{"_id":"698f67d1909f258b2e09836c","slug":"got-passport-made-by-changing-name-went-to-dubai-gonda-news-c-100-1-slko1026-152165-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: नाम बदलकर बनवाया पासपोर्ट, चला गया दुबई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: नाम बदलकर बनवाया पासपोर्ट, चला गया दुबई
Fri, 13 Feb 2026 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 13 Feb 2026 11:35 PM IST
विज्ञापन
कटरा बाजार। मोहम्मदपुर के कौड़हा जगदीशपुर निवासी एक युवक ने अपना नाम बदलकर पासपोर्ट बनवा लिया। इसके बाद वह दुबई चला गया। गांव की ही एक महिला ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मोहम्मदपुर के कौड़हा जगदीशपुर की रहने वाली फिजा खान ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके गांव के ही रहने वाले कैश खान उर्फ अब्दुल वहाब ने 06 जनवरी 2024 को साथियों के साथ मिलकर उनकी पिटाई की थी। मामले में उन्होंने उसी दिन आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने 18 जनवरी को अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
फिजा के मुताबिक कैश ने 23 दिसंबर 2025 को कूटरचित दस्तावेज के आधार पर अपना नाम बदलकर पासपोर्ट बनवा लिया और दुबई चला गया। इसका पता चलते ही पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। पासपोर्ट के आवेदन के बाद पुलिस आवेदक के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करती है। इसके बाद ही चौकी, थाने से लेकर स्थानीय अभिसूचना इकाई की ओर से पासपोर्ट कार्यालय में संस्तुति पहुंचती है। ऐसे में पुलिस की जांच भी सवालों के घेरे में आ गई है। कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराई जा रही है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहम्मदपुर के कौड़हा जगदीशपुर की रहने वाली फिजा खान ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके गांव के ही रहने वाले कैश खान उर्फ अब्दुल वहाब ने 06 जनवरी 2024 को साथियों के साथ मिलकर उनकी पिटाई की थी। मामले में उन्होंने उसी दिन आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने 18 जनवरी को अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
विज्ञापन
फिजा के मुताबिक कैश ने 23 दिसंबर 2025 को कूटरचित दस्तावेज के आधार पर अपना नाम बदलकर पासपोर्ट बनवा लिया और दुबई चला गया। इसका पता चलते ही पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। पासपोर्ट के आवेदन के बाद पुलिस आवेदक के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करती है। इसके बाद ही चौकी, थाने से लेकर स्थानीय अभिसूचना इकाई की ओर से पासपोर्ट कार्यालय में संस्तुति पहुंचती है। ऐसे में पुलिस की जांच भी सवालों के घेरे में आ गई है। कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराई जा रही है। (संवाद)
विज्ञापन