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टेढ़ी नदी के किनारे हजारो हेक्टयर भूमि पर नही हो सकेगी गेंहू की बोवाई
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गोंडा के बालपुर में टेढ़ी नदी किनारे खेतों में भरा बाढ़ का पानी।
- फोटो : GONDA
गोंडा। बहराइच के चित्तौड़ झील से निकल कर अयोध्या के सरयू नदी में मिलने वाली टेढ़ी नदी के किनारे की हजारों हेक्टेयर भूमि पर बाढ़ का पानी भरा है। किसानों की गेहूं की बोआई प्रभावित हो रही है। गेहूं के बोआई का समय बीत रहा है, अभी खेतों में पानी भरा है।
नदी के किनारे करीब दस हजार किसानों की हजारों हेक्टेयर भूमि है, जिस पर खेती करके किसान जीवन यापन करते हैं। टेढ़ी नदी में नेपाल से अधिक पानी छोड़े जाने से किसानों की धान, मक्का, अरहर, तिल, उर्द आदि की फसल पानी में डूबने से नष्ट हो गई थी।
अभी तक खेत में बाढ़ का पानी भरा होने से किसान गेहूं की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। खेती नहीं कर पाने से आने वाले किसानों की माली हालत खराब होने की आशंका बनी है। बालपुर हजारी निवासी किसान लालजी कहते हैं कि उनका खेत नदी के किनारे है, जिस पर जोताई नहीं हो सकती है।
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गेहूं की बोआई बहुत पिछड़ गई है। धान की फसल डूब गई थी, जिसका मुआवजा नहीं मिला। गोगिया निवासी किसान अनिल कुमार उपाध्याय ने बताया कि नदी की सफाई न होने से नदी छिछली हो गई। कई साल से लोगों की फसल डूब जाती है।
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नदी के किनारे करीब दस हजार किसानों की हजारों हेक्टेयर भूमि है, जिस पर खेती करके किसान जीवन यापन करते हैं। टेढ़ी नदी में नेपाल से अधिक पानी छोड़े जाने से किसानों की धान, मक्का, अरहर, तिल, उर्द आदि की फसल पानी में डूबने से नष्ट हो गई थी।
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अभी तक खेत में बाढ़ का पानी भरा होने से किसान गेहूं की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। खेती नहीं कर पाने से आने वाले किसानों की माली हालत खराब होने की आशंका बनी है। बालपुर हजारी निवासी किसान लालजी कहते हैं कि उनका खेत नदी के किनारे है, जिस पर जोताई नहीं हो सकती है।
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गेहूं की बोआई बहुत पिछड़ गई है। धान की फसल डूब गई थी, जिसका मुआवजा नहीं मिला। गोगिया निवासी किसान अनिल कुमार उपाध्याय ने बताया कि नदी की सफाई न होने से नदी छिछली हो गई। कई साल से लोगों की फसल डूब जाती है।