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गांवों में वायरल से दर्जनों बीमार, दो नए मरीज डेंगू वार्ड में भर्ती
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गोंडा में जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज।
- फोटो : GONDA
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गोंडा। गांवों में वायरल बुखार के साथ ही अब डेंगू का प्रकोप भी तेजी से फैलने लगा है। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों तक में बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
सोमवार को जिला अस्पताल में वायरल बुखार के साथ ही दो नए डेंगू संक्रमित मरीजों को भर्ती कराया गया। दूसरी तरफ डेंगू की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है। जांच न होने पाने के कारण ही डेंगू मरीजों की पुष्टि भी नहीं हो पा रही है।
सोमवार को खरगपुर के लक्ष्मनपुर निवासी सुधीर तिवारी व फूलकला को भी तेज बुखार व डेंगू से मिलते जुलते लक्षण के बाद जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। हालांकि जांच न हो पाने के कारण इन दोनों मरीजों में अभी तक डेंगू की पुष्टि नहीं हो पाई है।
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जिला अस्पताल की ओपीड़ी में प्रतिदिन चार सौ से पांच सौ लोग वायरल फीवर से पीड़ित हो कर इलाज के लिए आ रहे हैं। अकेले चिल्ड्रेन वार्ड में ही 21 बुखार पीड़ित बच्चे भर्ती हैं।
जिला चिकित्सालय में इतनी बड़ी संख्या में इलाज के लिए आ रहे मरीजों का उपचार करने के लिए डॉक्टरों की भारी कमी है। नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति न होने से संविदा पर रखे डॉक्टरों से इलाज कराया जा रहा है। वहीं बच्चों के डॉक्टरों की भी कमी है।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 44 पद स्वीकृत होने के बाद भी मात्र 23 डॉक्टरों की तैनाती है। ऐसे में लगातार बढ़ रही मरीजों के तादात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. घनश्याम सिंह कहते हैं कि शासन को डॉक्टरों की कमी से अवगत कराया गया है।
जब तक शासन की ओर से चिकित्सक नियुक्त नही होते यह कमी दूर नहीं हो सकेगी। उन्होंने बताया कि सभी वार्डों के बेड फुल हो चुके हैं। बुखार या अन्य लक्षणों से पीड़ित मरीजों को भी डेंगू वार्ड में ही भर्ती किया जा रहा है।
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सोमवार को जिला अस्पताल में वायरल बुखार के साथ ही दो नए डेंगू संक्रमित मरीजों को भर्ती कराया गया। दूसरी तरफ डेंगू की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है। जांच न होने पाने के कारण ही डेंगू मरीजों की पुष्टि भी नहीं हो पा रही है।
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सोमवार को खरगपुर के लक्ष्मनपुर निवासी सुधीर तिवारी व फूलकला को भी तेज बुखार व डेंगू से मिलते जुलते लक्षण के बाद जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। हालांकि जांच न हो पाने के कारण इन दोनों मरीजों में अभी तक डेंगू की पुष्टि नहीं हो पाई है।
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जिला अस्पताल की ओपीड़ी में प्रतिदिन चार सौ से पांच सौ लोग वायरल फीवर से पीड़ित हो कर इलाज के लिए आ रहे हैं। अकेले चिल्ड्रेन वार्ड में ही 21 बुखार पीड़ित बच्चे भर्ती हैं।
जिला चिकित्सालय में इतनी बड़ी संख्या में इलाज के लिए आ रहे मरीजों का उपचार करने के लिए डॉक्टरों की भारी कमी है। नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति न होने से संविदा पर रखे डॉक्टरों से इलाज कराया जा रहा है। वहीं बच्चों के डॉक्टरों की भी कमी है।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 44 पद स्वीकृत होने के बाद भी मात्र 23 डॉक्टरों की तैनाती है। ऐसे में लगातार बढ़ रही मरीजों के तादात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. घनश्याम सिंह कहते हैं कि शासन को डॉक्टरों की कमी से अवगत कराया गया है।
जब तक शासन की ओर से चिकित्सक नियुक्त नही होते यह कमी दूर नहीं हो सकेगी। उन्होंने बताया कि सभी वार्डों के बेड फुल हो चुके हैं। बुखार या अन्य लक्षणों से पीड़ित मरीजों को भी डेंगू वार्ड में ही भर्ती किया जा रहा है।