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Gonda News: गोंडा से अटल रहा है पूर्व पीएम का रिश्ता
Wed, 24 Dec 2025 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 24 Dec 2025 11:25 PM IST
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प्रचार के लिए पहुंचे थे पूर्व प्रधानमंत्री।
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गोंडा। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर को है। अटल जी का गोंडा से रिश्ता सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी रहा है। अविभाजित गोंडा जिले के बलरामपुर संसदीय क्षेत्र से उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा था। उस दौर में वे गोंडा शहर के पीपल तिराहे पर एक किराये के मकान में रहते थे। आज भी गोंडा के लोग उन्हें अपने बीच का नेता मानते हैं।
1962 में हरैया सतघरवा में अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव की कमान संभालने वाले पूर्व विधायक तुलसीदास रायचंदानी बताते हैं कि अटल जी कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कभी हिम्मत नहीं हारते थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता केके श्रीवास्तव ने बताया कि एक कार्यक्रम में मंच संचालन के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वयं उनकी पीठ थपथपाकर सराहना की थी। उनका व्यवहार हमेशा स्नेह और अपनत्व से भरा रहता था।
बेबाकी से अपनी बात रखते थे अटल
पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह की बेटी और लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष वर्षा सिंह ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी का उनके परिवार से पारिवारिक रिश्ता था। वे उन्हें अंकल कहकर संबोधित करती थीं।। गोंडा प्रवास के दौरान अटल जी अक्सर उनके घर ठहरते थे और उनके पिता के साथ बुलेट से क्षेत्र भ्रमण पर निकलते थे। उन्होंने बताया कि अटल जी खाने के भी शौकीन थे और अपनी बात बेबाकी से रखते थे।
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अटल जी को पसंद था आलू का पराठा और दूध
पूर्व विधायक त्रिवेणी सहाय के बेटे आशुतोष सहाय ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी को आलू का पराठा और दूध बेहद पसंद था। जब भी वे उनके घर आते, मां के हाथ का बना पराठा जरूर खाते थे। उन्होंने 1967 के चुनाव से जुड़ा एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि एक कार्यकर्ता के घर जलपान और दूध पीने के बाद अटल जी प्रचार में निकल गए। शाम को लौटने पर जब उन्हें पानी बड़े गिलास में दिया गया तो अपने चिर-परिचित अंदाज में मुस्कराते हुए बोले-सुबह कहां थे तुम गिलास देवता?। अटल बिहारी वाजपेयी की ऐसी अनेक स्मृतियां आज भी गोंडा के लोगों के दिलों में जीवंत हैं।
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1962 में हरैया सतघरवा में अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव की कमान संभालने वाले पूर्व विधायक तुलसीदास रायचंदानी बताते हैं कि अटल जी कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कभी हिम्मत नहीं हारते थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता केके श्रीवास्तव ने बताया कि एक कार्यक्रम में मंच संचालन के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वयं उनकी पीठ थपथपाकर सराहना की थी। उनका व्यवहार हमेशा स्नेह और अपनत्व से भरा रहता था।
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बेबाकी से अपनी बात रखते थे अटल
पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह की बेटी और लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष वर्षा सिंह ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी का उनके परिवार से पारिवारिक रिश्ता था। वे उन्हें अंकल कहकर संबोधित करती थीं।। गोंडा प्रवास के दौरान अटल जी अक्सर उनके घर ठहरते थे और उनके पिता के साथ बुलेट से क्षेत्र भ्रमण पर निकलते थे। उन्होंने बताया कि अटल जी खाने के भी शौकीन थे और अपनी बात बेबाकी से रखते थे।
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अटल जी को पसंद था आलू का पराठा और दूध
पूर्व विधायक त्रिवेणी सहाय के बेटे आशुतोष सहाय ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी को आलू का पराठा और दूध बेहद पसंद था। जब भी वे उनके घर आते, मां के हाथ का बना पराठा जरूर खाते थे। उन्होंने 1967 के चुनाव से जुड़ा एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि एक कार्यकर्ता के घर जलपान और दूध पीने के बाद अटल जी प्रचार में निकल गए। शाम को लौटने पर जब उन्हें पानी बड़े गिलास में दिया गया तो अपने चिर-परिचित अंदाज में मुस्कराते हुए बोले-सुबह कहां थे तुम गिलास देवता?। अटल बिहारी वाजपेयी की ऐसी अनेक स्मृतियां आज भी गोंडा के लोगों के दिलों में जीवंत हैं।