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लोन की फाइल पास करने को मांगी 20 हजार की रिश्वत
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:32 PM IST
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सहायक प्रबंधक पर 20 हजार घूस मांगने का आरोप
गोंडा। अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के दफ्तर में फाइल पास करने के लिए आवेदक ने सहायक प्रबंधक पर 20 हजार घूस मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की है। वहीं सहायक प्रबंधक ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
रकाबगंज मोहल्ले के रहने वाले मनोज कुमार के मुताबिक लांड्री लगाने के लिए उसने वर्ष 2016 में समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम लिमिटेड में लोन के लिए आवेदन किया था।
पिछले वर्ष उसकी फाइल पास भी हो गई थी मगर बजट के अभाव में उसे लोन नहीं दिया गया। इस वर्ष उसने फिर से लोन के लिए आवेदन किया है। मनोज ने बताया कि फाइल की सारी औपचारिकताएं वह पूरी कर चुका है मगर सहायक प्रबंधक श्रवण कुमार जायसवाल फाइल को पास करने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
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मनोज ने बताया कि वह सहायक प्रबंधक को दस हजार रुपये दे चुका है। बावजूद इसके सहायक प्रबंधक फाइल को आगे नही बढ़ा रहे हैं। आरोप है कि वह बाकी के दस हजार रुपये की मांग पूरी होने पर फाइल को पास करने की बात कह रहे हैं।
मनोज ने मंगलवार को इस मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से करते हुए सहायक प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वही सहायक प्रबंधक श्रवण कुमार जायसवाल का कहना है कि फाइल में किराए नामे का एग्रीमेंट नहीं हो पाया है, इसलिए फाइल रुकी हुई है। रुपये लेने या मांगे जाने का आरोप बेबुनियाद है।
गोंडा। अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के दफ्तर में फाइल पास करने के लिए आवेदक ने सहायक प्रबंधक पर 20 हजार घूस मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की है। वहीं सहायक प्रबंधक ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
रकाबगंज मोहल्ले के रहने वाले मनोज कुमार के मुताबिक लांड्री लगाने के लिए उसने वर्ष 2016 में समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम लिमिटेड में लोन के लिए आवेदन किया था।
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पिछले वर्ष उसकी फाइल पास भी हो गई थी मगर बजट के अभाव में उसे लोन नहीं दिया गया। इस वर्ष उसने फिर से लोन के लिए आवेदन किया है। मनोज ने बताया कि फाइल की सारी औपचारिकताएं वह पूरी कर चुका है मगर सहायक प्रबंधक श्रवण कुमार जायसवाल फाइल को पास करने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
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मनोज ने बताया कि वह सहायक प्रबंधक को दस हजार रुपये दे चुका है। बावजूद इसके सहायक प्रबंधक फाइल को आगे नही बढ़ा रहे हैं। आरोप है कि वह बाकी के दस हजार रुपये की मांग पूरी होने पर फाइल को पास करने की बात कह रहे हैं।
मनोज ने मंगलवार को इस मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से करते हुए सहायक प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वही सहायक प्रबंधक श्रवण कुमार जायसवाल का कहना है कि फाइल में किराए नामे का एग्रीमेंट नहीं हो पाया है, इसलिए फाइल रुकी हुई है। रुपये लेने या मांगे जाने का आरोप बेबुनियाद है।