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अब घरों तक पाइप लाइन से पहुंचेगी गैस
Tue, 05 Mar 2019 11:01 PM IST
रमेश रमेश
amar ujala
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Published by: रमेश रमेश
Updated Tue, 05 Mar 2019 11:01 PM IST
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मेट्रो शहरों की तरह अब गोंडा में भी घरेलू गैस उपभोक्ताओं को पाइप लाइन के जरिए गैस की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की पेट्रोलियम गैस रेगुलेटरी एथॉरिटी ने निविदा निकाल कर अहमदाबाद की कंपनी टोरेंट को काम सौंपा है। गैस पाइप लाइन शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बिछाई जाएगी और एक साल के अंदर कंपनी को दस हजार उपभोक्ताओं को पाइप लाइन के जरिए घरेलू गैस उपलब्ध कराया जाएगा।
अभी तक पाइप लाइन के जरिए घरों के किचन तक गैस केवल दिल्ली, कलकत्ता, मुंबई सहित अन्य बड़े शहरों में ही उपलब्ध है। लखनऊ में भी यह काम चल रहा है। लेकिन गोंडा जैसे शहरों में पाइप लाइन जरिए घरों में गैस उपलब्ध होगी यह अभी केवल कयास ही माना जा रहा था। लेकिन मंगलवार को टोरेंट कंपनी के जीएम दीपक सिंह ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने बीते महीने में निविदा कराई थी।
इसमेें उनकी कंपनी टारेंट को गोंडा, बाराबंकी, बस्ती, अंबेडकर नगर, कुशीनगर सहित अन्य जिलों का काम उनकी कंपनी को मिला है। बतौर दीपक सिंह का कहना है कि बुधवार छह मार्च को इस पाइप लाइन का अनौपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद अगले सप्ताह तक तकनीकी टीम गोंडा पहुंचेगी जो पाइप लाइन बिछाने की कार्रवाई शुरू कर देगी।
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कंपनी को एक साल में काम को गति देते हुए एक साल में पाइप लाइन बिछाने के साथ दस हजार उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति देनी है। यह टारगेट अनुबंध में दिया गया है। इसको ध्यान में रखते हुए पाइप लाइन बिछाने का काम जल्द शुरू हो जाएगा।
दीपक सिंह की मानें तो सिलेंडर में रिफल कराने के साथ उसके उपभोग पर गैस खर्च निर्भर करता है। प्राय: यह देखा जाता है कि सिलेंडर पर उपभोक्ताओं को 700-900 रुपए तक हर माह खर्च करने पड़ते हैं। इसमें गैस भी व्यर्थ होता है। लेकिन गैस पाइप लाइन से सीधे उपभोक्ताओं के किचन को जोड़ा जाएगा। इसमें मीटर लगेगा। मीटर के हिसाब से जितना गैस खर्च होगा उसका मूल्य ही उपभोक्ताओं को देना होगा। दीपक सिंह का कहना है कि यदि किसी परिवार में चार सदस्य हैं और तीन समय खाना पकता है तो उसके यहां 300-400 रुपये तक की खर्च आएगा।
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अभी तक पाइप लाइन के जरिए घरों के किचन तक गैस केवल दिल्ली, कलकत्ता, मुंबई सहित अन्य बड़े शहरों में ही उपलब्ध है। लखनऊ में भी यह काम चल रहा है। लेकिन गोंडा जैसे शहरों में पाइप लाइन जरिए घरों में गैस उपलब्ध होगी यह अभी केवल कयास ही माना जा रहा था। लेकिन मंगलवार को टोरेंट कंपनी के जीएम दीपक सिंह ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने बीते महीने में निविदा कराई थी।
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इसमेें उनकी कंपनी टारेंट को गोंडा, बाराबंकी, बस्ती, अंबेडकर नगर, कुशीनगर सहित अन्य जिलों का काम उनकी कंपनी को मिला है। बतौर दीपक सिंह का कहना है कि बुधवार छह मार्च को इस पाइप लाइन का अनौपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद अगले सप्ताह तक तकनीकी टीम गोंडा पहुंचेगी जो पाइप लाइन बिछाने की कार्रवाई शुरू कर देगी।
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कंपनी को एक साल में काम को गति देते हुए एक साल में पाइप लाइन बिछाने के साथ दस हजार उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति देनी है। यह टारगेट अनुबंध में दिया गया है। इसको ध्यान में रखते हुए पाइप लाइन बिछाने का काम जल्द शुरू हो जाएगा।
दीपक सिंह की मानें तो सिलेंडर में रिफल कराने के साथ उसके उपभोग पर गैस खर्च निर्भर करता है। प्राय: यह देखा जाता है कि सिलेंडर पर उपभोक्ताओं को 700-900 रुपए तक हर माह खर्च करने पड़ते हैं। इसमें गैस भी व्यर्थ होता है। लेकिन गैस पाइप लाइन से सीधे उपभोक्ताओं के किचन को जोड़ा जाएगा। इसमें मीटर लगेगा। मीटर के हिसाब से जितना गैस खर्च होगा उसका मूल्य ही उपभोक्ताओं को देना होगा। दीपक सिंह का कहना है कि यदि किसी परिवार में चार सदस्य हैं और तीन समय खाना पकता है तो उसके यहां 300-400 रुपये तक की खर्च आएगा।