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50 से ज्यादा शत्रु संपत्तियों से हटेंगे अवैध कब्जे

Sun, 06 Nov 2022 11:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Nov 2022 11:33 PM IST
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गोंडा। जिले में 50 से अधिक संपत्तियां ऐसी हैं जो शत्रु संपत्ति घोषित हैं, और ये जमीनें सरकार की हैं। इसके बाद भी जमीनों पर अवैध कब्जे होने की सूचना पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया। शहर ही नहीं गांवों में भी शत्रु संपत्तियों पर कब्जे के मामले तूल पकड़ रहे हैं। माना जा रहा है कि नवाबगंज में सबसे अधिक शत्रु संपत्तियां हैं, और उन पर कब्जे के मामले प्रशासन को पहले मिल चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई न होना, चौंकाने वाला है। तरबगंज तहसील के लौव्वावीरपुर में भी शत्रु संपत्तियां हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि इन संपत्तियों पर किसका कब्जा है। वहीं तरबगंज के आकौनी गांव में 56 बीघे शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जा था। जिसे प्रशासन ने मुक्त कराया है।
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तरबगंज के नवाबगंज में 21 प्लाट शत्रु संपत्ति होने की बात कही जा रही है। शत्रु संपत्ति घोषित करके शासन ने अपने संरक्षण में ले लिया था। 2017 में शत्रु संपत्तियों के मामले में केंद्र सरकार की ओर से संशोधन किया गया, और कई तरह के नियंत्रण किए गए। इसके बाद से लोगों की निगाहें शत्रु संपत्तियों पर टिक गई हैं। शत्रु संपत्तियों की जांच होगी, और नए नियमों के तहत कार्रवाई तय होगी। प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए सभी ने अपने-अपने तरीकों से रास्ता निकाला। किसी ने किरायानामा बनवा रखा है और किराया जमा हो रहा है। कोई सीधे ही कब्जा करके कब्जे के आधार पर मालिक बनने की फिराक में है। इन नियमों के तहत कार्रवाई क्या होगी और किस तरह कब्जे हटाए जाएंगे, इसके लिए प्रशासन ने टीम बनाई है। टीम सभी पहलुुओं पर नजर रखकर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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आजादी के बाद तय हुई थीं शत्रु संपत्तियां
शत्रु संपत्तियां आजादी के बाद 1968 में तय की गईं थीं। पाकिस्तान बंटवारे से यहां जो लोग संपत्ति छोड़कर चले गए और वहां के नागरिक हो गए थे। उनकी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित करके शासन ने अपने संरक्षण में ले लिया था। 2017 में शत्रु संपत्तियों के मामले में केंद्र सरकार की ओर से संशोधन किया गया, और कई तरह के नियंत्रण किए गए। इसके बाद से लोगों की निगाहें शत्रु संपत्तियों पर टिक गई हैं। शत्रु संपत्तियों की जांच होगी और नए नियमों के तहत कार्रवाई तय होगी।
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नगर पालिका चेयरमैन पर कब्जे का आरोप
शहर में फैजाबाद रोड स्थित रकाबगंज में शत्रु संपत्ति है। छह संपत्तियों पर वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष गोंडा उज्मा राशिद पर किरायेदार के रूप में नियम विरुद्ध नक्शा स्वीकृत कराकर निर्माण कराने की शिकायतें हुईं हैं। अध्यक्ष ने आरोपों को तो सिरे से खारिज किया। वहीं, अवैध कब्जों की शिकायतें हुईं हैं।

कार्रवाई की जाएगी
शत्रु संपत्तियों को संरक्षित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। जो मामले संज्ञान में आते हैं उसमें कार्रवाई भी की जाती है। शासन के आदेश के क्रम में आगे भी कार्रवाई की जाएगी। - जयनाथ यादव, मुख्य राजस्व अधिकारी
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