फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   fraud,investigation,gonda,signature

पट्टा फाइल में हेराफेरी कर मांगा कब्जा

Sat, 29 Oct 2022 11:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 11:21 PM IST
विज्ञापन
fraud,investigation,gonda,signature
गोंडा। जिले के सदर तहसील के नौबरा गांव की पट्टा पत्रावली में हेराफेरी का मामला सामने आया है। दो लोगों ने तहसील के कुछ कर्मियों से मिलीभगत कर पट्टा पत्रावली में हेराफेरी कर पट्टा की भूमि पर कब्जा मांगने लगे। इसकी जांच होने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। एसडीएम ने जांच कराने के बाद मुख्य राजस्व अधिकारी को रिपोर्ट भेजी है। मामले में एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति भी की गई है।
विज्ञापन

तहसील सदर के नौबरा गांव के सूर्यलाल व बृजलाल ने जिले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री को प्रार्थना पत्र दिया और पट्टे के कागजात लगाए। उन्होंने बताया कि 1983 में भूमि पट्टे पर मिली थी, पट्टे की भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग किया। मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) जयनाथ यादव ने इसकी जांच कराने के लिए एसडीएम सदर को रिपोर्ट भेजी। जहां नायब तहसीलदार ने मामले की जांच किया। जिसमें यह तथ्य सामने आया कि जिस भूमि के पट्टे होने का दावा दोनो कर रहे हैं उसका पट्टा ही नहीं हुआ।
विज्ञापन

पट्टा पत्रावली की जांच हुई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिसमें पहले पन्ने पर तीन प्रकार की स्याही और कलम से तीन बार स्वीकृति दर्ज मिली। एसडीएम की लिखावट व हस्ताक्षर फर्जी होने की आशंका हुई। यही नहीं पत्रावली का तीसरा पन्ना भी पहले और दूसरे से भिन्न मिला। इसी तरह कई तरह की और हेराफेरी मिली। पट्टेदारों के नाम बढ़ाए जाने की आशंका होने पर एजेंडा व कार्यवाही के पन्नों की जांच हुई। जिससे पुष्टि हुई कि इन दोनों के नाम बाद में बढ़ाए गए हैं। पूरे मामले में तहसील के कार्मिकों की भूमिका भी सवालों से घिरी है। जानकारी पट्टे का दावा करने वालों से ही संभव है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने पूरे मामले में दोनों के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति की है। जिससे तहसील के उन कर्मियों की पहचान भी हो सके, जो इस मामले में शामिल हैं। फिलहाल एसडीएम की कार्रवाई से फर्जीवाड़ा करके भूमि को हथियाने का खेल नहीं हो सका है।

फर्जी अभिलेख के आधार पर पट्टे की भूमि साबित करने का मामला पकड़ में आया है। इसकी रिपोर्ट मुख्य राजस्व अधिकारी को भेजी गई है। दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी। विनोद कुमार सिंह, एसडीएम सदर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed