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सरकारी आंकडों से 71 लोगों की अधिक हुई कोरोना से मौत
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गोंडा। कोरोना की दूसरी लहर में अधिकारी, नेता सहित कई लोगों की मृत्यु हो गई। निजी चिकित्सालय से लेकर सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वालों में 175 लोगों की जान चली गई।
यह प्रशासन का आंकड़ा है लेकिन कोरोना से मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए 246 लोगों ने आवेदन किया है। इससे स्पष्ट है कि सरकारी आंकड़ों के इतर 71 लोगों की और मौत हुई है।
मरने वालों में अधिकारी सहित अन्य कई ऐसे कर्मचारी हैं जिनकी संख्या 38 है जिन्होंने मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग की है। इसमें परियोजना निदेशक डीआरडीए के पीडी सहित पांच लोगों के परिवारीजन शामिल हैं।
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पहली व दूसरी लहर के दौरान जिले में छह लाख 628 लोगों की कोरोना जांच हुई। इसमें 12171 लोग पाजिटिव पाए गए। इसमें 11812 लोग ठीक होकर घर चले गए। कोरोना की पहली लहर में जिले में 71 लोगों की मौत हुई थी,जबकि दूसरी लहर में 175 लोगों की जान चली गई।
प्रशासन की ओर से मृत लोगों की संख्या 175 है, जबकि कोरोना से जान जाने वालों की संख्या 246 है। दूसरी लहर में 246 लोगों ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है। इनमें 38 लोगों ने मुआवजे व नौकरी की मांग की है।
कोरोना काल में 38 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इसमें संविदा कर्मचारी भी शामिल हैं। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षामित्र, शिक्षक व कर्मचारी हैं जिनकी ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगी थी। शिक्षामित्र रवींद्र कुमार दूबे के परिजनों को अभी तक कोई भी राहत नहीं दी गई है।
इसी तरह सुमन पाठक, कोठारी लाल वर्मा, नीलम सिंह के परिजन भी सरकार की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं। शिक्षकों मे गिरीश कुमारी श्रीवास्तव, राघवेंद्र दत्त तिवारी समेत 33 लोगों के परिजन सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं। शिक्षक नेता अवधेश मणि मिश्र ने बताया कि सभी के आवेदन विभाग में जमा कराए गए हैं।
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यह प्रशासन का आंकड़ा है लेकिन कोरोना से मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए 246 लोगों ने आवेदन किया है। इससे स्पष्ट है कि सरकारी आंकड़ों के इतर 71 लोगों की और मौत हुई है।
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मरने वालों में अधिकारी सहित अन्य कई ऐसे कर्मचारी हैं जिनकी संख्या 38 है जिन्होंने मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग की है। इसमें परियोजना निदेशक डीआरडीए के पीडी सहित पांच लोगों के परिवारीजन शामिल हैं।
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पहली व दूसरी लहर के दौरान जिले में छह लाख 628 लोगों की कोरोना जांच हुई। इसमें 12171 लोग पाजिटिव पाए गए। इसमें 11812 लोग ठीक होकर घर चले गए। कोरोना की पहली लहर में जिले में 71 लोगों की मौत हुई थी,जबकि दूसरी लहर में 175 लोगों की जान चली गई।
प्रशासन की ओर से मृत लोगों की संख्या 175 है, जबकि कोरोना से जान जाने वालों की संख्या 246 है। दूसरी लहर में 246 लोगों ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है। इनमें 38 लोगों ने मुआवजे व नौकरी की मांग की है।
कोरोना काल में 38 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इसमें संविदा कर्मचारी भी शामिल हैं। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षामित्र, शिक्षक व कर्मचारी हैं जिनकी ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगी थी। शिक्षामित्र रवींद्र कुमार दूबे के परिजनों को अभी तक कोई भी राहत नहीं दी गई है।
इसी तरह सुमन पाठक, कोठारी लाल वर्मा, नीलम सिंह के परिजन भी सरकार की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं। शिक्षकों मे गिरीश कुमारी श्रीवास्तव, राघवेंद्र दत्त तिवारी समेत 33 लोगों के परिजन सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं। शिक्षक नेता अवधेश मणि मिश्र ने बताया कि सभी के आवेदन विभाग में जमा कराए गए हैं।