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कटान तेज, घाघरा में समाए 400 बीघा खेत
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करनैलगंज (गोंडा)। सरयू (घाघरा) का जलस्तर खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है और एल्गिन चरसड़ी बांध के चंदापुर किटौली गांव के पास तेजी से कटान शुरू हो गई है। मौके पर आला अधिकारी जुट गए हैं और बांध के बचाव का कार्य तेजी से चल रहा है। अलग-अलग गांवों के पास कटान से करीब 400 बीघे से अधिक कृषि योग्य भूमि भी नदी में समा चुकी हैं। हालांकि बांध के आसपास गांव में प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए गांव को खाली कराने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कवायद भी तेज कर दी है।
सरयू (घाघरा) का जलस्तर लगातार बढ़ने की ओर है। खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष घाघरा का जलस्तर 106.296 मीटर पर पहुंच गया है। इसके अलावा विभिन्न बैराजों एवं पहाड़ी नालों का पानी लगातार घाघरा में फैलता जा रहा है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से एल्गिन चरसड़ी बांध पर खतरा मंडराने लगा है। चंदापुर किटौली के पास बांध के निकट तेजी से कटान शुरू हो गई है। जिसकी सूचना मिलने के बाद मौके पर अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और सिंचाई विभाग के अधिकारी पहुंच गए हैं। बांध के बचाव का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। मौके पर परक्यूपाइन और पत्थर के बोल्डर के साथ पेड़ों को काटकर नदी में डालने और बहाव को कम करने का कार्य चल रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध के बचाव में लगे हुए हैं। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बांध के आस-पास के गांव में डुग्गी मुनादी भी कराने का काम भी कराया जा रहा है।
उप जिलाधिकारी हीरालाल ने बताया कि बांध में कटान की सूचना मिलने पर मौके का निरीक्षण किया जा रहा है और अगल-बगल के गांव को सचेत कर दिया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है। मौके पर सिंचाई विभाग के एक्सईएन, एई, जेई बचाव कार्य में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि अभी बांध में कटान नहीं शुरू हुई है मगर बांध के नजदीक कटान तेजी से हो रही है। जिससे बांध को खतरा पैदा हो सकता है। बचाव कार्य के लिए डुग्गी मुनादी करा दी गई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पुलिस व राजस्व कर्मचारियों को लगाया गया है। सिंचाई विभाग के एई अमरेश सिंह ने बताया कि बांध के किनारे नदी द्वारा तेजी से कटान की जा रही थी। जिसे रोकने का प्रयास किया जा रहा है। बाकी बांध पूरी तरह सुरक्षित है और कटान रोकने की जद्दोजहद तेजी से जारी है।
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सरयू (घाघरा) का जलस्तर लगातार बढ़ने की ओर है। खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष घाघरा का जलस्तर 106.296 मीटर पर पहुंच गया है। इसके अलावा विभिन्न बैराजों एवं पहाड़ी नालों का पानी लगातार घाघरा में फैलता जा रहा है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से एल्गिन चरसड़ी बांध पर खतरा मंडराने लगा है। चंदापुर किटौली के पास बांध के निकट तेजी से कटान शुरू हो गई है। जिसकी सूचना मिलने के बाद मौके पर अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और सिंचाई विभाग के अधिकारी पहुंच गए हैं। बांध के बचाव का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। मौके पर परक्यूपाइन और पत्थर के बोल्डर के साथ पेड़ों को काटकर नदी में डालने और बहाव को कम करने का कार्य चल रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध के बचाव में लगे हुए हैं। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बांध के आस-पास के गांव में डुग्गी मुनादी भी कराने का काम भी कराया जा रहा है।
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उप जिलाधिकारी हीरालाल ने बताया कि बांध में कटान की सूचना मिलने पर मौके का निरीक्षण किया जा रहा है और अगल-बगल के गांव को सचेत कर दिया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है। मौके पर सिंचाई विभाग के एक्सईएन, एई, जेई बचाव कार्य में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि अभी बांध में कटान नहीं शुरू हुई है मगर बांध के नजदीक कटान तेजी से हो रही है। जिससे बांध को खतरा पैदा हो सकता है। बचाव कार्य के लिए डुग्गी मुनादी करा दी गई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पुलिस व राजस्व कर्मचारियों को लगाया गया है। सिंचाई विभाग के एई अमरेश सिंह ने बताया कि बांध के किनारे नदी द्वारा तेजी से कटान की जा रही थी। जिसे रोकने का प्रयास किया जा रहा है। बाकी बांध पूरी तरह सुरक्षित है और कटान रोकने की जद्दोजहद तेजी से जारी है।
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