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मनरेगा में एक काम की दो आईडी जनरेट कर निकाल लिए 51 लाख रूपए
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गोंडा। प्रदेश के अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार ने मनरेगा में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए शनिवार को गोंडा पहुंचे। अपर आयुक्त ने योजना के तहत सबसे ज्यादा धन खर्च कर सुर्खियों में आने वाले जनपद के ब्लॉक कटरा बाजार में मनरेगा में हुई अनियतिताओं की जांच की। जांच में सभी जगहों पर भारी अनियमितता पकड़ी। जांच में एक ही काम की दो आईडी जनरेट करके 51 लाख रुपये निकाल लेने का मामले का खुलासा हुआ है।
बता दें कि मनरेगा योजना में प्रदेश में सबसे ज्यादा धन खर्च करने वाले कटरा बाजार ब्लॉक में इस योजना के तहत कराए गए कार्यों की शासन स्तर से जांच शुरू हो गई है। अपर आयुक्त मनरेगा उत्तर प्रदेश योगेश कुमार शनिवार को तड़के ही ब्लॉक कटरा बाजार पहुंच गए। वहां पर उन्होंने सीडीओ आशीष कुमार एवं अन्य अधिकारियों के साथ पहले बैठक की। उसके बाद वे सर्वाधिक धन खर्च करने वाली ग्राम पंचायतों का लेखा-जोखा लेकर उन ग्राम पंचायतों में पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ग्राम पंचायत गोड़वा में बने गो आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया तो वहां की दशा देखकर वे अचंभित रह गए।
वहां पर कराए कार्यों का ब्यौरा चेक किया गया तो पता चला कि एक ही प्रकार के कार्य की दस आईडी जनरेट करके करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया है, जबकि मौके पर व्यय धनराशि के सापेक्ष कार्य व उसकी गुणवत्ता बिल्कुल ही घटिया पाई गई। गो आश्रय केंद्र गोड़वा में पांच-पांच तालाब मनरेगा से खुदवाए गए और एक-एक तालाब पर कई हजार मानव दिवस दिखा दिए गए।
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गोवंशों के रहनेे के लिए लगाई गई टिनशेड की मोटाई मानक से कम पाई गई। निरीक्षण के दौरान यह भी पकड़ में आया कि मस्टर रोल में दौ सौ मजूदरों को शनिवार को काम पर दिखाया गया है। मगर मौके पर एक भी मनरेगा काम करते हुए नहीं मिला। इंटरलॉकिंग की गुणवत्ता भी बेहद घटिया पाई गई। अपर आयुक्त ने इंटरलाकिंग ईंट तथा रिटेनिंग वॉल बनाने में इस्तेमाल किए गए मसाले की सैंपलिंग कराकर गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने भी रखवाए हैं।
इसके बाद अपर आयुक्त कटरा बाजार ब्लॉक के ग्राम पंचायत भरथा इटहिया पहुंचे। वहां पर भी निरीक्षण में तालाब की खुदाई ट्रैक्टर से कराई गई मिली। धन खर्च का ब्यौरा देखने पर पता चला कि एक ही काम की दो आईडी जनरेट करके 51 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं।
पहली आईडी पर 26 लाख 2 हजार 114 चैदह तथा दूसरी आईडी पर 24 लाख 99 हजार रुपये खर्च किए गए और काम पूरा दिखाते हुए भुगतान कर दिया गया, जबकि काम अधोमानक मिलने के साथ ही किसी भी कार्यस्थल पर परियोजना का नाम, लागत, परियोजना का वर्ष आदि से संबंधित कोई बोर्ड नहीं लगा मिला। अपर आयुक्त ने स्थलीय निरीक्षण में बड़े पैमाने पर मिली गड़बड़ियों पर नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्यवाही के संकेत दिए हैं। इस दौरान सीडीओ आशीष कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त देवीपाटन मण्डल अनिल कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा हरिश्चन्द्र प्रजापति, पीडी सेवाराम चाौधरी, डीडीओ रजत यादव, बीडीओ कटरा बाजार, एपीओ मनरेगा, ज्वाइंट बीडीओ, एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत अधिकारी मौजूद रहे।
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बता दें कि मनरेगा योजना में प्रदेश में सबसे ज्यादा धन खर्च करने वाले कटरा बाजार ब्लॉक में इस योजना के तहत कराए गए कार्यों की शासन स्तर से जांच शुरू हो गई है। अपर आयुक्त मनरेगा उत्तर प्रदेश योगेश कुमार शनिवार को तड़के ही ब्लॉक कटरा बाजार पहुंच गए। वहां पर उन्होंने सीडीओ आशीष कुमार एवं अन्य अधिकारियों के साथ पहले बैठक की। उसके बाद वे सर्वाधिक धन खर्च करने वाली ग्राम पंचायतों का लेखा-जोखा लेकर उन ग्राम पंचायतों में पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ग्राम पंचायत गोड़वा में बने गो आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया तो वहां की दशा देखकर वे अचंभित रह गए।
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वहां पर कराए कार्यों का ब्यौरा चेक किया गया तो पता चला कि एक ही प्रकार के कार्य की दस आईडी जनरेट करके करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया है, जबकि मौके पर व्यय धनराशि के सापेक्ष कार्य व उसकी गुणवत्ता बिल्कुल ही घटिया पाई गई। गो आश्रय केंद्र गोड़वा में पांच-पांच तालाब मनरेगा से खुदवाए गए और एक-एक तालाब पर कई हजार मानव दिवस दिखा दिए गए।
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गोवंशों के रहनेे के लिए लगाई गई टिनशेड की मोटाई मानक से कम पाई गई। निरीक्षण के दौरान यह भी पकड़ में आया कि मस्टर रोल में दौ सौ मजूदरों को शनिवार को काम पर दिखाया गया है। मगर मौके पर एक भी मनरेगा काम करते हुए नहीं मिला। इंटरलॉकिंग की गुणवत्ता भी बेहद घटिया पाई गई। अपर आयुक्त ने इंटरलाकिंग ईंट तथा रिटेनिंग वॉल बनाने में इस्तेमाल किए गए मसाले की सैंपलिंग कराकर गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने भी रखवाए हैं।
इसके बाद अपर आयुक्त कटरा बाजार ब्लॉक के ग्राम पंचायत भरथा इटहिया पहुंचे। वहां पर भी निरीक्षण में तालाब की खुदाई ट्रैक्टर से कराई गई मिली। धन खर्च का ब्यौरा देखने पर पता चला कि एक ही काम की दो आईडी जनरेट करके 51 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं।
पहली आईडी पर 26 लाख 2 हजार 114 चैदह तथा दूसरी आईडी पर 24 लाख 99 हजार रुपये खर्च किए गए और काम पूरा दिखाते हुए भुगतान कर दिया गया, जबकि काम अधोमानक मिलने के साथ ही किसी भी कार्यस्थल पर परियोजना का नाम, लागत, परियोजना का वर्ष आदि से संबंधित कोई बोर्ड नहीं लगा मिला। अपर आयुक्त ने स्थलीय निरीक्षण में बड़े पैमाने पर मिली गड़बड़ियों पर नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्यवाही के संकेत दिए हैं। इस दौरान सीडीओ आशीष कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त देवीपाटन मण्डल अनिल कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा हरिश्चन्द्र प्रजापति, पीडी सेवाराम चाौधरी, डीडीओ रजत यादव, बीडीओ कटरा बाजार, एपीओ मनरेगा, ज्वाइंट बीडीओ, एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत अधिकारी मौजूद रहे।