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15 किलो नेपाली चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jan 2016 11:23 PM IST
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मुखबिर की सूचना पर एसएसबी के जवानों ने शनिवार देर रात पचपेड़वा थाना क्षेत्र की नेपाल सीमा के पास 15 किलोग्राम नेपाली चरस के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। बरामद चरस की बाजार में कीमत एक करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। तस्कर चरस लेकर दिल्ली जा रहे थे। दोनों तस्करों को चरस समेत अग्रिम कार्रवाई के लिए पचपेड़वा पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
रविवार को एसएसबी 50वीं वाहिनी के उप सेनानायक जनार्दन मिश्र ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शनिवार देर रात नेेपाल सीमा के निकट स्थित आजमडिहवा गांव के पास बाइक से चरस लेकर आ रहे तीन लोगों को रोका गया। जिनमें से दो लोगों को पकड़ लिया गया तथा एक युवक बाइक लेकर भाग निकला।
पकड़े गए दोनों लोगों के पास से 15 किलो नेपाली चरस बरामद हुई। तस्करों की पहचान पप्पू मनिहार निवासी ग्राम गगौली कपिलवस्तु नेपाल तथा मकसूद आलम निवासी ग्राम राजपुर बकौली कोतवाली गैसड़ी बलरामपुर के रूप में हुई है।
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पूछताछ के दौरान तस्करों ने बताया कि वह चरस भाथर चौराहे पर खड़ी लाल रंग की मारुति कार में देने जा रहे थे। कार से चरस दिल्ली ले जाई जानी थी।
इन लोगों को नेपाल से लाकर चरस भाथर चौराहे पर पहुंचाने के लिए पिपरी निवासी मुस्तफा ने 10 हजार रुपये दिए थे।
उप सेनानायक ने बताया कि पकड़े गए तस्करों को चरस समेत पचपेड़वा थाने की पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चरस की कीमत एक करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है।
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रविवार को एसएसबी 50वीं वाहिनी के उप सेनानायक जनार्दन मिश्र ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शनिवार देर रात नेेपाल सीमा के निकट स्थित आजमडिहवा गांव के पास बाइक से चरस लेकर आ रहे तीन लोगों को रोका गया। जिनमें से दो लोगों को पकड़ लिया गया तथा एक युवक बाइक लेकर भाग निकला।
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पकड़े गए दोनों लोगों के पास से 15 किलो नेपाली चरस बरामद हुई। तस्करों की पहचान पप्पू मनिहार निवासी ग्राम गगौली कपिलवस्तु नेपाल तथा मकसूद आलम निवासी ग्राम राजपुर बकौली कोतवाली गैसड़ी बलरामपुर के रूप में हुई है।
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पूछताछ के दौरान तस्करों ने बताया कि वह चरस भाथर चौराहे पर खड़ी लाल रंग की मारुति कार में देने जा रहे थे। कार से चरस दिल्ली ले जाई जानी थी।
इन लोगों को नेपाल से लाकर चरस भाथर चौराहे पर पहुंचाने के लिए पिपरी निवासी मुस्तफा ने 10 हजार रुपये दिए थे।
उप सेनानायक ने बताया कि पकड़े गए तस्करों को चरस समेत पचपेड़वा थाने की पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चरस की कीमत एक करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है।