{"_id":"5c97c326bdec22143d397339","slug":"21553449766-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय फूल का चिन्ह हटाने की कवायद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय फूल का चिन्ह हटाने की कवायद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी स्कूलों से कमल के फूल का चिह्न हटाने का आदेश
गोंडा। आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के लिए राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिह्न को सरकारी दफ्तरों व स्कूलों से हटाने के साथ ही निगरानी बढ़ा दी गई है।
जिले के दो हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में बच्चों को राष्ट्रीय फूल का ज्ञान कराने के लिए बनाया गया कमल का फूल चूंकि भाजपा का चुनाव चिह्न है, इस वजह से पुताई कराकर इसे हटाया जा रहा है।
ताकि मतदान केंद्र बने इन स्कूलों में आने वाले वोटरों को ये चुनाव चिह्न न दिखे। बीएसए मनिराम सिंह का कहना है कि चुनाव आचार संहिता का पालन कराने के लिए स्कूलों से कमल के फूल का निशान हटाने के निर्देश दे दिए हैं। कमल के फूल पर पुताई कराई जा रही है।
विज्ञापन
हाल ही में अभियान चलाकर बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों का कायाकल्प हुआ है और ऐसे चित्र बनवाए गए हैं जो पढ़ाई में जरूरी हैं। इसी क्रम में बच्चों को राष्ट्रीय फूल की पहचान कराने के उद्देश्य से करीब दो हजार परिषदीय स्कूलों में कमल का फूल बनाया गया था।
चूंकि कमल का फूल भाजपा का चुनाव चिह्न भी है, ऐसे में अब दो महीने के लिए स्कूलों से इसका चित्र हटाना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग को कमल का फूल हटाने के आदेश दिए गए हैं।
साथ ही चुनाव चिह्नों के बारे में कोई चर्चा भी नहीं करनी है। पाठ्यक्रमों में कई ऐसे पाठ हैं जिनमें विभिन्न दलों के चुनाव चिह्न शामिल हैं। अभी तो फिलहाल परीक्षा हो रही है लेकिन अप्रैल से शुरू हो रहे नए सत्र में भी आदर्श आचार संहिता को ध्यान में रखने पर पूरा जोर है।
कई स्कूलों में चुनाव निशानों से जुड़े चिह्न को हटाने, ढंकने या पोतने की कवायद शुरू हो गई है। मतदान केंद्र बनाए गए कई परिषदीय स्कूलाें का अधिकारियों ने निरीक्षण कर कमल के फूल का निशान हटाने के निर्देश भी दिए हैं।
बीएसए मनिराम सिंह का कहना है कि चुनाव आचार संहिता का पालन किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराया जा रहा है। स्कूलों से कमल के फूल का निशान हटाने के निर्देश दे दिए हैं। कमल के फूल पर पुताई कराई जा रही है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी रत्नाकर मिश्र का कहना है कि आदर्श आचार संहिता का पालन सख्ती से कराने के लिए सभी विभागाध्यक्षों को आदेश दिए गए हैं और फीडबैक भी ली जा रही है।
हर स्तर से निगरानी की जा रही है। सरकारी स्कूलों में कमल के फूल का निशान पोतवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदान केंद्र बनने पर वहां वोटरों को कमल का फूल न दिखे।
विज्ञापन
गोंडा। आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के लिए राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिह्न को सरकारी दफ्तरों व स्कूलों से हटाने के साथ ही निगरानी बढ़ा दी गई है।
जिले के दो हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में बच्चों को राष्ट्रीय फूल का ज्ञान कराने के लिए बनाया गया कमल का फूल चूंकि भाजपा का चुनाव चिह्न है, इस वजह से पुताई कराकर इसे हटाया जा रहा है।
विज्ञापन
ताकि मतदान केंद्र बने इन स्कूलों में आने वाले वोटरों को ये चुनाव चिह्न न दिखे। बीएसए मनिराम सिंह का कहना है कि चुनाव आचार संहिता का पालन कराने के लिए स्कूलों से कमल के फूल का निशान हटाने के निर्देश दे दिए हैं। कमल के फूल पर पुताई कराई जा रही है।
विज्ञापन
हाल ही में अभियान चलाकर बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों का कायाकल्प हुआ है और ऐसे चित्र बनवाए गए हैं जो पढ़ाई में जरूरी हैं। इसी क्रम में बच्चों को राष्ट्रीय फूल की पहचान कराने के उद्देश्य से करीब दो हजार परिषदीय स्कूलों में कमल का फूल बनाया गया था।
चूंकि कमल का फूल भाजपा का चुनाव चिह्न भी है, ऐसे में अब दो महीने के लिए स्कूलों से इसका चित्र हटाना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग को कमल का फूल हटाने के आदेश दिए गए हैं।
साथ ही चुनाव चिह्नों के बारे में कोई चर्चा भी नहीं करनी है। पाठ्यक्रमों में कई ऐसे पाठ हैं जिनमें विभिन्न दलों के चुनाव चिह्न शामिल हैं। अभी तो फिलहाल परीक्षा हो रही है लेकिन अप्रैल से शुरू हो रहे नए सत्र में भी आदर्श आचार संहिता को ध्यान में रखने पर पूरा जोर है।
कई स्कूलों में चुनाव निशानों से जुड़े चिह्न को हटाने, ढंकने या पोतने की कवायद शुरू हो गई है। मतदान केंद्र बनाए गए कई परिषदीय स्कूलाें का अधिकारियों ने निरीक्षण कर कमल के फूल का निशान हटाने के निर्देश भी दिए हैं।
बीएसए मनिराम सिंह का कहना है कि चुनाव आचार संहिता का पालन किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराया जा रहा है। स्कूलों से कमल के फूल का निशान हटाने के निर्देश दे दिए हैं। कमल के फूल पर पुताई कराई जा रही है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी रत्नाकर मिश्र का कहना है कि आदर्श आचार संहिता का पालन सख्ती से कराने के लिए सभी विभागाध्यक्षों को आदेश दिए गए हैं और फीडबैक भी ली जा रही है।
हर स्तर से निगरानी की जा रही है। सरकारी स्कूलों में कमल के फूल का निशान पोतवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदान केंद्र बनने पर वहां वोटरों को कमल का फूल न दिखे।