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पंचायत का तुगलकी फरमान-रेप पीड़िता व उसके परिवार का किया बहिष्कार
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:49 PM IST
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रेप पीड़िता व परिवारीजनों का हुक्का-पानी बंद
नवाबगंज। जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रेप पीड़िता व उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का मामला सामने आया है। गांव में बैठी पंचायत ने पीड़िता व उसके परिवार का बहिष्कार का फरमान सुनाया है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
फरमान के मुताबिक पीड़िता का निकाह करने के बाद उसके परिवार वालों को फकीरों को भोजन भी कराना होगा तब उन्हें समाज में शामिल किया जाएगा। गांव में बहिष्कृत होने के बाद रेप पीड़िता मंगलवार को अपनी मां के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंची और उन्हें पूरी घटना बताई। डीआईजी ने नवाबगंज पुलिस को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला के मुताबिक उसकी 18 वर्षीया बेटी के साथ गांव का ही एक युवक निकाह करने का झांसा देकर दुराचार करता रहा। गर्भवती होने पर जब उसने युवक पर निकाह करने का दबाव बनाया तो युवक के परिवार वालों ने गर्भ के दौरान निकाह को नाजायज बताते हुए गर्भपात करा दिया।
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इसके बाद निकाह से इंकार करते हुए युवती की अश्लील फोटो वायरल कर उसे बदनाम करने व मुंह बंद रखने की धमकी दी गई। पिछले साल 13 अक्तूबर को युवती अपनी मां के साथ नवाबगंज थाने पहुंची और आरोपी युवक व उसके परिवार वालों के खिलाफ तहरीर दे दी।
महिला का कहना है कि थाने पर मामला ले जाने से नाराज गांव के लोगों ने पंचायत बैठाई और उसे व उसकी बेटी को पंचायत में बुलाया गया। पंचायत में पंचों के साथ गांव के कई अन्य लोगों ने इस घटना के लिए उसकी बेटी को ही दोषी ठहराया और बेटी समेत उसके परिवार का बहिष्कार किए जाने का फरमान सुना दिया।
महिला का आरोप है कि पंचायत में उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया और कहा कि बेटी का निकाह करने के बाद फकीरों को भोजन कराने के बाद ही उसके परिवार को दोबारा समाज में शामिल किया जाएगा।
करीब तीन माह से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रही पीड़िता का सब्र मंगलवार को जवाब दे गया। वह अपनी मां के साथ देवी पाटन मंडल के डीआईजी अनिल कुमार राय के कार्यालय पहुंची और पूरी घटना बताई।
बहिष्कार करने वाले पंचों के नाम भी उसने डीआईजी को बताया। डीआईजी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नवाबगंज पुलिस को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एसओ नवाबगंज मनोज कुमार सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नवाबगंज। जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रेप पीड़िता व उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का मामला सामने आया है। गांव में बैठी पंचायत ने पीड़िता व उसके परिवार का बहिष्कार का फरमान सुनाया है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
फरमान के मुताबिक पीड़िता का निकाह करने के बाद उसके परिवार वालों को फकीरों को भोजन भी कराना होगा तब उन्हें समाज में शामिल किया जाएगा। गांव में बहिष्कृत होने के बाद रेप पीड़िता मंगलवार को अपनी मां के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंची और उन्हें पूरी घटना बताई। डीआईजी ने नवाबगंज पुलिस को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला के मुताबिक उसकी 18 वर्षीया बेटी के साथ गांव का ही एक युवक निकाह करने का झांसा देकर दुराचार करता रहा। गर्भवती होने पर जब उसने युवक पर निकाह करने का दबाव बनाया तो युवक के परिवार वालों ने गर्भ के दौरान निकाह को नाजायज बताते हुए गर्भपात करा दिया।
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इसके बाद निकाह से इंकार करते हुए युवती की अश्लील फोटो वायरल कर उसे बदनाम करने व मुंह बंद रखने की धमकी दी गई। पिछले साल 13 अक्तूबर को युवती अपनी मां के साथ नवाबगंज थाने पहुंची और आरोपी युवक व उसके परिवार वालों के खिलाफ तहरीर दे दी।
महिला का कहना है कि थाने पर मामला ले जाने से नाराज गांव के लोगों ने पंचायत बैठाई और उसे व उसकी बेटी को पंचायत में बुलाया गया। पंचायत में पंचों के साथ गांव के कई अन्य लोगों ने इस घटना के लिए उसकी बेटी को ही दोषी ठहराया और बेटी समेत उसके परिवार का बहिष्कार किए जाने का फरमान सुना दिया।
महिला का आरोप है कि पंचायत में उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया और कहा कि बेटी का निकाह करने के बाद फकीरों को भोजन कराने के बाद ही उसके परिवार को दोबारा समाज में शामिल किया जाएगा।
करीब तीन माह से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रही पीड़िता का सब्र मंगलवार को जवाब दे गया। वह अपनी मां के साथ देवी पाटन मंडल के डीआईजी अनिल कुमार राय के कार्यालय पहुंची और पूरी घटना बताई।
बहिष्कार करने वाले पंचों के नाम भी उसने डीआईजी को बताया। डीआईजी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नवाबगंज पुलिस को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एसओ नवाबगंज मनोज कुमार सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।