{"_id":"59c151334f1c1b2d688b569f","slug":"91505841459-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूटी नींद, हरकत में आया रेल प्रशासन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
टूटी नींद, हरकत में आया रेल प्रशासन
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदलने लगे ट्रैक के टूटे स्लीपर
टूटी नींद, हरकत में आया रेल प्रशासन
अमर उजाला असर
करनैलगंज(गोंडा)। अमर उजाला में मंगलवार को लखनऊ रेलखंड पर 24 स्लीपर टूटे, हुक गायब खबर प्रकाशित होने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में मच गया। रेलवे के कर्मचारी स्लीपर बदलने एवं हुक लगाने के काम में जुट गए।
करनैलगंज रेलवे स्टेशन से मात्र 50 मीटर की दूरी पर ही जिस ट्रैक पर पूरे दिन में करीब पांच दर्जन से अधिक ट्रेनों को संचालन होता है। उसी ट्रैक पर लगे करीब 24 स्लीपर टूटे हुए थे और कई हुक गायब थे। जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसके बाद नींद से उठे रेलवे विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सजगता दिखानी शुरू कर दी। इसे गंभीरता से लेते हुए डीआरएम आलोक सिंह तत्काल जांच केे साथ स्लीपर बदलने एवं हुकों को लगाने के साथ-साथ लगातार कांबिंग करने के निर्देश दिए। इस पर मंगलवार की सुबह से अमल शुरु हो गया। दर्जनों रेल कर्मी सुबह से ही स्लीपरों को बदलने के साथ ही हुक को लगाने में जुट गये। तेजी से कार्य प्रारम्भ कर दिया गया। मंडल रेलवे जन सम्पर्क अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि जानकारी होने के बाद उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल स्लीपर बदलने व हुकों को दुरुस्त कराने के निर्देश विभाग द्वारा जारी किए गये हैं। साथ ही लगातार मानीटरिंग कराने के भी कड़े निर्देश दिए गये हैं।
फोटो-11
विज्ञापन
टूटी नींद, हरकत में आया रेल प्रशासन
अमर उजाला असर
करनैलगंज(गोंडा)। अमर उजाला में मंगलवार को लखनऊ रेलखंड पर 24 स्लीपर टूटे, हुक गायब खबर प्रकाशित होने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में मच गया। रेलवे के कर्मचारी स्लीपर बदलने एवं हुक लगाने के काम में जुट गए।
करनैलगंज रेलवे स्टेशन से मात्र 50 मीटर की दूरी पर ही जिस ट्रैक पर पूरे दिन में करीब पांच दर्जन से अधिक ट्रेनों को संचालन होता है। उसी ट्रैक पर लगे करीब 24 स्लीपर टूटे हुए थे और कई हुक गायब थे। जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसके बाद नींद से उठे रेलवे विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सजगता दिखानी शुरू कर दी। इसे गंभीरता से लेते हुए डीआरएम आलोक सिंह तत्काल जांच केे साथ स्लीपर बदलने एवं हुकों को लगाने के साथ-साथ लगातार कांबिंग करने के निर्देश दिए। इस पर मंगलवार की सुबह से अमल शुरु हो गया। दर्जनों रेल कर्मी सुबह से ही स्लीपरों को बदलने के साथ ही हुक को लगाने में जुट गये। तेजी से कार्य प्रारम्भ कर दिया गया। मंडल रेलवे जन सम्पर्क अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि जानकारी होने के बाद उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल स्लीपर बदलने व हुकों को दुरुस्त कराने के निर्देश विभाग द्वारा जारी किए गये हैं। साथ ही लगातार मानीटरिंग कराने के भी कड़े निर्देश दिए गये हैं।
विज्ञापन
फोटो-11