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5.45 लाख राशन कार्ड का होगा सत्यापन, अपात्रों से होगी रिकवरी
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गोंडा। अपात्र होने के बाद भी जोड़ तोड़ से राशन अनाज हड़पने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती है। आपूर्ति विभाग जिले में बने राशन कार्डों का नए सिरे से सत्यापन करा रहा है। इसमें अपात्रता के बाद भी सस्ती दर का राशन अनाज लेने वालों को चिह्नित कर उनसे लिए अनाज के बाजार मूल्य का आंकलन कर रिकवरी होगी। राशन कार्डों की जांच शुरू होने के बाद अपात्रों में हड़कंप मचने लगा है। इसके चलते ही मंगलवार को 12 लोगों ने अपने को अपात्र बताते हुए बना हुआ राशन कार्ड जमा जिला पूर्ति अधिकारी के समक्ष जमा करते हुए इसे रद्द करने की मांग की।
अपात्र होने के बाद भी पात्र गृहस्थी या फिर अंत्योदय राशनकार्ड के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ ले रहे हैं, तो तत्काल राशनकार्ड को वापस कर दे। राशन कार्ड की सत्यापन जांच में अपात्र पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ ही अब तक लिए गए निशुल्क राशन अनाज की बाजार मूल्य पर रिकवरी भी होगी। कार्रवाई से बचने को डिफाल्टर स्वत: अपना राशन कार्ड संबंधित तहसील मुख्यालय या पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर सरेंडर कर सकते हैं। वर्तमान में जिले में कुल 6.07 लाख राशन कार्ड धारक हैं। इसमें से 5.45 लाख पात्र गृहस्थी और 65 हजार अंत्योदय कार्ड धारक हैं। फिलहाल सभी को कोटेेदार के माध्यम से निशुल्क राशन अनाज मिल रहा है।
इन राशन कार्डधारकों में काफी संख्या में ऐसे लोग भी है जो अपात्र होने के बाद भी जोड़ तोड़ से राशन कार्ड बनवाकर मुफ्त राशन अनाज योजना का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे अपात्र राशन कार्डधारकों की धरपकड़ को अब राशन कार्ड धारकों का स्थलीय सत्यापन कर उनकी गहन जांच होगी। शासन स्तर से 20 अप्रैल तक राशन कार्ड धारकों की जांच को पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए पूर्ति विभाग के अलावा ब्लॉक और नगर पालिकाओं से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को लगाया गया है।
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नगरीय क्षेत्र में यह होंगे अपात्र
नगरीय क्षेत्र में आयकर दाता ऐसा परिवार जिसके स्वामित्व में चार पहिया वाहन, वातानुकूलित यंत्र व पांच केवीए व उससे अधिक क्षमता का जनरेटर हो, वह अपात्र होगा। ऐसा परिवार जिसके किसी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्य के साथ 100 वर्ग मीटर से अधिक या स्वार्जित आवासीय प्लाट या स्वनिर्मित मकान अथवा 100 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट एरिया का फ्लैट हो, जिनके सदस्यों के पास एक से अधिक शस्त्र का लाइसेंस हो और ऐसा परिवार जिनके समस्त सदस्यों की प्रतिवर्ष आय 3 लाख रुपये हो, वह अपात्रता की श्रेणी में आएगा। जिला पूर्ति अधिकारी सुरंद्र यादव ने बताया कि अपात्र कार्ड धारकों को चिह्नित करने का कार्य शुरू किया गया है। अपात्रता के बाद भी राशन कार्ड बनवाने वाले खुद आवेदन कर रद्द करा सकते हैं। जांच में पकड़े जाने पर कार्रवाई के साथ रिकवरी होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में पात्रता की शर्तें
