फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   फर्जी बिल बाउचर पर किया 20 लाख रुपये का भुगतान

फर्जी बिल बाउचर पर किया 20 लाख रुपये का भुगतान

Thu, 21 Dec 2017 09:17 PM IST
Updated Thu, 21 Dec 2017 09:17 PM IST
विज्ञापन
फर्जी बिल बाउचर पर किया 20 लाख रुपये का भुगतान

विज्ञापन
फर्जी बिल बाउचर पर किया 20 लाख रुपये का भुगतान

गोंडा। सर्व शिक्षा अभियान में दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित एक्सीलिरेटेड कैंपों में भोजन, दवा व साफ सफाई के मद में बिना बिलों का सत्यापन किए 4.33 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। दवाओं की अग्रिम खरीद के लिए मेडिकल स्टोर के फर्जी बिल बाउचर लगा दिए गए।

इसके अलावा विभागीय अफसरों के भ्रमण के लिए किराए पर लिए गए वाहनों की तीन फर्मो को उनके बिलों का सत्यापन किए बगैर ही 2.13 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। सालाना आडिट में करीब 20 लाख रुपये का अनियमित भुगतान किए जाने का खुलासा हुआ है। इस अनियमित भुगतान को लेकर वित्त नियंत्रक ने सर्व शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी से जवाब मांगा है।
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले नौनिहालों को संसाधन मुहैया कराए जाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान की तरफ से करोडों रुपये की भारी भरकम धनराशि का आवंटन किया जाता है। वर्ष के अंत में इन खर्चो का हिसाब किताब परखने के लिए आडिट कराई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्तीय वर्ष 2015-16 व 2016-17 के खर्चों का लेखाजोखा तैयार करने के लिए दिसंबर 2016 में आडिट कराई गई थी। इस आडिट रिपोर्ट में दोनो वित्तीय वर्षों में फर्जी बिल बाउचर के जरिए करीब 20 लाख रुपये का अनियमित भुगतान किए जाने का खुलासा हुआ है।

आडिट रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2015-16 व 2016-17 में दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए करनैलगंज में दो एक्सीलिरेटेड कैंपों का संचालन किया गया था। इन कैंपों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने में 4.33 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। तगर इनके भुगतान के लिए जो बिल बाउचर लगाए गए उनका सत्यापन नही किया गया।

इन बिलों पर न तो दिनांक अंकित है और न ही विकेता के हस्ताक्षर हैं। इसी तरह से करनैलगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय बालकरामपुरवा में संचालित कैंप में बच्चें की आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था व साफ सफाई के मद में आवंटित की गई धनराशि को फर्जी बिल लगाकर समायोजित कर दिया गया।

आरईएमएस मद में जिले के 17 विकासखंडों में 1,91,250 रुपये की धनराशि भेजी गई थी मगर इसक े खर्चे के बिल बाउचर परियोजना कार्यालय को नही उपलब्ध कराया गया। वथित्तीय वर्ष 2015-16 में किराये पर वाहन संचालित करने वाली तीन फर्मों कृष्णनाथ पांडेय को 62286,मे वीके कान्संट्रक्सन को 137700 व मि अमित को 13992 रुपये समेत 213978 रुपये का भुगतान बिना बिल के सत्यापन के कर दिया गया।

बिलों पर चेक संख्या व दिनांक आदि भी नहीं लिखा गया। इसके अलावा सिंह ट्रेडर्स नाम की फर्म को बिना बिल के 31 मार्च 2016 को चेक के माध्यम से 12,20,759 का भुगतान कर दिया गया। परियोजना कार्यालय के वित्त नियंत्रक/मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी अश्वनी कुमार सिंह ने इस अनियमित भुगतान को लेकर सर्व शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी से जवाब मांगा है।

रिपोर्ट कार्ड के भुगतान में भी गोलमाल
गोंडा। पिछले शैक्षिक सत्र में परिषदीय स्कूलों के नौनिहालों को रिपोर्ट कार्ड देने के लिए मार्च 2016 को 11,74,494 रुपये का आवंटन किया गया था। रिपोर्ट कार्ड की छपाई में लगने वाली धनराशि का भुगतान दो बिलों के बिना बिलों का सत्यापन किए कर दिया गया।

पहला बिल 8,89,466 रुपये का व दूसरा बिल 2,12,632 रुपये समेत कुल 11,02,098 रुपये के भुगतान का बिल परियोजना कार्यालय को भेजा गया । परीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि सत्यापन में रिपोर्ट कार्ड की प्राप्ति एंव स्टाक इंट्री प्रक्रिया का पालन नही किया गया।


ऑडिट रिपोर्ट में इन खर्चों पर जताई आपत्ति
1-आरईएमएस मद में 191250 रुपये का भुगतान
2-किराए पर वाहन चलाने वाली तीन फर्मा को 213978 रुपये का भुगतान
3-बिना बिल के सिंह ट्रेडर्स को किए गए 1220759 रुपये का भुगतान
4-एएलसी कैंप प्रथम में 142735 रुपये का भुगतान
5-एएलसी द्वितीय में 291030 रुपये का भुगतान
6-रिपोर्ट कार्ड के लिए किया गया भुगतान

ऑडिट में जिन भुगतानों पर आपत्ति जताई गई है उसका परीक्षण कराया जा रहा है। भुगतान लेनी वाली फर्मों के बिल बाउचर की जांच की जा रही है। अगर किसी फर्म को गलत बिल बाउचर पर भुगतान किया गया है तो संबधित से भुगतान की गई धनराशि की वसूली की जायेगी।
डा रमेश चंद्र चौबे, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed