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खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2015 12:06 AM IST
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गैड़ास बुजुर्ग क्षेत्र के किसान यूरिया की किल्लत से जूझ रहे हैं। धान की फसल में खाद डालने की चिंता किसानों को सता रही है। यूरिया की कालाबाजारी से अन्नदाताओं में काफी आक्रोश व्याप्त है। अन्नदाताओं ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर यूरिया की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और धान की फसल में डालने के लिए पर्याप्त मात्रा में निर्धारित रेट पर यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है।
स्थानीय ब्लॉक के किसान कृष्ण मुरारी, राम सजीवन व सरवर आदि ने डीएम को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि दुकानदार 450 से 500 रुपये में सादी यूरिया धड़ल्ले से बेचकर कालाबाजारी कर रहे हैं।
धुसवा बाजार, हुसैनाबाद बाजार, गैड़ास बुजुर्ग, चेतियवा, तिन्निहवा, सहियापुर व पलटनडीह आदि ग्रामीण बाजारों में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। किसान धान की फसल में यूरिया डालने के लिए मुंह मांगी कीमत देने को मजबूर हैं। दुकानदार निर्धारित कीमत देने पर किसानों को न होने का बहाना बनाकर टरका देते हैं।
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मुंह मांगी कीमत देने पर यूरिया मिल रही है। इन लोगों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर यूरिया की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार चौबे को जब किसानों ने फोन करके सूचना दी तो उन्होंने कहा कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। निर्धारित रेट पर ही किसान यूरिया की खरीद करें। यूरिया का कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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स्थानीय ब्लॉक के किसान कृष्ण मुरारी, राम सजीवन व सरवर आदि ने डीएम को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि दुकानदार 450 से 500 रुपये में सादी यूरिया धड़ल्ले से बेचकर कालाबाजारी कर रहे हैं।
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धुसवा बाजार, हुसैनाबाद बाजार, गैड़ास बुजुर्ग, चेतियवा, तिन्निहवा, सहियापुर व पलटनडीह आदि ग्रामीण बाजारों में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। किसान धान की फसल में यूरिया डालने के लिए मुंह मांगी कीमत देने को मजबूर हैं। दुकानदार निर्धारित कीमत देने पर किसानों को न होने का बहाना बनाकर टरका देते हैं।
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मुंह मांगी कीमत देने पर यूरिया मिल रही है। इन लोगों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर यूरिया की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार चौबे को जब किसानों ने फोन करके सूचना दी तो उन्होंने कहा कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। निर्धारित रेट पर ही किसान यूरिया की खरीद करें। यूरिया का कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।