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Gonda News: गांवों की ओर बढ़ रहा बाढ़ का पानी
Thu, 03 Sep 2026 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 03 Sep 2026 11:24 PM IST
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गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद
करनैलगंज/विश्नोहरपुर/उमरी बेगमगंज। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। 24 घंटे में नदी का जलस्तर 25 सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान को पार कर गया है। इससे नवाबगंज के माझा क्षेत्र में बाढ़ का पानी दोबारा गांवों की ओर बढ़ने लगा है। कुछ दिन पहले पानी घटने पर ग्रामीण घर लौटे थे और जनजीवन सामान्य होने की उम्मीद जगी थी लेकिन नदी के फिर बढ़ने से अब लोगों को दोबारा पलायन की चिंता सताने लगी है।
एल्गिन ब्रिज पर बुधवार शाम चार बजे सरयू का जलस्तर 106.040 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से तीन सेंटीमीटर नीचे था। बृहस्पतिवार शाम चार बजे जलस्तर बढ़कर 106.290 मीटर पहुंच गया। इस तरह 24 घंटे में 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई और नदी खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। नदी का रुख लगातार बढ़ रहा है। बुधवार शाम चार बजे कुल 3,18,494 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। बृहस्पतिवार शाम चार बजे यह बढ़कर 3,45,257 क्यूसेक हो गया। यानी 24 घंटे में 26,763 क्यूसेक पानी की बढ़ोतरी हुई है।
सरयू का जलस्तर बढ़ने के साथ नवाबगंज क्षेत्र के व्योंदा, दत्तनगर, साकीपुर, माझाराठ, तुलसीपुर समेत अन्य गांव की ओर बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। खेतों और रास्तों में पानी भरने के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुछ दिन पहले जलस्तर कम होने पर ग्रामीण अपने घर लौट आए थे। घरों की सफाई कर सामान व्यवस्थित किया ही था कि नदी का पानी फिर बढ़ने लगा। इससे ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो उन्हें फिर घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है।
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साकीपुर के चहलवा मजरे के चारों तरफ पानी फैलने से ग्रामीण नावों से आवागमन कर रहे हैं। बाड़ी माझा में श्रीचंद, रामू और भालरू समेत कई ग्रामीणों का कहना है कि पानी बढ़ रहा है। व्योंदा माझा में मुख्य मार्ग भी पानी में डूबा हुआ है। लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा के अनुसार, कटान से प्रभावित 29 लोगों को दो चरणों में मुआवजा दिया जा चुका है। 20 अन्य प्रभावित लोगों के नाम शासन को भेजे गए हैं। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बैराजों से छोड़े जा रहे पानी बढ़ने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है। विभागीय टीमें तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रख रही है।
पानी में मगरमच्छ दिखने से दहशत
दत्तनगर के बाड़ी माझा में बाढ़ के पानी के बीच मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण राम सजीवन के मुताबिक, मगरमच्छ पानी से निकलकर बाहर बैठ जाता है। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई है। उमरी बेगमगंज संवाद के अनुसार नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने से ऐली परसौली, गढ़ी, जबरनगर, परास, बहादुरपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पानी धीरे-धीरे रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। तहसीलदार तरबगंज आशुतोष पांडेय ने बताया कि टीम गठित कर लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन मुस्तैद है।
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एल्गिन ब्रिज पर बुधवार शाम चार बजे सरयू का जलस्तर 106.040 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से तीन सेंटीमीटर नीचे था। बृहस्पतिवार शाम चार बजे जलस्तर बढ़कर 106.290 मीटर पहुंच गया। इस तरह 24 घंटे में 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई और नदी खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। नदी का रुख लगातार बढ़ रहा है। बुधवार शाम चार बजे कुल 3,18,494 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। बृहस्पतिवार शाम चार बजे यह बढ़कर 3,45,257 क्यूसेक हो गया। यानी 24 घंटे में 26,763 क्यूसेक पानी की बढ़ोतरी हुई है।
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सरयू का जलस्तर बढ़ने के साथ नवाबगंज क्षेत्र के व्योंदा, दत्तनगर, साकीपुर, माझाराठ, तुलसीपुर समेत अन्य गांव की ओर बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। खेतों और रास्तों में पानी भरने के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुछ दिन पहले जलस्तर कम होने पर ग्रामीण अपने घर लौट आए थे। घरों की सफाई कर सामान व्यवस्थित किया ही था कि नदी का पानी फिर बढ़ने लगा। इससे ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो उन्हें फिर घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है।
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साकीपुर के चहलवा मजरे के चारों तरफ पानी फैलने से ग्रामीण नावों से आवागमन कर रहे हैं। बाड़ी माझा में श्रीचंद, रामू और भालरू समेत कई ग्रामीणों का कहना है कि पानी बढ़ रहा है। व्योंदा माझा में मुख्य मार्ग भी पानी में डूबा हुआ है। लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा के अनुसार, कटान से प्रभावित 29 लोगों को दो चरणों में मुआवजा दिया जा चुका है। 20 अन्य प्रभावित लोगों के नाम शासन को भेजे गए हैं। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बैराजों से छोड़े जा रहे पानी बढ़ने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है। विभागीय टीमें तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रख रही है।
पानी में मगरमच्छ दिखने से दहशत
दत्तनगर के बाड़ी माझा में बाढ़ के पानी के बीच मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण राम सजीवन के मुताबिक, मगरमच्छ पानी से निकलकर बाहर बैठ जाता है। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई है। उमरी बेगमगंज संवाद के अनुसार नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने से ऐली परसौली, गढ़ी, जबरनगर, परास, बहादुरपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पानी धीरे-धीरे रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। तहसीलदार तरबगंज आशुतोष पांडेय ने बताया कि टीम गठित कर लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन मुस्तैद है।

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद