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Gonda News: कटान तेज, दो छप्पर नदी में समाए
Sun, 13 Jul 2025 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 13 Jul 2025 11:21 PM IST
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नवाबगंज के साकीपुर में कटान देख चिंतित किसान बालकराम। - संवाद
विश्नोहरपुर (गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर भले ही घट रहा हो, लेकिन कटान ने विकराल रूप धारण कर लिया है। साकीपुर गांव में हालात गंभीर हैं। रविवार को गन्ने और चरी के खेत नदी में समा गए। दो दिनों के भीतर बालकराम के दो छप्पर जलधारा में विलीन हो चुके हैं, जबकि सात बीघा खेत नष्ट हो चुके हैं।
कटान की जद में अब तक रामजनम का 10 बिस्वा, रामचंदर का 5 बीघा और राजपलक सिंह व लालबाबू का गन्ना खेत समा चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अमला तीन साल से आंख मूंदे बैठा है। रामजनम ने बताया कि तीन वर्षों में हजारों बीघा जमीन नदी लील गई। लेकिन कोई पूछने नहीं आया। वहीं अयोध्या की तरफ बोल्डर और बांध से बचाव किया गया, पर हमारे गांव को कोई तवज्जो नहीं मिली। शुक्लपुरवा माझा में साकेत शुक्ल और त्रिवेणी सिंह के खेत भी कट रहे हैं। यहां न तो रास्ता बचा है और न ही कोई राहत। ढेमवा मार्ग बंद हो चुका है। ऐसे में ग्रामीणों ने निजी स्टीमर से आवाजाही शुरू की है।
घटते जलस्तर में और तेज हुई कटान
करनैलगंज (गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर रविवार को 40 सेंटीमीटर घटा, लेकिन कटान की रफ्तार और तेज हो गई। बहुवन मदार माझा क्षेत्र में करीब 300 बीघा खेती नदी की धारा में समा गई। यहां नदी सीधे बांध से टकरा रही है, जिससे खतरा बना हुआ है। बचाव के लिए नायलॉन शीट, परखोपाइन और बल्ली-बांस की पायलिंग कराई जा रही है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य ने कहा कि नदी का जलस्तर घट रहा है और संवेदनशील इलाकों में कटान रोकने के प्रयास जारी हैं। स्थिति नियंत्रण में है।
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कटान की जद में अब तक रामजनम का 10 बिस्वा, रामचंदर का 5 बीघा और राजपलक सिंह व लालबाबू का गन्ना खेत समा चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अमला तीन साल से आंख मूंदे बैठा है। रामजनम ने बताया कि तीन वर्षों में हजारों बीघा जमीन नदी लील गई। लेकिन कोई पूछने नहीं आया। वहीं अयोध्या की तरफ बोल्डर और बांध से बचाव किया गया, पर हमारे गांव को कोई तवज्जो नहीं मिली। शुक्लपुरवा माझा में साकेत शुक्ल और त्रिवेणी सिंह के खेत भी कट रहे हैं। यहां न तो रास्ता बचा है और न ही कोई राहत। ढेमवा मार्ग बंद हो चुका है। ऐसे में ग्रामीणों ने निजी स्टीमर से आवाजाही शुरू की है।
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घटते जलस्तर में और तेज हुई कटान
करनैलगंज (गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर रविवार को 40 सेंटीमीटर घटा, लेकिन कटान की रफ्तार और तेज हो गई। बहुवन मदार माझा क्षेत्र में करीब 300 बीघा खेती नदी की धारा में समा गई। यहां नदी सीधे बांध से टकरा रही है, जिससे खतरा बना हुआ है। बचाव के लिए नायलॉन शीट, परखोपाइन और बल्ली-बांस की पायलिंग कराई जा रही है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य ने कहा कि नदी का जलस्तर घट रहा है और संवेदनशील इलाकों में कटान रोकने के प्रयास जारी हैं। स्थिति नियंत्रण में है।
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