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बिना सूचना के कम बोली पर सब्जी मण्डी के कैन्टीन का दे दिया ठेका
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:16 PM IST
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चहेतों को चुपचाप दे दिया कैंटीन का ठेका
गोंडा। मंडी समिति गोंडा ने कम बोली पर चहेतों को चुपचाप कैंटीन का ठेका दे दिया। तीन से साढ़े तीन लाख रुपये तक उठने वाली इस कैंटीन को मंडी समिति ने सिर्फ 75 हजार रुपये में दे दिया। इस खेल की जानकारी होने पर लोगों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से की है।
नगर से सटे गोंडा-उतरौला रोड पर स्थित नवीन फल/सब्जी मण्डी में लोगों के जल पान व नाश्ते के लिए कैंटीन का निर्माण कराया गया था। इस कैंटीन का दो बार ठेका उठा लेकिन कुछ दिन बाद यह कैंटीन मण्डी में अव्यवस्था के चलते बंद हो गई।
लोगों के बार बार शिकायत करने पर इस बार मंडी समिति ने कैंटीन संचालन के लिए टेंडर निकाला। टेण्डर प्रक्रिया के लिए कई बार तारीख निर्धारित कर उसे निरस्त किया। फिर एक दिन कुछ लोगों के आवेदन लेकर बोली लगवा कर ठेका करा दिया।
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इस मामले की जब लोगों को जानकारी हुई तो इस मामले की जांच कराने व टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है। नगर के कटहरिया मोहल्ला निवासी मोहम्मद इरशाद ने कैन्टीन के टेंडर घपले की शिकायत सीएम के जन सुनवाई पोर्टल पर करने के साथ जिलाधिकारी से की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मण्डी सचिव व कुछ कर्मचारियों ने साठगांठ कर कम रेट पर गुपचुप तरीके से बोली लगवा दी है। जबकि पिछले बार की लगी बोली से 10 प्रतिशत सालाना अधिक की बोली लगनी चाहिए।
इस मामले में कृषि उत्पादन मण्डी समिति के सचिव अजीत चौधरी का कहना है कि टेंडर की सूचना दी गई थी जो लोग आए, उन लोगों ने आवेदन किया। कैंटीन की अधिकतम बोली 75 हजार लगी इसकी फाइल जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
इनसेट
कैन्टीन का कब कितने में उठा ठेका
वर्ष 2016-17 3.60 लाख रुपये
वर्ष 2017-18 2.90 लाख रुपये
वर्ष 2018-19 75 हजार रुपये
इनसेट
मण्डी समिति ने कैंटीन के टेंडर नीलामी का सूचना दी थी। 27 मार्च से छह अप्रैल तक आवेदन मांगा गया था। तीन लोगों ने बोली लगाई थी। अधिकतम बोली 75 हजार रुपये रही। मामले की फाइल डीएम को भेजी गई है। पिछले सालों की अपेक्षा बहुत कम की बोली लगी है ऐसे में इस टेंडर को निरस्त ही होना है।
- पीडी गुप्ता, सभापति /नगर मजिस्ट्रेट कृषि उत्पादन मण्डी
गोंडा। मंडी समिति गोंडा ने कम बोली पर चहेतों को चुपचाप कैंटीन का ठेका दे दिया। तीन से साढ़े तीन लाख रुपये तक उठने वाली इस कैंटीन को मंडी समिति ने सिर्फ 75 हजार रुपये में दे दिया। इस खेल की जानकारी होने पर लोगों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से की है।
नगर से सटे गोंडा-उतरौला रोड पर स्थित नवीन फल/सब्जी मण्डी में लोगों के जल पान व नाश्ते के लिए कैंटीन का निर्माण कराया गया था। इस कैंटीन का दो बार ठेका उठा लेकिन कुछ दिन बाद यह कैंटीन मण्डी में अव्यवस्था के चलते बंद हो गई।
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लोगों के बार बार शिकायत करने पर इस बार मंडी समिति ने कैंटीन संचालन के लिए टेंडर निकाला। टेण्डर प्रक्रिया के लिए कई बार तारीख निर्धारित कर उसे निरस्त किया। फिर एक दिन कुछ लोगों के आवेदन लेकर बोली लगवा कर ठेका करा दिया।
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इस मामले की जब लोगों को जानकारी हुई तो इस मामले की जांच कराने व टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है। नगर के कटहरिया मोहल्ला निवासी मोहम्मद इरशाद ने कैन्टीन के टेंडर घपले की शिकायत सीएम के जन सुनवाई पोर्टल पर करने के साथ जिलाधिकारी से की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मण्डी सचिव व कुछ कर्मचारियों ने साठगांठ कर कम रेट पर गुपचुप तरीके से बोली लगवा दी है। जबकि पिछले बार की लगी बोली से 10 प्रतिशत सालाना अधिक की बोली लगनी चाहिए।
इस मामले में कृषि उत्पादन मण्डी समिति के सचिव अजीत चौधरी का कहना है कि टेंडर की सूचना दी गई थी जो लोग आए, उन लोगों ने आवेदन किया। कैंटीन की अधिकतम बोली 75 हजार लगी इसकी फाइल जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
इनसेट
कैन्टीन का कब कितने में उठा ठेका
वर्ष 2016-17 3.60 लाख रुपये
वर्ष 2017-18 2.90 लाख रुपये
वर्ष 2018-19 75 हजार रुपये
इनसेट
मण्डी समिति ने कैंटीन के टेंडर नीलामी का सूचना दी थी। 27 मार्च से छह अप्रैल तक आवेदन मांगा गया था। तीन लोगों ने बोली लगाई थी। अधिकतम बोली 75 हजार रुपये रही। मामले की फाइल डीएम को भेजी गई है। पिछले सालों की अपेक्षा बहुत कम की बोली लगी है ऐसे में इस टेंडर को निरस्त ही होना है।
- पीडी गुप्ता, सभापति /नगर मजिस्ट्रेट कृषि उत्पादन मण्डी