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क्षयरोग उन्मूलन में गोंडा ने मारी बाजी, मिलेगा कांस्य पदक
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गोंडा। क्षय रोगियों को बेहतर इलाज देकर स्वस्थ करने के मामले में गोंडा प्रदेश के टॉप एट जनपदों की सूची में शामिल किया गया है। प्रदेश में टीबी को हराने में बेहतर प्रदर्शन के लिए 24 मार्च को जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी व जिला क्षय रोग अधिकारी को कांस्य पदक से सम्मानित किया जाएगा।
क्षयरोग उन्मूलन के तहत किए गए प्रयासों के कारण जिले के 28 हजार रोगियों ने टीबी को शिकस्त दे दी। जिले में लगातार टीबी मरीजों के स्वस्थ होने की संख्या में इजाफा हो रहा है। वर्ष 2015 से अब तक जिले में टीबी के 35 हजार मरीज मिल चुके हैं। इनमें से अब तक 28 हजार का इलाज कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की प्रेरणा से टीबी मरीजों को गोद लेकर कई सामाजिक संस्थाएं उन्हें पोषण सामग्री उपलब्ध करा रही हैं।
ऐसे में भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड के लिए दस जिलों का चयन किया था जिसमें आठ जनपदों को पदक देकर सम्मानित किया जाएगा। गोंडा के अलावा बलरामपुर को कांस्य, चंदौली को कांस्य, ललितपुर को सिल्वर, महाराजगंज को कांस्य, मुजफ्फरनगर व सोनभद्र को कांस्य पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
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क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी को जिले से वर्ष 2025 से पहले ही मिटाने की योजना पर काम किया जा रहा है। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. जयगोविंद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक टीबी को देश से खत्म करने का संकल्प लिया है लेकिन उसके पहले ही जिले में टीबी को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ब्लॉकों पर तैनात कर्मचारी गांवों में छिपे टीबी रोगियों को ढूंढकर इलाज कर रहे हैं।
वहीं एमडीआर (मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट) रोगियों पर काबू पाने के लिए छह माह तक रोजाना इंजेक्शन लगता है। जिला क्षयरोग अधिकारी ने बताया कि टीबी मरीजों को तो पहले से कई दवाओं से छुटकारा दिलाते हुए नाममात्र की दवाएं दी जा रही हैं। अब तक 28 हजार मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने के संकल्प को पूर्ण करने हेतु शासन के निर्देश पर जनपद में इलाज पर चल रहे 1400 टीबी मरीजों को 24 मार्च 2022 से गोद लिये जाने का आह्वान किया गया है।
जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने बताया कि जनहित कार्य के लिए जनपद की सामाजिक व शैक्षणिक संस्थाओं, गणमान्य नागरिकों, अधिकारियों, रेडक्रास सोसायटी, चीनी मिलों, टीबी एसोसिएशन, औद्योगिक घराने तथा अन्य इच्छुक समाजसेवी जनों से अपील गई है कि वे टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी देखरेख कर सकते हैं। इसके लिए जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. जयगोविंद से 7905346668 पर तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विवेक शरन से 9415772723 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
गोद लेने वाले व्यक्ति को मरीज के लिए पोषण खाद्य सामग्री (न्यूनतम छह माह) दी जानी है जिसमें मूंगफली एक किग्रा, भुना चना एक किग्रा, गुड़ एक किग्रा सत्तू, एक किग्रा तिल, गजक एक किग्रा देकर टीबी मुक्त जनपद बनाने में सहयोग कर सकते हैं।
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क्षयरोग उन्मूलन के तहत किए गए प्रयासों के कारण जिले के 28 हजार रोगियों ने टीबी को शिकस्त दे दी। जिले में लगातार टीबी मरीजों के स्वस्थ होने की संख्या में इजाफा हो रहा है। वर्ष 2015 से अब तक जिले में टीबी के 35 हजार मरीज मिल चुके हैं। इनमें से अब तक 28 हजार का इलाज कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की प्रेरणा से टीबी मरीजों को गोद लेकर कई सामाजिक संस्थाएं उन्हें पोषण सामग्री उपलब्ध करा रही हैं।
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ऐसे में भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड के लिए दस जिलों का चयन किया था जिसमें आठ जनपदों को पदक देकर सम्मानित किया जाएगा। गोंडा के अलावा बलरामपुर को कांस्य, चंदौली को कांस्य, ललितपुर को सिल्वर, महाराजगंज को कांस्य, मुजफ्फरनगर व सोनभद्र को कांस्य पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
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क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी को जिले से वर्ष 2025 से पहले ही मिटाने की योजना पर काम किया जा रहा है। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. जयगोविंद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक टीबी को देश से खत्म करने का संकल्प लिया है लेकिन उसके पहले ही जिले में टीबी को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ब्लॉकों पर तैनात कर्मचारी गांवों में छिपे टीबी रोगियों को ढूंढकर इलाज कर रहे हैं।
वहीं एमडीआर (मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट) रोगियों पर काबू पाने के लिए छह माह तक रोजाना इंजेक्शन लगता है। जिला क्षयरोग अधिकारी ने बताया कि टीबी मरीजों को तो पहले से कई दवाओं से छुटकारा दिलाते हुए नाममात्र की दवाएं दी जा रही हैं। अब तक 28 हजार मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने के संकल्प को पूर्ण करने हेतु शासन के निर्देश पर जनपद में इलाज पर चल रहे 1400 टीबी मरीजों को 24 मार्च 2022 से गोद लिये जाने का आह्वान किया गया है।
जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने बताया कि जनहित कार्य के लिए जनपद की सामाजिक व शैक्षणिक संस्थाओं, गणमान्य नागरिकों, अधिकारियों, रेडक्रास सोसायटी, चीनी मिलों, टीबी एसोसिएशन, औद्योगिक घराने तथा अन्य इच्छुक समाजसेवी जनों से अपील गई है कि वे टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी देखरेख कर सकते हैं। इसके लिए जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. जयगोविंद से 7905346668 पर तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विवेक शरन से 9415772723 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
गोद लेने वाले व्यक्ति को मरीज के लिए पोषण खाद्य सामग्री (न्यूनतम छह माह) दी जानी है जिसमें मूंगफली एक किग्रा, भुना चना एक किग्रा, गुड़ एक किग्रा सत्तू, एक किग्रा तिल, गजक एक किग्रा देकर टीबी मुक्त जनपद बनाने में सहयोग कर सकते हैं।