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500 करोड़ से बनी मील के पास प्रदूषण से बचाव की व्यवस्था नहीं

Sun, 03 Oct 2021 11:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Oct 2021 11:09 PM IST
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Crops getting ruined, villagers getting sick
गोंडा में मैजापुर चीनी मिल के पास खेतों में फैला मिल का कचरा। - फोटो : GONDA
गोंडा। मैजापुर चीनी मिल की चिमनी से लगातार निकलने वाले काले धुएं के साथ निकलने वाली राख अब जानलेवा होती जा रही है। पेराई सत्र के दौरान मिल 24 घंटे चलती है। ब्वॉयलर की चिमनी से लगातार धुआं निकलता रहता है।
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इसके साथ बड़े पैमाने पर काले रंग की राख उड़ती है। यह चारों ओर कई किमी में बिखर जाती है। घरों की छतों पर पड़े कपड़े इस राख से काले हो जाते हैं। वायु मंडल में फैलकर यह डस्ट सांस के साथ शरीर में पहुंच रही है। जिससे बीमारियां फैल रही हैं। मील के गंदे पानी से किसानों की फसल बर्बाद हो रही है।
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किसान महेंद्र कुमार, देवमल तिवारी, पहलाद तिवारी, चंद्र प्रकाश, राम प्रकाश तिवारी ने बताया कि मील के गंदे पानी से दो गांव गंदगी व बीमारी से प्रभावित हैं, जिसमें सिंहपुरडीहा, बिकरवा गांव के लगभग 100 घर ऐसे हैं। जहां नलों से गंदा व पीला पानी आ रहा है।
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वहीं गांवों में कैंसर का खतरा बढ़ा है जिससे अब तक आधा दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें औरतों की संख्या अधिक है। करीब 2 वर्ष के भीतर 8 लोगों की मौत हुई है जिसमें श्रीनिवास तिवारी सिंहपुर, शेष यादव सिंहपुर, छल्लू देवी सहित कालिका पुरवा व जिया पुरवा के लोग भी शामिल हैं।
गांव के अवधेश तिवारी, दुर्गेश, रामपाल, हरिओम ने बताया कि चीनी मील द्वारा आस पास कभी भी दवा का छिड़काव नहीं कराया जाता है। मील के गंदे पानी व कचरे के संबंध में जिलाधिकारी से लेकर मिल के अधिकारी से शिकायत की जा चुकी है पर सुनवाई कहीं नहीं हुई।
सिहंपुर गांव के अरविंद तिवारी ने बताया कि इस संबंध में राज्य आपदा विभाग में दस बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन किसानों की सुनने वाला कोई नहीं। अगर कोई जांच आती भी है तो इस संबंध में लेखपाल द्वारा जलभराव का हवाला देकर किसानों की समस्या को दबा दिया जाता है।
बजरंगबली तिवारी, जीतेंद्र, चंद्र प्रकाश सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि चीनीमील परिसर के अंदर से गंदा पानी रात में इंजन लगाकर मील के बगल से सटा नहर में छोड़ दिया जाता है। जो नहर के रास्ते किसानों के हजारों बीघा फसलों को बर्बाद करती है।
किसानों की सबसे बड़ी समस्या चीनी मिल द्वारा बर्बाद किए गए फसलों का है जिसका मुआवजा किसानों को दिये जाने को लेकर प्रर्दशन किया जायेगा। मील के सीजीएम से भविष्य में मील का गंदा पानी कचरा इत्यादि किसानों के खेतों में ना छोड़ा जाए व पर्यावरण की दृष्टि से मिल द्वारा उचित प्रबंध किए जाने को लेकर मील के बाहर धरना प्रदर्शन किया जायेगा।

जरूरत पड़ी तो आमरण अनशन किया जायेगा। सीएचसी अधीक्षक डाक्टर सुजीत मौर्य ने बताया कि धुंए की कालिख सांस के साथ फेफड़ों में पहुंचने पर सांस सम्बंधी बीमारी के साथ कई अन्य रोग भी हो सकते हैं।
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