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बदहाल पड़ा हेल्थ वेलनेस सेंटर
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फोटो-4-गोंडा में बेलसर के नगदही में नवनिर्मित हेल्थ वेलनेस सेंटर। -संवाद
- फोटो : GONDA
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बेलसर (गोंडा)। ग्रामीणों की नब्ज टटोल कर स्वास्थ्य बेहतर बनाने का परामर्श देने के उद्देश्य से संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर वर्तमान में महज शो-पीस बने नजर आते हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते ही इन सेंटरों से मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा का फायदा क्षेत्रीय ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इलाज की सुविधा पाने के लिए ग्रामीणों को दूर दराज स्थित सीएचसी व जिला अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ती है।
सीएचसी क्षेत्र में 19 उपकेंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें से आठ उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जा चुका है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का मुख्य उद्देश्य गांव के सभी लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही गंभीर रोगी की पहचान करना है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) व एएनएम तैनात की तैनाती का प्रावधान है। करीब दो वर्ष पूर्व इन सेंटरों सीएचओ की तैनाती हुई थी। कोरोना संक्रमण काल के कारण बाद में सीएचओ को हेल्थ वेलनेस सेंटर न भेजकर कोविड नियंत्रण की ड्यूटी में लगा दिया गया था। इस कारण दो साल तक कोई की सीएचओ हेल्थ वेलनेस सेंटर पर अपनी सेवाएं नहीं दे पाए। नगदही में बने सेंटर पर एएनएम की तैनाती तो है लेकिन भवन जर्जर है। डिकसिर में सीएचओ की तैनाती है तो भवन नहीं बन सका है। यहां पर तैनात सीएचओ विनीत ने बताया कि केंद्र का संचालन एएनएम सेंटर से किया जा रहा है। वहीं माधवपुर, उमरी, बरौली, आदमपुर में यह सेंटर निजी भवन में संचालित हो रहे हैं।
तैनाती के बाद भी नहीं पहुंची सीएचओ
उपकेंद्र खमरौनी में सीएचओ विजयलक्ष्मी की तैनाती हुई थी लेकिन ज्वाइन करने के बाद वह सेंटर पर काम काज के लिए वापस नहीं लौटीं। इससे क्षेत्र के लोगों को सेंटर से संचालित स्वास्थ्य सेवाओं का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। वहीं आदमपुर, माधवपुर आदि केंद्रो पर सीएचओ की उपस्थिति नाम मात्र को ही देखने को मिलती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि दुर्जनपुर का केंद्र कभी कभार ही खुलता है जबकि खमरौनी में सीएचओ नहीं आतीं।
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शिथिलता मिलने पर होगी कार्रवाई
सीएचसी अधीक्षक सतपाल सोनकर ने बताया कि नियमित उपकेंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भवन अधूरे हैं उसे पूरा कराने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। सभी सीएचओ को समय से सेंटर पर उपस्थिति रहने के लिए निर्देशित किया गया है। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्यवाही होगी।
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सीएचसी क्षेत्र में 19 उपकेंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें से आठ उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जा चुका है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का मुख्य उद्देश्य गांव के सभी लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही गंभीर रोगी की पहचान करना है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) व एएनएम तैनात की तैनाती का प्रावधान है। करीब दो वर्ष पूर्व इन सेंटरों सीएचओ की तैनाती हुई थी। कोरोना संक्रमण काल के कारण बाद में सीएचओ को हेल्थ वेलनेस सेंटर न भेजकर कोविड नियंत्रण की ड्यूटी में लगा दिया गया था। इस कारण दो साल तक कोई की सीएचओ हेल्थ वेलनेस सेंटर पर अपनी सेवाएं नहीं दे पाए। नगदही में बने सेंटर पर एएनएम की तैनाती तो है लेकिन भवन जर्जर है। डिकसिर में सीएचओ की तैनाती है तो भवन नहीं बन सका है। यहां पर तैनात सीएचओ विनीत ने बताया कि केंद्र का संचालन एएनएम सेंटर से किया जा रहा है। वहीं माधवपुर, उमरी, बरौली, आदमपुर में यह सेंटर निजी भवन में संचालित हो रहे हैं।
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तैनाती के बाद भी नहीं पहुंची सीएचओ
उपकेंद्र खमरौनी में सीएचओ विजयलक्ष्मी की तैनाती हुई थी लेकिन ज्वाइन करने के बाद वह सेंटर पर काम काज के लिए वापस नहीं लौटीं। इससे क्षेत्र के लोगों को सेंटर से संचालित स्वास्थ्य सेवाओं का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। वहीं आदमपुर, माधवपुर आदि केंद्रो पर सीएचओ की उपस्थिति नाम मात्र को ही देखने को मिलती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि दुर्जनपुर का केंद्र कभी कभार ही खुलता है जबकि खमरौनी में सीएचओ नहीं आतीं।
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शिथिलता मिलने पर होगी कार्रवाई
सीएचसी अधीक्षक सतपाल सोनकर ने बताया कि नियमित उपकेंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भवन अधूरे हैं उसे पूरा कराने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। सभी सीएचओ को समय से सेंटर पर उपस्थिति रहने के लिए निर्देशित किया गया है। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्यवाही होगी।