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Gonda News: प्राथमिक विद्यालय में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप, एफआईआर दर्ज
Sun, 30 Nov 2025 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 30 Nov 2025 11:21 PM IST
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गोंडा। झंझरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय चिश्तीपुर में धर्मांतरण के प्रयास का खुलासा हुआ है। विद्यालय की पूर्व सहायक अध्यापिका सुरेखा ने सहकर्मी शिक्षकों व कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने, विरोध पर पीटने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। न्यायालय के आदेश पर सुरेखा की शिकायत पर देहात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार शकुंतला नगर गढ़ी, आगरा की रहने वाली सुरेखा कुमारी वर्ष 2023 में प्राथमिक विद्यालय चिश्तीपुर में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका तजीन खान, सहायक अध्यापिका फरीन खान, शिक्षामित्र साफिया खातून, राशिद खान, नफीस खान, एजाज अहमद, सज्जन, हायर सेकेंड्री स्कूल पांडेयपुर के प्रधानाध्यापक अफसर हसन व अमाना खातून द्वारा विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और कर्मचारियों पर इस्लाम धर्म स्वीकार करने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप लगाया कि विद्यालय में जबरन धार्मिक शिक्षा दी जा रही थी। उक्त लोग विद्यालय को मदरसे में परिवर्तित करने का प्रयास कर रहे थे। विरोध करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोप लगाया कि 22 मार्च 2023 में विद्यालय परिसर में आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और धर्म परिवर्तन से इन्कार करने पर जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह एक स्थानीय महिला की मदद से वह कमरे पर वापस पहुंचीं।
सुरेखा ने बताया कि उक्त घटना की सूचना उन्होंने 28 मार्च 2023 को देहात कोतवाली में दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 15 मई 2023 को पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थनापत्र भेजा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच उनका स्थानांतरण मथुरा हो गया, जिससे मामले में कार्रवाई के लिए प्रयास करना मुश्किल हो गया। उन्होंने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की। न्यायालय ने सात फरवरी 2025 को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अदालत से जारी आदेश के अनुपालन में सुरेखा कुमारी ने 10 अप्रैल 2025 को न्यायालय में विस्तृत प्रार्थनापत्र दाखिल कर सभी नामजद आरोपियों पर संज्ञेय अपराधों में मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने की मांग की है। इसके बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज हो सकी। एफआईआर में उक्त प्रधानाध्यापिका, सहायक अध्यापिका, शिक्षामित्र सहित कई लोग आरोपी बनाए गए हैं।
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सुरेखा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि केस दर्ज हो गया है। एसएसआई कमल शंकर चतुर्वेदी को विवेचना दी गई है। छानबीन करके कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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पुलिस के अनुसार शकुंतला नगर गढ़ी, आगरा की रहने वाली सुरेखा कुमारी वर्ष 2023 में प्राथमिक विद्यालय चिश्तीपुर में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका तजीन खान, सहायक अध्यापिका फरीन खान, शिक्षामित्र साफिया खातून, राशिद खान, नफीस खान, एजाज अहमद, सज्जन, हायर सेकेंड्री स्कूल पांडेयपुर के प्रधानाध्यापक अफसर हसन व अमाना खातून द्वारा विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और कर्मचारियों पर इस्लाम धर्म स्वीकार करने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप लगाया कि विद्यालय में जबरन धार्मिक शिक्षा दी जा रही थी। उक्त लोग विद्यालय को मदरसे में परिवर्तित करने का प्रयास कर रहे थे। विरोध करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोप लगाया कि 22 मार्च 2023 में विद्यालय परिसर में आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और धर्म परिवर्तन से इन्कार करने पर जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह एक स्थानीय महिला की मदद से वह कमरे पर वापस पहुंचीं।
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सुरेखा ने बताया कि उक्त घटना की सूचना उन्होंने 28 मार्च 2023 को देहात कोतवाली में दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 15 मई 2023 को पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थनापत्र भेजा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच उनका स्थानांतरण मथुरा हो गया, जिससे मामले में कार्रवाई के लिए प्रयास करना मुश्किल हो गया। उन्होंने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की। न्यायालय ने सात फरवरी 2025 को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अदालत से जारी आदेश के अनुपालन में सुरेखा कुमारी ने 10 अप्रैल 2025 को न्यायालय में विस्तृत प्रार्थनापत्र दाखिल कर सभी नामजद आरोपियों पर संज्ञेय अपराधों में मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने की मांग की है। इसके बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज हो सकी। एफआईआर में उक्त प्रधानाध्यापिका, सहायक अध्यापिका, शिक्षामित्र सहित कई लोग आरोपी बनाए गए हैं।
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सुरेखा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि केस दर्ज हो गया है। एसएसआई कमल शंकर चतुर्वेदी को विवेचना दी गई है। छानबीन करके कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।