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Gonda News: जलस्तर घटते ही शुरू हो गई कटान
Sat, 22 Aug 2026 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 22 Aug 2026 11:29 PM IST
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गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद
गोंडा। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन पानी कम होते ही कटान परेशान करने लगी है। करनैलगंज, विश्नोहरपुर और उमरी बेगमगंज के माझा इलाकों में नदी खेतों और जमीन को तेजी से काट रही है। गढ़ी गांव में 15 झोपड़ी कटान की जद में हैं। कई जगह सड़कें भी कट गई हैं, जबकि जलभराव के कारण धान व गन्ने की फसलें खराब होने लगी हैं।
शनिवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.160 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से नौ सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर घटने की प्रवृत्ति में है। अयोध्या में जलस्तर 92.950 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 22 सेंटीमीटर अधिक है। यहां भी जलस्तर घट रहा है। शाम चार बजे कुल 2,75,256 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। इसमें गिरिजा बैराज से 1,41,702, शारदा से 1,26,629 और सरयू बैराज से 4,925 क्यूसेक पानी शामिल है।
उमरी बेगमगंज संवाद के मुताबिक, क्षेत्र के गढ़ी में कटान से करीब 15 लोगों के झोपड़ी के आशियाने प्रभावित हुए हैं। हल्का लेखपाल अंकित कुमार व पंकज सैनी ने कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी है। एसडीएम तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि कटान पीड़ितों को नियमानुसार त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। ऐली परसौली में केवटाही, नौबस्ता पुरवा और तेलमहन पुरवा के पास भी नदी तेजी से जमीन काट रही है।
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सैकड़ों बीघे खेतों में कटान
करनैलगंज। ग्राम बेहटा, पारा और मांझा रायपुर के सामने नदी की कटान से सैकड़ों बीघे खेत प्रभावित हुए हैं। खेतों के किनारे तेजी से मिट्टी कटने से किसानों को नुकसान हो रहा है। लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण कटानरोधी कार्य में भी दिक्कत आ रही है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि मैदानी इलाकों में कटान हुई है। बांध के आसपास कटान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। कीचड़ और दलदल के कारण नाव या मोटरबोट से मैदानी क्षेत्रों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है।
सड़कें कटीं, फसलें खराब होने लगीं
विश्नोहरपुर। दत्तनगर, साकीपुर और माझा राठ में तेज बहाव से कई जगह सड़कें कट गई हैं। साकीपुर के शुक्ल पुरवा में सड़क कट गई, जबकि गोकुला से टेपरा जाने वाला मार्ग भी तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो गया। ब्योंदा माझा में नवीन पुलिया के एप्रोच में दरारें आ गई हैं। धान और गन्ने के खेतों में एक सप्ताह से पानी भरा होने के कारण फसलें खराब होने लगी हैं। पूरी तरह डूबे धान के पौधे गलने लगे हैं। नमी के कारण गन्ने की फसल गिर रही है। दत्तनगर के अवधेश यादव ने बताया कि चारों तरफ पानी भरा है और रात में बार-बार बिजली कटने से ग्रामीणों में भय बना रहता है। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी नावों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
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शनिवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.160 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से नौ सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर घटने की प्रवृत्ति में है। अयोध्या में जलस्तर 92.950 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 22 सेंटीमीटर अधिक है। यहां भी जलस्तर घट रहा है। शाम चार बजे कुल 2,75,256 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। इसमें गिरिजा बैराज से 1,41,702, शारदा से 1,26,629 और सरयू बैराज से 4,925 क्यूसेक पानी शामिल है।
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उमरी बेगमगंज संवाद के मुताबिक, क्षेत्र के गढ़ी में कटान से करीब 15 लोगों के झोपड़ी के आशियाने प्रभावित हुए हैं। हल्का लेखपाल अंकित कुमार व पंकज सैनी ने कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी है। एसडीएम तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि कटान पीड़ितों को नियमानुसार त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। ऐली परसौली में केवटाही, नौबस्ता पुरवा और तेलमहन पुरवा के पास भी नदी तेजी से जमीन काट रही है।
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सैकड़ों बीघे खेतों में कटान
करनैलगंज। ग्राम बेहटा, पारा और मांझा रायपुर के सामने नदी की कटान से सैकड़ों बीघे खेत प्रभावित हुए हैं। खेतों के किनारे तेजी से मिट्टी कटने से किसानों को नुकसान हो रहा है। लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण कटानरोधी कार्य में भी दिक्कत आ रही है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि मैदानी इलाकों में कटान हुई है। बांध के आसपास कटान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। कीचड़ और दलदल के कारण नाव या मोटरबोट से मैदानी क्षेत्रों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है।
सड़कें कटीं, फसलें खराब होने लगीं
विश्नोहरपुर। दत्तनगर, साकीपुर और माझा राठ में तेज बहाव से कई जगह सड़कें कट गई हैं। साकीपुर के शुक्ल पुरवा में सड़क कट गई, जबकि गोकुला से टेपरा जाने वाला मार्ग भी तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो गया। ब्योंदा माझा में नवीन पुलिया के एप्रोच में दरारें आ गई हैं। धान और गन्ने के खेतों में एक सप्ताह से पानी भरा होने के कारण फसलें खराब होने लगी हैं। पूरी तरह डूबे धान के पौधे गलने लगे हैं। नमी के कारण गन्ने की फसल गिर रही है। दत्तनगर के अवधेश यादव ने बताया कि चारों तरफ पानी भरा है और रात में बार-बार बिजली कटने से ग्रामीणों में भय बना रहता है। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी नावों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद