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Gonda News: फॉरेंसिक जांच में ईएनए की चोरी की हुई पुष्टि
Mon, 09 Dec 2024 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 09 Dec 2024 11:51 PM IST
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नवाबगंज (गोंडा)। नवाबगंज स्थित स्टार ब्रूकेम लिमिटेड डिस्टलरी के टैंक से 27,000 लीटर ग्रेन ईएनए के लीकेज होने के बाद सहायक आबकारी आयुक्त रामप्रीत चौहान ने प्रबंधतंत्र तथा अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम ने गोदाम के टैंक का लीकेज देखा।
प्रभारी निरीक्षक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि टैंक में पानी भरवाने के बाद जिस तेजी से टैंक लीक कर रहा था उससे मिल के कर्मचारियों को ग्रेन ईएनए लीकेज के बारे में जानकारी कैसे नहीं हुई। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने टैंक की जांच-पड़ताल की। जिसमें पाया गया कि टैंक के जिस स्थान से ईएनए लीकेज हुआ है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। टीम ने जांच में पाया कि टैंक से ग्रेन ईएनए का पहले इस्तेमाल कर लिया गया था। उसके बाद टैंक के वाॅल्व को कटर मशीन से काटकर लीकेज बनाया गया है। मध्य प्रदेश के छतरपुर से चली 58,000 लीटर ग्रेन ईएनए का कोई अभिलेख मिल में नहीं पाया गया। जिससे यह प्रतीत होता है कि 58,000 लीटर ग्रेन ईएनए मिल तक पहुंचा ही नहीं। टीम ने मिल कर्मचारियों से भी पूछताछ की है।
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प्रभारी निरीक्षक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि टैंक में पानी भरवाने के बाद जिस तेजी से टैंक लीक कर रहा था उससे मिल के कर्मचारियों को ग्रेन ईएनए लीकेज के बारे में जानकारी कैसे नहीं हुई। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने टैंक की जांच-पड़ताल की। जिसमें पाया गया कि टैंक के जिस स्थान से ईएनए लीकेज हुआ है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। टीम ने जांच में पाया कि टैंक से ग्रेन ईएनए का पहले इस्तेमाल कर लिया गया था। उसके बाद टैंक के वाॅल्व को कटर मशीन से काटकर लीकेज बनाया गया है। मध्य प्रदेश के छतरपुर से चली 58,000 लीटर ग्रेन ईएनए का कोई अभिलेख मिल में नहीं पाया गया। जिससे यह प्रतीत होता है कि 58,000 लीटर ग्रेन ईएनए मिल तक पहुंचा ही नहीं। टीम ने मिल कर्मचारियों से भी पूछताछ की है।
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