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Gonda News: 43 में सिर्फ 18 लाख लोगों की बनी सेहत कुंडली
Sun, 01 Mar 2026 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:12 PM IST
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गोंडा। लोगों के सेहत की कुंडली तैयार करने के लिए आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) बनाने की व्यवस्था है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर लोगों का आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बना रहे हैं, लेकिन इसमें अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है। 42 लाख 65 हजार 360 लोगों में से सिर्फ 18 लाख 22 हजार 443 लोगों की ही आभा आईडी बन पाई है।
जिले में करीब 42,65,360 लोगों का आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट का कार्ड तैयार किया जाना है। इसके लिए आशा बहू, एएनएम व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोई भी व्यक्ति खुद ही अपना आभा अकाउंट बना सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो आने वाले समय में आधार कार्ड की भांति आभा कार्ड भी बहुत उपयोगी साबित होगा। आभा कार्ड में व्यक्ति का ब्लड ग्रुप, जांच व बीमारी का पूरा विवरण और पूर्व में कराए गए इलाज का विवरण फीड होगा। बीमार होने पर डॉक्टर के यहां जाते वक्त अपने साथ जांच रिपोर्ट, पर्ची व दवाओं के रैपर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डॉक्टर संबंधित साॅफ्टवेयर पर मरीज का हेल्थ अकाउंट नंबर डालकर उसकी लैब रिपोर्ट, डायग्नोसिस व पूर्व की दवाओं की जानकारी कर लेंगे। देशभर में कहीं भी स्वास्थ्य सेवा लेने पर डॉक्टर इस कार्ड में दर्ज पूरी जानकारी को ऑनलाइन हासिल कर सकेंगे। इससे डॉक्टरों को इलाज करने में मदद मिलेगी। कई बार व्यक्ति को बीमारी व दवाओं की पूरी जानकारी नहीं होती या मरीज की ओर से ली जा रही दवाओं के साल्ट की जानकारी न होने के कारण भी डॉक्टर को नए सिरे से उपचार शुरू करना पड़ता है।
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हेल्थ अकाउंट बनने से किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य बीमा का लाभ लेने के लिए भी विशेष सत्यापन की जरूरत नहीं पड़ेगी। हेल्थ अकाउंट से ही पूरी जानकारी मिल जाएगी। इसे आयुष्मान कार्ड से भी लिंक किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ लिया जा सकेगा।
चल रहा विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने सभी लोगों का हेल्थ अकाउंट बनाने के लिए एक नागरिक, एक स्वास्थ्य पहचान की थीम पर विशेष अभियान की शुरुआत की है। 21 मार्च तक यह अभियान चलाया जाएगा, इसमें सभी लोगों के अकाउंट का सृजन ई-कवच के माध्यम से किया जाएगा। पहले से बने हुए हेल्थ अकाउंट को भी ई-कवच आईडी के साथ लिंक किया जाएगा।
होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को हेल्थ अकाउंट बनवाने का लक्ष्य सौंपा गया है, इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. संतलाल पटेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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जिले में करीब 42,65,360 लोगों का आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट का कार्ड तैयार किया जाना है। इसके लिए आशा बहू, एएनएम व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोई भी व्यक्ति खुद ही अपना आभा अकाउंट बना सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो आने वाले समय में आधार कार्ड की भांति आभा कार्ड भी बहुत उपयोगी साबित होगा। आभा कार्ड में व्यक्ति का ब्लड ग्रुप, जांच व बीमारी का पूरा विवरण और पूर्व में कराए गए इलाज का विवरण फीड होगा। बीमार होने पर डॉक्टर के यहां जाते वक्त अपने साथ जांच रिपोर्ट, पर्ची व दवाओं के रैपर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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डॉक्टर संबंधित साॅफ्टवेयर पर मरीज का हेल्थ अकाउंट नंबर डालकर उसकी लैब रिपोर्ट, डायग्नोसिस व पूर्व की दवाओं की जानकारी कर लेंगे। देशभर में कहीं भी स्वास्थ्य सेवा लेने पर डॉक्टर इस कार्ड में दर्ज पूरी जानकारी को ऑनलाइन हासिल कर सकेंगे। इससे डॉक्टरों को इलाज करने में मदद मिलेगी। कई बार व्यक्ति को बीमारी व दवाओं की पूरी जानकारी नहीं होती या मरीज की ओर से ली जा रही दवाओं के साल्ट की जानकारी न होने के कारण भी डॉक्टर को नए सिरे से उपचार शुरू करना पड़ता है।
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हेल्थ अकाउंट बनने से किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य बीमा का लाभ लेने के लिए भी विशेष सत्यापन की जरूरत नहीं पड़ेगी। हेल्थ अकाउंट से ही पूरी जानकारी मिल जाएगी। इसे आयुष्मान कार्ड से भी लिंक किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ लिया जा सकेगा।
चल रहा विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने सभी लोगों का हेल्थ अकाउंट बनाने के लिए एक नागरिक, एक स्वास्थ्य पहचान की थीम पर विशेष अभियान की शुरुआत की है। 21 मार्च तक यह अभियान चलाया जाएगा, इसमें सभी लोगों के अकाउंट का सृजन ई-कवच के माध्यम से किया जाएगा। पहले से बने हुए हेल्थ अकाउंट को भी ई-कवच आईडी के साथ लिंक किया जाएगा।
होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को हेल्थ अकाउंट बनवाने का लक्ष्य सौंपा गया है, इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. संतलाल पटेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी