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फर्जी वोटर आईडी पर निर्वाचन आयोग ने किया आगाह
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गोंडा। निर्वाचन आयोग की ओर से विधानसभा निर्वाचन के दौरान फर्जी फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र बनाकर दुरुपयोग किए जाने की संभावना को लेकर सतर्क किया गया है। आयोग के निर्देशों का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट मार्कंडेय शाही ने कहा है कि यदि किसी भी व्यक्ति ने ऑनलाइन या ऑफलाइन फर्जी मतदाता फोटो पहचान पत्र बनाया या जारी किया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्यवाही की जाएगी।
मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग से इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं कि कुछ लोगों द्वारा फर्जी मतदाता फोटो पहचान पत्र बनाया जा सकता है। इस पर पैनी नजर रखते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि आयोग ने स्पष्ट किया गया है कि कुछ एजेंसी या व्यक्ति फर्जी मतदाता फोटो पहचान पत्र बनाकर प्रिंटिंग किया जा सकता है। उन्होंने स्थानीय अभिसूचना इकाई तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों को सतर्क करते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी है। निर्देशित किया है कि नजर रखें तथा स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र को सक्रिय करें।
पहचान पत्र में 12 प्रकार के दस्तावेज तय
जिला निर्वाचन अधिकारी मार्कंडेय शाही ने बताया है कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को वोट डालने के लिए मतदाता पहचान पत्र के अलावा अन्य वैकल्पिक 12 प्रकार के दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज होने पर मताधिकार का प्रयोग कर सकेेंगे। बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से लिए गए निर्णय के अनुसार विधान सभा सामान्य निर्वाचन, 2022 हेतु मतदाता फोटो पहचान पत्र के विकल्प के संबंध में प्रति रूपण को रोकने की दृष्टि से मतदान के समय मतदाता को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।
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ऐसे मतदाता जो मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें पहचान स्थापित करने के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। जिसमें आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड बैंकों या डाकघरों से जारी किए गए फोटो युक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना से जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों से अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटो युक्त सेवा पहचान-पत्र, सांसदों या विधायकों अथवा विधान परिषद् सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र, यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूआईडी) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार से जारी पहचान पत्र शामिल हैं।
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मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग से इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं कि कुछ लोगों द्वारा फर्जी मतदाता फोटो पहचान पत्र बनाया जा सकता है। इस पर पैनी नजर रखते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि आयोग ने स्पष्ट किया गया है कि कुछ एजेंसी या व्यक्ति फर्जी मतदाता फोटो पहचान पत्र बनाकर प्रिंटिंग किया जा सकता है। उन्होंने स्थानीय अभिसूचना इकाई तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों को सतर्क करते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी है। निर्देशित किया है कि नजर रखें तथा स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र को सक्रिय करें।
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पहचान पत्र में 12 प्रकार के दस्तावेज तय
जिला निर्वाचन अधिकारी मार्कंडेय शाही ने बताया है कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को वोट डालने के लिए मतदाता पहचान पत्र के अलावा अन्य वैकल्पिक 12 प्रकार के दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज होने पर मताधिकार का प्रयोग कर सकेेंगे। बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से लिए गए निर्णय के अनुसार विधान सभा सामान्य निर्वाचन, 2022 हेतु मतदाता फोटो पहचान पत्र के विकल्प के संबंध में प्रति रूपण को रोकने की दृष्टि से मतदान के समय मतदाता को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।
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ऐसे मतदाता जो मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें पहचान स्थापित करने के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। जिसमें आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड बैंकों या डाकघरों से जारी किए गए फोटो युक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना से जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों से अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटो युक्त सेवा पहचान-पत्र, सांसदों या विधायकों अथवा विधान परिषद् सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र, यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूआईडी) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार से जारी पहचान पत्र शामिल हैं।