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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 7 लाख ठगे
amar ujala
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:36 PM IST
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थाना क्षेत्र के बनघुसरा गांव के रहने वाले युवक को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक जालसाज ने 7 लाख रुपये ठग लिए। आरोप है कि जालसाजों ने उसे दो साल तक दौड़ाने के बाद रेलवे का फर्जी कॉल लेटर थमा दिया। इस मामले में ठगी के शिकार युवक के पिता ने खोड़ारे थाने में एक महिला समेत तीन आरोपियों के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
खोड़ारे थाना क्षेत्र के बनघुसरा गांव के रहने वाले राम कोमल के मुताबिक उसके बेटे राजकुमार का अपने पड़ोसी गांव अल्लीपुर के रहने वाले राजेंद्र मौर्या के घर आना जाना था। राजेंद्र के घर पर ही बस्ती जिले के पैकोलिया थाना क्षेत्र के बेलसर डड़िवा का रहने वाला हरिभान भी आता जाता था।
वहीं पर राजकुमार व हरिभान की आपस में पहचान हो गई। इसके बाद हरिभान राजकुमार के घर भी आने जाने लगा। रामकोमल का कहना है कि वर्ष 2013 में हरिभान ने अपनी बहन लक्ष्मी व बस्ती जिले के ही गौर थाना क्षेत्र के बभनगांव के रहने वाले रामपाल के साथ मिलकर उसके बेटे राजकुमार को रेलवे में टीसी की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे दो लाख रुपये ले लिए।
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इसके बाद राजकुमार नौकरी के लिए हरिभान के पीछे दौड़ता रहा। दो वर्ष बाद 2015 में हरिभान ने कॉल लेटर दिलाने का झांसा देकर उससे पांच लाख रुपये और मांगे। रामकोमल ने बताया कि रुपयों का इंतजाम करने के लिए उसने अपनी जमीन व बाग बेचकर हरिभान को पांच लाख रुपये दे दिए।
रामकोमल का आरोप है कि कुछ दिन बाद हरिभान ने उसके बेटे के नाम से कॉल लेटर भेजकर उसे रामपाल के साथ कोलकाता भेज दिया। रामपाल कोलकाता में राजकुमार को दो महीने तक इधर उधर टहलाता रहा। दो माह बाद राजकुमार किसी तरह से इस कॅाल लेटर को लेकर जब रेलवे के आफिस पहुंचा तो वहां कॉल लेटर फर्जी होने का पता चला।
इसके बाद उसे अपने ठगे जाने का एहसास हुआ और वह किसी तरह से अपने गांव लौट आया। रामकोमल का आरोप है कि उसने हरिभान से कई बार अपने रुपये वापस लौटाने की मांग की लेकिन वह हर बार उसे झांसा देकर टरकाता रहा। इस मामले में रामकोमल ने सोमवार को खोंडारे थाने में आरोपी हरिभान,लक्ष्मी व रामपाल के खिलाफ जालसाजी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष पवन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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खोड़ारे थाना क्षेत्र के बनघुसरा गांव के रहने वाले राम कोमल के मुताबिक उसके बेटे राजकुमार का अपने पड़ोसी गांव अल्लीपुर के रहने वाले राजेंद्र मौर्या के घर आना जाना था। राजेंद्र के घर पर ही बस्ती जिले के पैकोलिया थाना क्षेत्र के बेलसर डड़िवा का रहने वाला हरिभान भी आता जाता था।
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वहीं पर राजकुमार व हरिभान की आपस में पहचान हो गई। इसके बाद हरिभान राजकुमार के घर भी आने जाने लगा। रामकोमल का कहना है कि वर्ष 2013 में हरिभान ने अपनी बहन लक्ष्मी व बस्ती जिले के ही गौर थाना क्षेत्र के बभनगांव के रहने वाले रामपाल के साथ मिलकर उसके बेटे राजकुमार को रेलवे में टीसी की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे दो लाख रुपये ले लिए।
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इसके बाद राजकुमार नौकरी के लिए हरिभान के पीछे दौड़ता रहा। दो वर्ष बाद 2015 में हरिभान ने कॉल लेटर दिलाने का झांसा देकर उससे पांच लाख रुपये और मांगे। रामकोमल ने बताया कि रुपयों का इंतजाम करने के लिए उसने अपनी जमीन व बाग बेचकर हरिभान को पांच लाख रुपये दे दिए।
रामकोमल का आरोप है कि कुछ दिन बाद हरिभान ने उसके बेटे के नाम से कॉल लेटर भेजकर उसे रामपाल के साथ कोलकाता भेज दिया। रामपाल कोलकाता में राजकुमार को दो महीने तक इधर उधर टहलाता रहा। दो माह बाद राजकुमार किसी तरह से इस कॅाल लेटर को लेकर जब रेलवे के आफिस पहुंचा तो वहां कॉल लेटर फर्जी होने का पता चला।
इसके बाद उसे अपने ठगे जाने का एहसास हुआ और वह किसी तरह से अपने गांव लौट आया। रामकोमल का आरोप है कि उसने हरिभान से कई बार अपने रुपये वापस लौटाने की मांग की लेकिन वह हर बार उसे झांसा देकर टरकाता रहा। इस मामले में रामकोमल ने सोमवार को खोंडारे थाने में आरोपी हरिभान,लक्ष्मी व रामपाल के खिलाफ जालसाजी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष पवन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।