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स्वास्थ्य मंच में किशोरों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर जोर
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गोंडा। किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशुतोष शुक्ला के मार्गदर्शन में शनिवार को श्री दयानंद आर्य वैदिक इंटर कालेज में किशोर स्वास्थ्य मंच का आयोजन किया गया।
किशोर स्वास्थ्य मंच में डॉ. सत्येंद्र सिंह आरबीएसके चिकित्साधिकारी ने बताया कि किसी देश का भविष्य वहां के किशोर स्वास्थ्य पर ही निर्भर करता है। जब किशोर का स्वास्थ्य बेहतर होगा तो उसके विचार अच्छे होंगे, जब विचार अच्छे होंगे तो उसकी रणनीति व कार्ययोजना बेहतर होगी।
जो सभी क्षेत्र में अव्वल होगी। इसलिए किशोर किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, एनीमिया के लक्षण, बचाव व उपचार के लिए साप्ताहिक आयरन एवं फोलिक एसिड की नीली बड़ी गोली दोपहर भोजन के बाद हर किशोर किशोरी को सप्ताह में एक बार खाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज पर आकर जांच व उपचार करायें। डॉॅ. जितेंद्र कुमार सिंह ने किशोर स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए यह बताया कि एनीमिया में सुधार के लिए साल में दो बार हर छह माह पर कीड़े की गोली खाएं।
डॉ. सरिता त्रिपाठी ने किशोरी सुरक्षा योजना पर चर्चा करते हुए यह बताया कि 10 से 19 वर्ष तक की किशोरियों को मासिक स्वच्छता हेतु सेनेटरी पैड का उपयोग करें, जिससे किशोरियों को यौन संक्रमण से बचाया जा सके।
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किशोर स्वास्थ्य मंच में डॉ. सत्येंद्र सिंह आरबीएसके चिकित्साधिकारी ने बताया कि किसी देश का भविष्य वहां के किशोर स्वास्थ्य पर ही निर्भर करता है। जब किशोर का स्वास्थ्य बेहतर होगा तो उसके विचार अच्छे होंगे, जब विचार अच्छे होंगे तो उसकी रणनीति व कार्ययोजना बेहतर होगी।
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जो सभी क्षेत्र में अव्वल होगी। इसलिए किशोर किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, एनीमिया के लक्षण, बचाव व उपचार के लिए साप्ताहिक आयरन एवं फोलिक एसिड की नीली बड़ी गोली दोपहर भोजन के बाद हर किशोर किशोरी को सप्ताह में एक बार खाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज पर आकर जांच व उपचार करायें। डॉॅ. जितेंद्र कुमार सिंह ने किशोर स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए यह बताया कि एनीमिया में सुधार के लिए साल में दो बार हर छह माह पर कीड़े की गोली खाएं।
डॉ. सरिता त्रिपाठी ने किशोरी सुरक्षा योजना पर चर्चा करते हुए यह बताया कि 10 से 19 वर्ष तक की किशोरियों को मासिक स्वच्छता हेतु सेनेटरी पैड का उपयोग करें, जिससे किशोरियों को यौन संक्रमण से बचाया जा सके।