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Gonda News: पूरे अमेरिका में कारोबार फैला तो साथी ही रखने लगे थे रंजिश
Wed, 20 Nov 2024 11:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 20 Nov 2024 11:13 PM IST
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श्रीराम सिंह की फाइल फोटो
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गोंडा। 35 साल पहले अटलांटा कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनने के बाद डॉ. श्रीराम सिंह ने अपने व्यवहार से अमेरिका में गहरी पैठ बना ली थी। दो साल पहले ही उन्होंने कारोबार की ओर रुख किया। कम समय में ही पूरे अमेरिका में उनका कारोबार फैल गया था। इससे कुछ पार्टनर ही उनसे चिढ़ने लगे थे। ऐसे में कारोबारी प्रतिद्वंद्विता को हत्या की वजह माना जा रहा है।
नवाबगंज के तुलसीपुर माझा गांव के मूल निवासी डॉ. श्रीराम सिंह लंबे समय से अमेरिका में रह रहे थे, लिहाजा उन्हें वहां की नागरिकता मिल गई थी। व्यवसाय की शुरुआत उन्होंने दो साल पहले अमेरिकी साथियों संग पार्टनरशिप में की थी। शॉपिंग मॉल के साथ ही पेट्रोल पंप और होटल के कारोबार में उनके कदम तेजी से आगे बढ़ने लगे। पंजाब और गुजरात मूल के कुछ कारोबारियों के साथ भी उन्होंने पार्टनरशिप में कई काम शुरू किए थे। कारोबार का दायरा पूरे अमेरिका में फैल गया था। कुछ समय पहले पाकिस्तान मूल के कुछ कारोबारी भी उनके साथ आ गए थे।
छोटे भाई शिवाजी सिंह ने बताया कि अटलांटा, कोलंबस, ओपेलिका, मिडलैंड में कारोबार के साथ ही पैठ मजबूत होने से कुछ पार्टनर ही श्रीराम सिंह से चिढ़ने लगे थे। एक बार उन्होंने फोन पर बातचीत में इसका जिक्र किया था। ऐसे में हत्या होने पर परिजनों के शक की सूई पार्टनरों पर ही टिक गई है।
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छोटे भाई शिवाजी सिंह ने बताया कि डॉ. श्रीराम सिंह ने आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वह अमेरिका चले गए थे। वहां डाक्टरेट की पढ़ाई पूरी कर अटलांटा कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बन गए थे। तभी से वह अमेरिका में ही रह रहे थे। उनका विवाह देवरिया जिले की शांति सिंह के साथ हुआ था। पैतृक गांव में छोटे भाई शिवाजी सिंह रहते हैं। अयोध्या में प्रापर्टी का कारोबार करने वाले शिवाजी ने बताया कि बड़े भाई दो वर्ष पहले पैतृक गांव आए थे। फरवरी 2025 में भी उन्हें गांव आना था।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लालजी सिंह ने बताया कि रामजी सिंह बहुत ही मिलनसार थे। गांव आने पर सभी परिवारों से मुलाकात करते थे। उनकी हत्या से गांव के लोग गमगीन हैं।
पैतृक गांव तुलसीपुर माझा में रहने वाले छोटे भाई शिवाजी सिंह सहित परिजनों ने अमेरिका में डॉ. श्रीराम सिंह के परिवार को सुरक्षा दिए जाने व हत्या की जांच कर दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग उठाई है। भाई शिवाजी ने कहा कि इस संबंध में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से भी संपर्क करेंगे।
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नवाबगंज के तुलसीपुर माझा गांव के मूल निवासी डॉ. श्रीराम सिंह लंबे समय से अमेरिका में रह रहे थे, लिहाजा उन्हें वहां की नागरिकता मिल गई थी। व्यवसाय की शुरुआत उन्होंने दो साल पहले अमेरिकी साथियों संग पार्टनरशिप में की थी। शॉपिंग मॉल के साथ ही पेट्रोल पंप और होटल के कारोबार में उनके कदम तेजी से आगे बढ़ने लगे। पंजाब और गुजरात मूल के कुछ कारोबारियों के साथ भी उन्होंने पार्टनरशिप में कई काम शुरू किए थे। कारोबार का दायरा पूरे अमेरिका में फैल गया था। कुछ समय पहले पाकिस्तान मूल के कुछ कारोबारी भी उनके साथ आ गए थे।
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छोटे भाई शिवाजी सिंह ने बताया कि अटलांटा, कोलंबस, ओपेलिका, मिडलैंड में कारोबार के साथ ही पैठ मजबूत होने से कुछ पार्टनर ही श्रीराम सिंह से चिढ़ने लगे थे। एक बार उन्होंने फोन पर बातचीत में इसका जिक्र किया था। ऐसे में हत्या होने पर परिजनों के शक की सूई पार्टनरों पर ही टिक गई है।
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छोटे भाई शिवाजी सिंह ने बताया कि डॉ. श्रीराम सिंह ने आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वह अमेरिका चले गए थे। वहां डाक्टरेट की पढ़ाई पूरी कर अटलांटा कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बन गए थे। तभी से वह अमेरिका में ही रह रहे थे। उनका विवाह देवरिया जिले की शांति सिंह के साथ हुआ था। पैतृक गांव में छोटे भाई शिवाजी सिंह रहते हैं। अयोध्या में प्रापर्टी का कारोबार करने वाले शिवाजी ने बताया कि बड़े भाई दो वर्ष पहले पैतृक गांव आए थे। फरवरी 2025 में भी उन्हें गांव आना था।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लालजी सिंह ने बताया कि रामजी सिंह बहुत ही मिलनसार थे। गांव आने पर सभी परिवारों से मुलाकात करते थे। उनकी हत्या से गांव के लोग गमगीन हैं।
पैतृक गांव तुलसीपुर माझा में रहने वाले छोटे भाई शिवाजी सिंह सहित परिजनों ने अमेरिका में डॉ. श्रीराम सिंह के परिवार को सुरक्षा दिए जाने व हत्या की जांच कर दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग उठाई है। भाई शिवाजी ने कहा कि इस संबंध में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से भी संपर्क करेंगे।