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नकली खाद से लुट रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Wed, 29 Jul 2015 10:32 PM IST
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जिले में नकली खाद व पेस्टीसाइड की बिक्री से किसान लुट रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से की गई छापेमारी में एक दर्जन खाद के नमूने लिए गए थे। इसकी जांच करायी गई, जिसमें चार नमूने फेल हुए थे। इसके बाद चार दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए थे।
जिले में करीब तीन लाख हेक्टेयर में रबी व खरीफ की खेती की जा रही है। इसके लिए हर सीजन में करीब दस हजार एमटी डीएपी व करीब 20 हजार एमटी यूरिया की आवश्यकता पड़ती है। हर साल खाद के उपयोग के समय इसकी किल्लत आ जाती है।
खाद कारोबार से जुड़े सूत्रों की माने तो खाद माफिया चालाक कारोबारियों से मिलकर इसका फायदा उठा कर बाजार में नकली व मिलावटी प्रोडक्ट पहुंचा देते हैं। इस तरह की आकर्षक पैकिंग से होने से किसान उसके असली नकली का भेद नहीं कर पाते है। बड़े व नामचीन ब्रांड के खाली बोरों में नकली प्रोडक्ट्स भर कर बेचे जा रहे हैं।
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कई बार किसानों को इसकी गलत सिलाई मिलने के साथ बोरे में मिट्टी जैसी मिलावट भी मिली है। इस तरह के खाद के प्रयोग से खेत में कोई फायदा भी नही होता है। इस कारोबार की बारीकी से छानबीन न किये जाने से किसानों को लुटना पड़ रहा है।
पकड़ी गई थी नकली खाद फैक्ट्री
बाराबंकी जिले में पकड़े गई नकली खाद कंपनी की तरह पिछले साल जिले के करनैलगंज कस्बे में नकली खाद बनाने की एक फैक्ट्री पकड़ी गई थी। खाद विक्रेता अपने दुकान व घर के पीछे नकली खाद बनाने की फैक्ट्री लगा रखी थी। तत्कालीन एसडीएम ने छापेमारी कर नकली खाद बनाने का भंडाफोड़ किया था। मौके से कई बोरी नकली खाद, दूसरे खाद कंपनियों की नकली बोरी आदि बरामद हुआ था। बाद में जांच कर विभाग ने दुकानदार का खाद बिक्री लाइसेंस निरस्त किया था। दुकानदार के खिलाफ मामला भी कोतवाली में दर्ज कराया गया था।
केस दो
ब्रांडेड कंपनी का रैपर लगा बेच रहे थे नकली खाद
करीब दस माह पहले मनकापुर तहसील कस्बे में एक दुकान पर नकली पेस्टीसाइड बनाकर बेचने का मामला पकड़ा गया था। किसानों व दूसरे दुकानदारों की सूचना पर एक पेस्टीसाइड बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों ने मनकापुर में छापेमारी की थी। कंपनी के अधिकारियों ने बताया था कि नकली रैपर बनाकर नकली प्रोडक्ट की बिक्री की जा रही थी। कंपनी के नाम का फायदा उठा कर गलत तरीके से बेचा जा रहा था।
ठगा महसूस कर रहे किसान
पथवलिया गांव के किसान राम निहोर ने बताया कि खाद ले गए थे। लेकिन खेत में उसका असर नहीं दिखाई पड़ा। जयनगरा के किसान सुरेश पाठक ने बताया कि खरपतवार नाशक पेस्टीसाइड बाजार से खरीद कर ले गए लेकिन उसका असर नहीं हुआ और खतपतवार वैसे ही लगा है। किसानों ने कहा कि वे नकली बीज व खाद से ठगे जा रहे हैं।
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जिले में करीब तीन लाख हेक्टेयर में रबी व खरीफ की खेती की जा रही है। इसके लिए हर सीजन में करीब दस हजार एमटी डीएपी व करीब 20 हजार एमटी यूरिया की आवश्यकता पड़ती है। हर साल खाद के उपयोग के समय इसकी किल्लत आ जाती है।
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खाद कारोबार से जुड़े सूत्रों की माने तो खाद माफिया चालाक कारोबारियों से मिलकर इसका फायदा उठा कर बाजार में नकली व मिलावटी प्रोडक्ट पहुंचा देते हैं। इस तरह की आकर्षक पैकिंग से होने से किसान उसके असली नकली का भेद नहीं कर पाते है। बड़े व नामचीन ब्रांड के खाली बोरों में नकली प्रोडक्ट्स भर कर बेचे जा रहे हैं।
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कई बार किसानों को इसकी गलत सिलाई मिलने के साथ बोरे में मिट्टी जैसी मिलावट भी मिली है। इस तरह के खाद के प्रयोग से खेत में कोई फायदा भी नही होता है। इस कारोबार की बारीकी से छानबीन न किये जाने से किसानों को लुटना पड़ रहा है।
पकड़ी गई थी नकली खाद फैक्ट्री
बाराबंकी जिले में पकड़े गई नकली खाद कंपनी की तरह पिछले साल जिले के करनैलगंज कस्बे में नकली खाद बनाने की एक फैक्ट्री पकड़ी गई थी। खाद विक्रेता अपने दुकान व घर के पीछे नकली खाद बनाने की फैक्ट्री लगा रखी थी। तत्कालीन एसडीएम ने छापेमारी कर नकली खाद बनाने का भंडाफोड़ किया था। मौके से कई बोरी नकली खाद, दूसरे खाद कंपनियों की नकली बोरी आदि बरामद हुआ था। बाद में जांच कर विभाग ने दुकानदार का खाद बिक्री लाइसेंस निरस्त किया था। दुकानदार के खिलाफ मामला भी कोतवाली में दर्ज कराया गया था।
केस दो
ब्रांडेड कंपनी का रैपर लगा बेच रहे थे नकली खाद
करीब दस माह पहले मनकापुर तहसील कस्बे में एक दुकान पर नकली पेस्टीसाइड बनाकर बेचने का मामला पकड़ा गया था। किसानों व दूसरे दुकानदारों की सूचना पर एक पेस्टीसाइड बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों ने मनकापुर में छापेमारी की थी। कंपनी के अधिकारियों ने बताया था कि नकली रैपर बनाकर नकली प्रोडक्ट की बिक्री की जा रही थी। कंपनी के नाम का फायदा उठा कर गलत तरीके से बेचा जा रहा था।
ठगा महसूस कर रहे किसान
पथवलिया गांव के किसान राम निहोर ने बताया कि खाद ले गए थे। लेकिन खेत में उसका असर नहीं दिखाई पड़ा। जयनगरा के किसान सुरेश पाठक ने बताया कि खरपतवार नाशक पेस्टीसाइड बाजार से खरीद कर ले गए लेकिन उसका असर नहीं हुआ और खतपतवार वैसे ही लगा है। किसानों ने कहा कि वे नकली बीज व खाद से ठगे जा रहे हैं।