलवार की सुबह दस बजे डॉक्टरों के ओपीडी का औचक निरीक्षण किया गया जिसमें कई बाहरी लोग ओपीडी में बैठकर पर्चा लिखते पाए गए।
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पर्चा लिखते मिला बाहरी, चेतावनी देकर भगाया
सुबह दस बजे डॉ. पीएन सिंह, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. पवन कुमार व डॉ. अनिल वर्मा की टीम फिजीशियन डॉ. जितेंद्र कुमार की ओपीडी का निरीक्षण किया। डॉक्टर के अलावा पांच अन्य लोग सहयोग करते मिले। डॉ. दीपक कुमार ने पांचों लोगों से आईडी कार्ड मांगा तो तीन के पास नहीं था, तथा दो ने पुराना आईडी कार्ड दिखाया। ओपीडी में बैठने का उचित कारण न बता पाने के कारण उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। डॉ. जितेंद्र को सुधार करने की चेतावनी दी गई। चेस्ट फिजीशियन मोहम्मद जमा व फिजीशियन डॉ. एजाज हुसेन की ओपीडी में भी दो बाहरी लड़के मरीजों को समझाते मिले जिन्हें बिना कारण दुबारा अस्पताल में न दिखाई देने की चेतावनी देते हुए बाहर कर दिया गया। वहीं डॉक्टरों को डीएम के संभावित निरीक्षण की चेतावनी देते हुए ओपीडी में बाहरी लोगों का दखल खत्म करने का निर्देश दिया।
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बिना कारण अस्पताल में घूमने वालों पर होगी कार्रवाई
बिना किसी कारण के जिला अस्पताल में घूमने या ओपीडी में बैठने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवार कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को निरीक्षण में कई बाहरी लोग ओपीडी में बैठे मिले जिन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है तथा डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिया गया है कि जिसके भी ओपीडी में कोई बाहरी मिला, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभिन्न वार्डों में भी निरीक्षण कर मरीजों से जानकारी ली गई। दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी कर्मियों से संवाद किया गया। डॉ. एसके रावत, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल