{"_id":"61115f1f8ebc3ef41b7670ad","slug":"farm-laborers-migrating-due-to-wrong-policies-of-the-government-gonda-news-lko5906325174","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेड यूनियनों ने धरना देकर भारत बचाओ दिवस का आयोजन किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेड यूनियनों ने धरना देकर भारत बचाओ दिवस का आयोजन किया
विज्ञापन
गोंडा। किसान मजदूर संघर्ष समन्वय समिति की ओर से 9 अगस्त भारत बचाओ दिवस का आयोजन जिला कलेक्ट्रेट के जिला पंचायत टिन शेड में किया गया। अवसर पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित 14 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।
धरने की अध्यक्षता साधना, मीनाक्षी खरे, अमेरिका यादव ने किया। संचालन सीआईटीयू के राज्य कमेटी सदस्य कामरेड कौशलेंद्र पांडेय ने किया। धरना प्रदर्शन में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसान मजदूर व श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
धरना प्रदर्शन में पूर्वांचल चीनी मिल कर्मचारी यूनियन के कामरेड ईश्वर शुक्ला ने कहा कि सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के कारण आज किसानों, मजदूरों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
जनवादी नौजवान सभा के जिला सचिव आशीष सिंह ने बेरोजगारी और शिक्षा के व्यापक स्तर पर हो रहे बाजारीकरण पर आक्रोश जताया। खेतिहर मजदूर यूनियन के जिला महामंत्री कल्लू सिंह चौहान ने कहा कि खेत मजदूर सरकार की गलत नीतियों के कारण पलायन कर रहे हैं।
मनरेगा में मजदूरी कम होने और काम न मिलने के कारण रोजी रोटी कमाने के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। धरने को एटक के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष सत्यनारायण त्रिपाठी, खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक केपी जनवादी, पूर्वांचल चीनी मिल मजदूर यूनियन के आनंद प्रकाश त्रिपाठी, स्कीम वर्कर समन्वय समिति के संयोजक दिलीप शुक्ला, रानी देवी पाल, सलमा परवीन, राधा, यूपीएमएसआरए के जिला सचिव विनीत तिवारी, रेलवे ठेका मजदूर यूनियन के स्वामीनाथ ने संबोधित किया।
प्रधानमंत्री को संबोधित दिए गए मांगपत्र में मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं, किसान विरोधी कृषि कानूनों सहित बिजली संशोधन विधेयक को रद्द किए जाने, रोजगार का सृजन करने, सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को तत्काल भरे जाने, मनरेगा पर बजट के साथ काम के दिन व मजदूरी बढ़ाए जाने, शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू किए जाने, आयकर के दायरे से बाहर सभी परिवारों को साढ़े सात हजार रुपए प्रति माह दिए जाने, अगले छह महीने तक प्रति व्यक्ति को प्रतिमाह दस किलो मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने, स्वास्थ पर बजट बढ़ाए जाने, सभी का मुफ्त टीकाकरण सुनिश्चित कराए जाने, पेट्रोल डीजल, रसोई गैस सहित आवश्यक वस्तुओं के दाम कम किए जाने सहित कई मांगे शामिल हैं।
विज्ञापन
धरने की अध्यक्षता साधना, मीनाक्षी खरे, अमेरिका यादव ने किया। संचालन सीआईटीयू के राज्य कमेटी सदस्य कामरेड कौशलेंद्र पांडेय ने किया। धरना प्रदर्शन में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसान मजदूर व श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
विज्ञापन
धरना प्रदर्शन में पूर्वांचल चीनी मिल कर्मचारी यूनियन के कामरेड ईश्वर शुक्ला ने कहा कि सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के कारण आज किसानों, मजदूरों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
जनवादी नौजवान सभा के जिला सचिव आशीष सिंह ने बेरोजगारी और शिक्षा के व्यापक स्तर पर हो रहे बाजारीकरण पर आक्रोश जताया। खेतिहर मजदूर यूनियन के जिला महामंत्री कल्लू सिंह चौहान ने कहा कि खेत मजदूर सरकार की गलत नीतियों के कारण पलायन कर रहे हैं।
मनरेगा में मजदूरी कम होने और काम न मिलने के कारण रोजी रोटी कमाने के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। धरने को एटक के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष सत्यनारायण त्रिपाठी, खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक केपी जनवादी, पूर्वांचल चीनी मिल मजदूर यूनियन के आनंद प्रकाश त्रिपाठी, स्कीम वर्कर समन्वय समिति के संयोजक दिलीप शुक्ला, रानी देवी पाल, सलमा परवीन, राधा, यूपीएमएसआरए के जिला सचिव विनीत तिवारी, रेलवे ठेका मजदूर यूनियन के स्वामीनाथ ने संबोधित किया।
प्रधानमंत्री को संबोधित दिए गए मांगपत्र में मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं, किसान विरोधी कृषि कानूनों सहित बिजली संशोधन विधेयक को रद्द किए जाने, रोजगार का सृजन करने, सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को तत्काल भरे जाने, मनरेगा पर बजट के साथ काम के दिन व मजदूरी बढ़ाए जाने, शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू किए जाने, आयकर के दायरे से बाहर सभी परिवारों को साढ़े सात हजार रुपए प्रति माह दिए जाने, अगले छह महीने तक प्रति व्यक्ति को प्रतिमाह दस किलो मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने, स्वास्थ पर बजट बढ़ाए जाने, सभी का मुफ्त टीकाकरण सुनिश्चित कराए जाने, पेट्रोल डीजल, रसोई गैस सहित आवश्यक वस्तुओं के दाम कम किए जाने सहित कई मांगे शामिल हैं।