ग्रामीण क्षेत्रों में आयकर दाता, ऐसा परिवार जिसमें किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन अथवा ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, वातानुकूलित यंत्र, पांच किलोवाट या इससे अधिक क्षमता का जेनरेटर है, अपात्र होगा। ऐसा परिवार जिनके किसी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्यों के स्वामित्व में पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि हो, ऐसा परिवार जिनके समस्त सदस्यों की आय 2 लाख प्रतिवर्ष से अधिक हो, ऐसा परिवार जिनके किसी सदस्य के पास लाइसेंसी शस्त्र हो, वह अपात्र की श्रेणी में आएगा।
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अपात्र होने के बाद भी पात्र गृहस्थी या फिर अंत्योदय राशनकार्ड के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ ले रहे हैं, तो तत्काल राशनकार्ड को वापस कर दे। राशन कार्ड की सत्यापन जांच में अपात्र पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ ही अब तक लिए गए निशुल्क राशन अनाज की बाजार मूल्य पर रिकवरी भी होगी। कार्रवाई से बचने को डिफाल्टर स्वत: अपना राशन कार्ड संबंधित तहसील मुख्यालय या पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर सरेंडर कर सकते हैं। वर्तमान में जिले में कुल 6.07 लाख राशन कार्ड धारक हैं। इसमें से 5.45 लाख पात्र गृहस्थी और 65 हजार अंत्योदय कार्ड धारक हैं। फिलहाल सभी को कोटेेदार के माध्यम से निशुल्क राशन अनाज मिल रहा है।
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इन राशन कार्डधारकों में काफी संख्या में ऐसे लोग भी है जो अपात्र होने के बाद भी जोड़ तोड़ से राशन कार्ड बनवाकर मुफ्त राशन अनाज योजना का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे अपात्र राशन कार्डधारकों की धरपकड़ को अब राशन कार्ड धारकों का स्थलीय सत्यापन कर उनकी गहन जांच होगी। शासन स्तर से 20 अप्रैल तक राशन कार्ड धारकों की जांच को पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए पूर्ति विभाग के अलावा ब्लॉक और नगर पालिकाओं से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को लगाया गया है।
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नगरीय क्षेत्र में यह होंगे अपात्र
नगरीय क्षेत्र में आयकर दाता ऐसा परिवार जिसके स्वामित्व में चार पहिया वाहन, वातानुकूलित यंत्र व पांच केवीए व उससे अधिक क्षमता का जनरेटर हो, वह अपात्र होगा। ऐसा परिवार जिसके किसी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्य के साथ 100 वर्ग मीटर से अधिक या स्वार्जित आवासीय प्लाट या स्वनिर्मित मकान अथवा 100 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट एरिया का फ्लैट हो, जिनके सदस्यों के पास एक से अधिक शस्त्र का लाइसेंस हो और ऐसा परिवार जिनके समस्त सदस्यों की प्रतिवर्ष आय 3 लाख रुपये हो, वह अपात्रता की श्रेणी में आएगा। जिला पूर्ति अधिकारी सुरंद्र यादव ने बताया कि अपात्र कार्ड धारकों को चिह्नित करने का कार्य शुरू किया गया है। अपात्रता के बाद भी राशन कार्ड बनवाने वाले खुद आवेदन कर रद्द करा सकते हैं। जांच में पकड़े जाने पर कार्रवाई के साथ रिकवरी होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में पात्रता की शर्तें
ग्रामीण क्षेत्रों में आयकर दाता, ऐसा परिवार जिसमें किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन अथवा ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, वातानुकूलित यंत्र, पांच किलोवाट या इससे अधिक क्षमता का जेनरेटर है, अपात्र होगा। ऐसा परिवार जिनके किसी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्यों के स्वामित्व में पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि हो, ऐसा परिवार जिनके समस्त सदस्यों की आय 2 लाख प्रतिवर्ष से अधिक हो, ऐसा परिवार जिनके किसी सदस्य के पास लाइसेंसी शस्त्र हो, वह अपात्र की श्रेणी में आएगा।