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Gonda News: घटते जलस्तर से कटान तेज, 40 बीघा भूमि नदी में समाई
Tue, 15 Sep 2026 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:49 PM IST
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नवाबगंज के बाड़ी माझा में पशुओं के लिए चारा ले जाते बाढ़ पीड़ित व कटान से खराब हुई सड़क। - संवा
उमरीबेगमगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही माझा क्षेत्र में कटान तेज हो गई है। ऐली परसौली क्षेत्र में करीब 40 बीघा भूमि नदी की तेज धारा में समा गई है। खेतों में अब भी पानी भरा होने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। वहीं, दक्षिणी माझा में कटान की चपेट में आने से एक पक्का मकान ढह गया। इससे प्रभावित परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया है।
लेखपाल अंकित वर्मा ने बताया कि ऐली परसौली क्षेत्र में तेज धारा और कटान के कारण करीब 40 बीघा भूमि नदी में समा गई है। दक्षिणी माझा निवासी कुंवर बहादुर यादव का पक्का मकान भी बाढ़ के बाद शुरू हुई कटान की भेंट चढ़ गया। तमाम खेत और फसलें नदी में समाने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। नुकसान की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी गई है। फसल और भूमि क्षति के वास्तविक आकलन के लिए टीमें सर्वे कर रही हैं। बाड़ी माझा के फूलचंद ने बताया कि पानी घट रहा है, लेकिन हरा चारा तक सुरक्षित नहीं बचा है। खेतों में डूबी धान की फसल गल चुकी है। राम सजीवन यादव ने बताया कि पानी घटने के बाद कटान शुरू हुई तो लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ेगा। दत्तनगर के प्रशासक राजाराम यादव ने बताया कि क्षेत्र के बाड़ी और टाड़ी माझा मजरे पूरी तरह बाढ़ प्रभावित हैं। इसके बावजूद अब तक राहत किट या लंच पैकेट नहीं मिल पाया है। साकीपुर के चहलवा मजरे में अभी पानी भरा है और नाव ही आवागमन का सहारा बनी है। ब्योंदा माझा में 14 मजरों के किनारे पानी भरा है और कई रास्ते कट गए हैं। लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव के अनुसार राजस्वकर्मियों से कटान को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सरयू नदी के जलस्तर में मंगलवार सुबह फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.830 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से 24 सेंटीमीटर नीचे है। यहां जलस्तर बढ़ रहा है। अयोध्या में जलस्तर 92.410 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 32 सेंटीमीटर नीचे है। वहां जलस्तर स्थिर है। बैराजों से कुल 3,19,564 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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लेखपाल अंकित वर्मा ने बताया कि ऐली परसौली क्षेत्र में तेज धारा और कटान के कारण करीब 40 बीघा भूमि नदी में समा गई है। दक्षिणी माझा निवासी कुंवर बहादुर यादव का पक्का मकान भी बाढ़ के बाद शुरू हुई कटान की भेंट चढ़ गया। तमाम खेत और फसलें नदी में समाने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। नुकसान की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी गई है। फसल और भूमि क्षति के वास्तविक आकलन के लिए टीमें सर्वे कर रही हैं। बाड़ी माझा के फूलचंद ने बताया कि पानी घट रहा है, लेकिन हरा चारा तक सुरक्षित नहीं बचा है। खेतों में डूबी धान की फसल गल चुकी है। राम सजीवन यादव ने बताया कि पानी घटने के बाद कटान शुरू हुई तो लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ेगा। दत्तनगर के प्रशासक राजाराम यादव ने बताया कि क्षेत्र के बाड़ी और टाड़ी माझा मजरे पूरी तरह बाढ़ प्रभावित हैं। इसके बावजूद अब तक राहत किट या लंच पैकेट नहीं मिल पाया है। साकीपुर के चहलवा मजरे में अभी पानी भरा है और नाव ही आवागमन का सहारा बनी है। ब्योंदा माझा में 14 मजरों के किनारे पानी भरा है और कई रास्ते कट गए हैं। लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव के अनुसार राजस्वकर्मियों से कटान को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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सरयू नदी के जलस्तर में मंगलवार सुबह फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.830 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से 24 सेंटीमीटर नीचे है। यहां जलस्तर बढ़ रहा है। अयोध्या में जलस्तर 92.410 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 32 सेंटीमीटर नीचे है। वहां जलस्तर स्थिर है। बैराजों से कुल 3,19,564 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

नवाबगंज के बाड़ी माझा में पशुओं के लिए चारा ले जाते बाढ़ पीड़ित व कटान से खराब हुई सड़क। - संवा
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