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कार के गुमान में सीट बेल्ट का नहीं ध्यान
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गोंडा के गुरुनानक चौक के पास बिना सीट बेल्ट लगाए कार से जाते लोग। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का मूलमंत्र यहां लोग आत्मसात करने को तैयार नहीं हैं। जिससे आएदिन सड़क हादसे हो रहे हैं। चालकों की थोड़ी सी चूक पूरी जिंदगी को टीस दे जाती है। बावजूद इसके लोग सड़क सुरक्षा के नियमों को मानने के लिए लोग तैयार नहीं हैं। पुलिस व परिवहन विभाग के जागरूकता अभियान के दावे खोखले नजर आते हैं।
मंडल मुख्यालय से लेकर ग्रामीण सड़कों तक लोग यातायात नियमों को धता बता रहे हैं। मन में कार से चलने का गुमान रहता है। महंगी व लग्जरी गाड़ियों से फर्राटा भर रहे लोग सीट बेल्ट का प्रयोग करना शान के खिलाफ समझ रहे हैं। बता दें कि वाहन चालक व बैठने वाले लोग सीट बेल्ट का प्रयोग करें। सरकार ने अनिवार्य भी कर रखा है, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हैं। टैक्सी से लेकर लग्जरी वाहनों को चलाने वाले अधिकांश लोग ड्राइविंग से पहले सीट बेल्ट नहीं लगा रहे। जबकि, सीट बेल्ट न लगाने पर एक हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान है।
दृश्य-एक
स्टेशन रोड
एक कार में परिवार जा रहा था। इसमें चालक के बगल एक व्यक्ति बैठा हुआ था। जो मोबाइल पर व्यस्त रहा। इसके अलावा पीछे की सीट पर दो बच्चे व एक महिला बैठी थी। इनमें से कोई भी सीट बेल्ट नहीं लगाए था। सीट बेल्ट का महत्व इनके लिए बेकार था।
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दृश्य-दो
गुरुनानक चौक
कार में सवार चार लोग बेरोकटोक जा रहे थे। यहां तैनात पुलिसकर्मियों ने भी इन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई। यहां से न जाने कितने वाहन चालक गुजर गए, लेकिन उन्हें नियमों की जानकारी देने वाला कोई नहीं था। जान की परवाह किए बगैर लोग फर्राटा भरते दिखे।
जागरूक होने की जरूरत
सड़क पर चलने वाले लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। लोग जागरूक हो जाएं तो समस्या दूर हो जाएगी। सीट बेल्ट न लगाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना किया जाता है। अभिनव प्रताप सिंह, निरीक्षक यातायात
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मंडल मुख्यालय से लेकर ग्रामीण सड़कों तक लोग यातायात नियमों को धता बता रहे हैं। मन में कार से चलने का गुमान रहता है। महंगी व लग्जरी गाड़ियों से फर्राटा भर रहे लोग सीट बेल्ट का प्रयोग करना शान के खिलाफ समझ रहे हैं। बता दें कि वाहन चालक व बैठने वाले लोग सीट बेल्ट का प्रयोग करें। सरकार ने अनिवार्य भी कर रखा है, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हैं। टैक्सी से लेकर लग्जरी वाहनों को चलाने वाले अधिकांश लोग ड्राइविंग से पहले सीट बेल्ट नहीं लगा रहे। जबकि, सीट बेल्ट न लगाने पर एक हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान है।
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स्टेशन रोड
एक कार में परिवार जा रहा था। इसमें चालक के बगल एक व्यक्ति बैठा हुआ था। जो मोबाइल पर व्यस्त रहा। इसके अलावा पीछे की सीट पर दो बच्चे व एक महिला बैठी थी। इनमें से कोई भी सीट बेल्ट नहीं लगाए था। सीट बेल्ट का महत्व इनके लिए बेकार था।
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गुरुनानक चौक
कार में सवार चार लोग बेरोकटोक जा रहे थे। यहां तैनात पुलिसकर्मियों ने भी इन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई। यहां से न जाने कितने वाहन चालक गुजर गए, लेकिन उन्हें नियमों की जानकारी देने वाला कोई नहीं था। जान की परवाह किए बगैर लोग फर्राटा भरते दिखे।
जागरूक होने की जरूरत
सड़क पर चलने वाले लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। लोग जागरूक हो जाएं तो समस्या दूर हो जाएगी। सीट बेल्ट न लगाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना किया जाता है। अभिनव प्रताप सिंह, निरीक्षक यातायात