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अब बाहरियों पर कसेगा शिकंजा,निगरानी के लिए बनेगी टीम
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फोटो-13 गोंडा के जिला अस्पताल में खाली फिजीशियन की कुर्सी। (संवाद)
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिला अस्पताल में बिना काम के घूमने वाले और डॉक्टरों की ओपीडी में बैठने वाले बाहरी लोगों पर शिकंजा कसने को निगरानी टीम बनाई जाएगी। टीम अस्पताल के ओपीडी से लेकर वार्डों में भर्ती मरीजों व तीमारदारों से बात करेगी कि उन्हें अस्पताल में सुविधाएं निशुल्क मिलती है या नहीं। शिकायत मिलने पर संबधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि कोई बाहरी व्यक्ति किसी मरीज का पर्चा लिखता या उसे समझाता पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
अमर उजाला में बुधवार के अंक में प्रकाशित खबर ‘डॉक्टर नदारद अब बाहरी लिख रहे दवाएं’ शीर्षक से प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए जिला अस्पताल के प्रभारी प्रमुख अधीक्षक डॉ. एसके रावत ने अस्पताल मे बाहरी लोगों केे दखल को रोकने तथा बाहर की दवाएं मंगवाए जाने पर अंकुश लगाने लिए टीम बनाए जाने की बात कही है। डॉ. रावत ने कहा कि कई बार डॉक्टरों को निर्देशित किया जा चुका है कि सभी डॉक्टर अस्पताल में उपस्थित दवाएं ही मरीजों को लिखें। फिर भी बार-बार बाहरी की दवाएं लिखने व बाहरी व्यक्तियों को ओपीडी में बैठाने की बात सामने आ रही है। इसके लिए टीम बनाई जाएगी जो कि जिला अस्पताल के ओपीडी से लेकर विभिन्न वार्डों में औचक निरीक्षण करेगी। शिकायत मिलने पर संबधित डॉक्टर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, तथा यदि कोई बाहरी व्यक्ति बिना काम के ओपीडी मे बैठा या अस्पताल में घूमता आया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
थम नहीं रही डॉक्टरों की लेट लतीफी
जिला अस्पताल में भले ही डॉक्टरों के ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक निर्धारित हो लेकिन उनकी लेटलतीफी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मरीज सुबह सात बजे से ही पर्चा कटवाकर डॉक्टर का इंतजार करते रहते हैं वहीं दस बजे तक डॉक्टरों की कुर्सी खाली रहती है। बुधवार को सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर ओपीडी कक्ष संख्या तीन में चिकित्सक की कुर्सी खाली रही तथा कक्ष संख्या 17 में भी चिकित्सक ओपीडी से नदारद रहे। जबकि ओपीडी के बाहर मरीज डॉक्टर का इंतजार करते दिखायी पड़े।
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अमर उजाला में बुधवार के अंक में प्रकाशित खबर ‘डॉक्टर नदारद अब बाहरी लिख रहे दवाएं’ शीर्षक से प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए जिला अस्पताल के प्रभारी प्रमुख अधीक्षक डॉ. एसके रावत ने अस्पताल मे बाहरी लोगों केे दखल को रोकने तथा बाहर की दवाएं मंगवाए जाने पर अंकुश लगाने लिए टीम बनाए जाने की बात कही है। डॉ. रावत ने कहा कि कई बार डॉक्टरों को निर्देशित किया जा चुका है कि सभी डॉक्टर अस्पताल में उपस्थित दवाएं ही मरीजों को लिखें। फिर भी बार-बार बाहरी की दवाएं लिखने व बाहरी व्यक्तियों को ओपीडी में बैठाने की बात सामने आ रही है। इसके लिए टीम बनाई जाएगी जो कि जिला अस्पताल के ओपीडी से लेकर विभिन्न वार्डों में औचक निरीक्षण करेगी। शिकायत मिलने पर संबधित डॉक्टर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, तथा यदि कोई बाहरी व्यक्ति बिना काम के ओपीडी मे बैठा या अस्पताल में घूमता आया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
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थम नहीं रही डॉक्टरों की लेट लतीफी
जिला अस्पताल में भले ही डॉक्टरों के ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक निर्धारित हो लेकिन उनकी लेटलतीफी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मरीज सुबह सात बजे से ही पर्चा कटवाकर डॉक्टर का इंतजार करते रहते हैं वहीं दस बजे तक डॉक्टरों की कुर्सी खाली रहती है। बुधवार को सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर ओपीडी कक्ष संख्या तीन में चिकित्सक की कुर्सी खाली रही तथा कक्ष संख्या 17 में भी चिकित्सक ओपीडी से नदारद रहे। जबकि ओपीडी के बाहर मरीज डॉक्टर का इंतजार करते दिखायी पड़े।
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